निष्पक्ष जांच ना होने से आहत जिला पंचायत सदस्य ने जिलाधिकारी को सौंपा इस्तीफा

निष्पक्ष जांच ना होने से आहत जिला पंचायत सदस्य ने जिलाधिकारी को सौंपा इस्तीफा

जिला पंचायत अध्यक्ष का मनमाना व भेदभाव रवैया

लखनऊ

जिला पंचायत अध्यक्ष लखनऊ के विकास कार्यो का वार्डो में समरूपता से वितरण नही कर रहे है। जो भी वार्ड में कार्यो के प्रस्ताव दे रहे है उन पर विचार नही किया जा रहा है। जिला पंचायत कार्यालय में भ्रष्टाचार  व्यपात है । उसकी जाँच पूर्व डीएम राजशेखर द्वारा शुरू की गयी थी लेकिन वो भी ठन्डे बस्ते में पड़ी हैं और कई अन्य आरोप वार्ड संख्या 15 के जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र रावत ने लगाए ।जिला पंचायत अध्यक्ष के मनमाने व भेदभाव रवैये व सरकार के जिम्मेदार द्वारा निष्पक्ष जांच न करने से आहत हो कर जिला पंचायत सदस्य ने अपना इस्तीफा जिलाधिकारी को सौप दिया। ।

 वार्ड संख्या 15 के निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र कुमार रावत उर्फ़ टेनी ने सोमवार को  जिला पंचायत से अपनी सदस्यता त्याग करने का फैसला लिया।  टेनी ने बताया कि इस्तीफे का त्यागपत्र   जिला अधिकारी लखनऊ को मिलकर दे दिया है ।जितेंद रावत ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर विकास कार्यो में भेद भाव व मनमानी करने का आरोप लगाया ।उन्होंने ने बताया कि वर्ष 2016 में जुलाई में पूर्व डीएम राजशेखर ने पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। जाँच में करीब तीन  सौ फाइल सीज की थी साथ ही संपत्ति रजिस्टर में कई खामिया मिली थी। जिस पर तीन सदस्यीय टीम बना कर 15 दिन के अन्दर जांच सौंपने कहा था ।लेकिन उनके तबादले के बाद जाँच की कोई जानकारी अब तक नही है ।

औऱ न ही इस सरकार ने जाँच को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। जिला पंचायत में व्यपात भ्रष्टाचार को लेकर वार्ड संख्या 3 ,8 ,11 ,13 व 15 के सदस्यों ने कई बार बैठको का बहिष्कार किया था ।साथ ही हज़रत गंज स्थित गांधी प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन किया ।इन सबसे नाराज़ जिला पंचायत अध्यक्ष ने बीते तीन वर्षों से  वार्ड संख्या 15 , 11,13 सहित किसी वार्ड में कोई भी विकास कार्य नही कराया ।साथ ही इस वार्ड से मिले विकास कार्यो के प्रस्ताव पर कोई ध्यान दिया गया।जिला पंचयात सदस्य जितेंद्र रावत ने कहा कि पूर्व सरकार ने डीएम के द्वारा पंचायत कार्यालय में व्यपात भ्रष्टाचार पर जाँच शुरू की लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार में जाँच को कोई हाल नही लिया गया ।

जिससे साबित होता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष को भाजपा सरकार का संरक्षण मिला हुआ है। रेश्मा रावत व  ने कहा कि हम बीजेपी समर्थित जिला पंचायत सदस्य के रूप जीते है लेकिन बीजेपी की केंद्र व राज्य की सरकार होने के बाद भी  सपा के जिलापंचायत अध्यक्ष को भ्रष्टाचार में संलिप्त में पूरा संरक्षण दिया जा रहा है वहीं संगीता मौर्या ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री का  सबका साथ सबका विकास  का नारा जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा हम भाजपा समर्थित सदस्य होने के बाद भी विकाश कार्य भेदभाव किया जा रहा है और कहा कि  जब हम जीतकर गए थे तब सदन में संविधान की शपथ दिलाई गई थी जिसमें ये कहा जाता है कि हम किसी के साथ भेदभाव पूर्ण कार्य नही करेंगे ।

सदस्यों ने कहा जब वार्ड में विकास कार्य नही होंगे तो हम जनता को क्या जवाब देंगे।।इस वजह से ऐसे पद से इस्तीफा दे रहा हूं ।इस सम्बंध में जिलाधिकारी से बात की गई तो बताया कि इस्तीफे के पत्र को जिलाध्यक्ष लखनऊ को जवाब देने के लिए भेजा गया है अभी इस्तीफा शिवकार नही किया है

 

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