प्रोटीन शरीर का निर्माण करने वाले तत्वों में सबसे महत्वपूर्ण है

 प्रोटीन शरीर का निर्माण करने वाले तत्वों में सबसे महत्वपूर्ण है

प्रोटीन सबसे महत्वपूर्ण माइक्रो न्यूट्रिएंट्स में से एक है, जो शरीर के ठीक प्रकार से कार्य करने के लिए जरूरी है। प्रोटीन शरीर का निर्माण करने वाले तत्वों में सबसे महत्वपूर्ण है।

इसे हमारी मांसपेशियों का भोजन कहा जाता है। लेकिन जब मांसपेशियों को आवश्यकता से अधिक भोजन खिलाया जाता है, तो उसका दुष्प्रभाव भी दिख सकता है। हमारे शरीर को कितना प्रोटीन चाहिए और उसकी पूर्ति कैसे करें, इसकी जानकारी दे रही हैं  

वजन कम करने में सहायक
प्रोटीन के पाचन में अधिक समय लगता है। इसका सीधा अर्थ है कि इस प्रक्रिया में ज्यादा कैलरी बर्न होती है। यह देर तक पेट भरा होने का एहसास दिलाता है। अगर आप अपने भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देंगे और वसा की मात्रा कम कर देंगे, तो वजन कम करने में सहायता मिलेगी। 

हड्डियों और ऊतकों को रखे स्वस्थ
प्रोटीन हृदय और फेफड़ों के ऊतकों को भी स्वस्थ रखता है। ऊतकों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के अलावा हड्डियों, लिगामेंट्स, टेंडन और दूसरे संयोजी ऊतकों को स्वस्थ रखने के लिए भी हमें प्रोटीन की आवश्यकता होती है। 

शरीर की कार्यप्रणाली को रखे दुरुस्त
प्रोटीन शरीर के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए जरूरी है। यह हमें ऊर्जा देता है, इम्यून तंत्र को शक्तिशाली बनाता है, शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है और शरीर का पीएच लेवल बनाए रखता है। प्रोटीन मूड भी ठीक रखता है और तनाव के स्तर को कम करता है।

बालों और त्वचा को बनाए स्वस्थ 
दूसरे अंगों और हड्डियों की तरह त्वचा, बाल और नाखून भी प्रोटीन के बने होते हैं। प्रोटीन का कम मात्रा में सेवन करने से त्वचा ढीली और झुर्रियों वाली हो जाती है।

प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत
’  अंडे  ’  चिकन  ’  दूध और दुग्ध उत्पाद  ’  मांस  ’  मछली ’  सोयाबीन ’  दालें ’  सूखे मेवे ’  पत्तेदार सब्जियां आदि।

कब खाएं प्रोटीन
प्रोटीन युक्त भोजन लेने का समय कई बार हमारी फिटनेस पर निर्भर करता है। इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ स्पोर्ट्स न्यूट्रीशन के अनुसार, वर्क आउट करने के 2 घंटे तक कभी भी प्रोटीन युक्त पदार्थ लिए जा सकते हैं, क्योंकि यही वह समय होता है, जब मांसपेशियों का विकास हो रहा होता है।

अत्यधिक प्रोटीन बना सकता है बीमार
शोध कहते हैं कि अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन आपके शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इससे शरीर में कीटोन की मात्रा बढ़ जाती है, जो एक विषैला पदार्थ है। 

वजन बढ़ना
अगर आप जरूरत से अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो आपका वजन कम होने की बजाय बढ़ेगा। लोग सामान्यतया भोजन में हाई प्रोटीन को इसलिए शामिल करते हैं, ताकि वजन कम करने में मदद मिले।

अंगों का क्षतिग्रस्त हो जाना
जितनी आवश्यकता है, उससे अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने से हमारे अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर किडनियों से संबंधित कोई समस्या है, तो आपको सीमित मात्रा में प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। अगर आपको लिवर से संबंधित कोई परेशानी है, तो भी प्रोटीन का सेवन अधिक मात्रा में न करें, क्योंकि इससे रक्त में अमोनिया और दूसरे विषैले पदार्थों की मात्रा बढ़ जाएगी। 

हाई कोलेस्ट्रॉल
पशु आधारित हाई प्रोटीन डाइट शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ा देती है। इसमें मौजूद सैचुरेटेड और ट्रांस फैट हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।

प्रोटीन सप्लीमेंट्स
प्रोटीन की प्रचुर मात्रा से भरे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों की भरमार है, फिर भी बाजार में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं। सीधा दूध में मिलाकर सेवन करने की आसान प्रक्रिया के चलते यह लोगों को लुभाता है। लेकिन इसके खतरों को भी जान लें।

पादप प्रोटीन बनाम पशु प्रोटीन
संपूर्ण प्रोटीन उसे कहते हैं, जिसमें सभी अत्यावश्यक अमीनो एसिड्स हों। पशुओं से मिलने वाले प्रोटीन इसी श्रेणी में आते हैं। हमारे शरीर में पाया जाने वाला प्रोटीन इसके समान ही होता है, इसलिए इनका उपयोग हमारा शरीर अधिक तीव्रता से कर लेता है। पादप उत्पादों में एक या अधिक अमीनो एसिड्स कम पाये जाते हैं। ये मांसाहारी भोजन से मिलने वाले प्रोटीन से बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि इनमें कम वसा, कम कोलेस्ट्रॉल और काफी डाइटरी फायबर होते हैं।

कितना प्रोटीन चाहिए आपको
2-4 वर्ष के बच्चे          10 ग्राम 
5-12 वर्ष के बच्चे        19-34 ग्राम 
13-18 वर्ष के लड़के     52 ग्राम 
13-18 की लड़कियां     42 ग्राम 
युवा पुरुष                   56 ग्राम 
युवा महिलाएं             46 ग्राम

खास बातें
- अंडे को प्रोटीन का सर्वश्रेष्ठ स्रोत माना जाता है। इसमें नौ अत्यावश्यक अमीनो एसिड्स होते हैं, जिनका निर्माण हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से नहीं कर पाता है।
- एक ग्राम प्रोटीन में चार कैलरी होती हैं। 
- हमारे शरीर का 18-20 प्रतिशत भार प्रोटीन के कारण होता है।
- पादप उत्पादों में सबसे अधिक आवश्यक अमीनो एसिड्स सोयाबीन में पाये जाते हैं। इसके अलावा ये अमीनो एसिड्स केवल मांस में पाये जाते हैं। 
- कुल कैलरी का कम-से-कम 10 प्रतिशत और अधिक-से-अधिक 35 प्रतिशत प्रोटीन से आना चाहिए। 
- अगर आप अत्यधिक शारीरिक श्रम करते हैं तो आपको अपने भार के प्रति किलोग्राम के हिसाब से 35 कैलरी का सेवन करना चाहिए।

विभिन्न खाद्य पदार्थों में प्रोटीन की मात्रा
प्रति 100 ग्राम    प्रोटीन की मात्रा
बकरे का गोश्त    19-32
सोयाबीन            30-32
काजू                  25-27
चिकन               21-28
पनीर                 18-20
मूंगफली के दाने 21-23
बादाम               21
अखरोट            16
दही                  10
अंडा (एक)        06
क्या कहते हैं शोध
- 2007 में स्वीडन में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग लो-कोलेस्ट्रॉल डाइट ले रहे हैं, उन्हें अंडों के सेवन से बचना चाहिए। अंडे का अधिक सेवन टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देता है।
- प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका टूडेज डाइटीशियंस में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 75 फीसदी भारतीय डाइट में प्रोटीन की कमी पायी गयी है।

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