जिला अस्पताल बना दिन दहाड़ें गरीबों को लूटने का अड्डा

जिला अस्पताल बना दिन दहाड़ें गरीबों को लूटने का अड्डा

बघौली,हरदोई

ग्राम मसीत के रहने वाले अतुल सिंह,एंव माँ नीलम सिंह जिला अस्पताल को मसीत से भीषण गर्मी में यह सोचकर अपने बच्चे को लेकर गई थी ,कि जिला अस्पताल में मुफ्त में दवा मिलेगी लेकिन जब जिलाअस्पताल में डॉक्टर को दिखाया

तो सामान्य चोट थी उसने 670 की दवा लिखी और कहा यहाँ अच्छी दवा नही है योगी सरकार में अस्पतालों में दवा सप्लाई बंद कर दी गई है अगर आपको अच्छी दवा लेनी है तो लीला मेडिकल स्टोर पर जाके ले लो और पर्ची बना दी पर्ची में लिखी भाषा हरदोई के अधिकांश मेडिकल वाले पढ़ने में अछम दिखे थकहारकर बच्चा और माँ लीला मेडिकल पर आए

तो उसने 680 रुपये देने को कहा तो नीलम के पास इतने पैसे नही थे बेचारी गाँव बिना दवा के ही लौट आई वही पर्ची लेकर महिला वीरपाल मेडिकल पर गई तो उसी फार्मूले की फार्मासिस्ट वीरपाल सिंह और डॉक्टर प्रमोद यादव  लखनऊ ने 180 रुपये की दी,

और दवा पर सरकारी डॉक्टर के कमीशन लेकर दवा लिखने की पुष्टि उस पर्ची की राइटिंग से हो रही है जिसे लीला मेडिकल स्टोर के मालिक के अलावा लिखने वाला डॉक्टर ही पढ़ सकता है अगर सरकार ऐसे अपराधों पर लगाम नही लगा पाई तो जनता की नजरों में सरकार पर से विश्वास उठ जाएगा।

क्योंकि अधिकारी शिकायतों का फर्जी निस्तारण कर रहे है और गरीबों से हर जगह अवैध वसूली घूसखोरी बैंकों में बेरोजगारों को मुद्रा लोन, पेंशन ,आवास ,दाखिल खारिज व्यवसायिक भूमि कराने के नाम पर घूसखोरी से लेकर बिजली विभाग में कनेक्शन या बिल सही करने के नाम पर अवैध वसूली हो रही है जिससेग्रामीण जनता त्रस्त होती जा रही है ,जिस पर लगाम लगाने में सछम न होने पर दबे मुँह प्रदेश के मुखिया के खिलाफ जनता के बगावती तेवर बढ़ते जा रहे है

किसानों की हरी भरी फसलो पर जिस तरह घुमंतू आवारा जानवर तबाह कर रहे है जिससे किसान अपने सामने अपनी फसल को बर्बाद होते देख आत्महत्या करने की सोचने लगे है और चर्चाएं इस कदर बढ़ गई है कि राजतंत्र के विरोध में कोई बोलने को तैयार नही है लेकिन ग्रामीण किसान आज अपने ही प्रदेश मे घुटन महसूस करने लगे है।

 

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