वकीलों के वेश में जमीन कब्जाने वाले अपराधियों की गुंडागर्दी, कनपटी पर पिस्टल सटा करते हैं जमीनों पर कब्जा

वकीलों के वेश में जमीन कब्जाने वाले अपराधियों की गुंडागर्दी, कनपटी पर पिस्टल सटा करते हैं जमीनों पर कब्जा

वकीलों के वेश में जमीन कब्जाने वाले अपराधियों की गुंडागर्दी, कनपटी पर पिस्टल सटा करते हैं जमीनों पर कब्जा


कार्रवाई करने के बजाय कानपुर पुलिस के छूटे पसीने

कानपुर /उत्तर प्रदेश में अपराधियों ने अपराध करने का नया तरीका खोज निकाला है वकालत जैसे सम्मानित पेशे को भी नहीं छोड़ा जा रहा है.

अपने को वकील बता कर अवैध कब्जा करने का मामला कई अलग-अलग जिलों से देखने सुनने को रोजाना मिल रहे हैं. बड़े पैमाने पर वकीलों की वेशभूषा धारण कर अपराधी बिना किसी डर भय के दूसरे की जमीनों पर कब्जा करने पहुंच जाते हैं. 


पहले तो डराया धमकाया जाता है और नहीं मानने पर मारने पीटने और असलहा दिखाने जैसी बातों से भी अपराधी नहीं पीछे हटते है. मतलब इस तरह की घटना ऐसे होता है जैसे सब कुछ आम घटना है. आखिर ऐसे लोगों को इतनी छूट किसने दे दिया,

या उत्तर प्रदेश सरकार और यहां की कानून व्यवस्था से अपराधियों को डर मानो है ही नहीं, तभी तो दिनदहाड़े ऐसी घटनाएं उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में घट रही है.

हम तत्काल की घटना कानपुर जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत 14 मार्च 2019 का ही ले ले. जहां जबरन वसूली धमकाने जान से मारने और पीड़ित को  गाली गलौज  और कनपटी पर हथियार रख कर  भेजा उड़ाने की बात की जाती है.

पीड़ित अपनी बातों को जब पत्रकार बंधुओं से साझा किया तो पत्रकार बंधुओं ने खबर को दिखाने और सरकार से गुहार लगाने की बात की, लेकिन 3 दिन बीतने के बाद  भी स्थानीय मीडिया ने दबंगों के आगे खबर को प्रसारित करने से चुप्पी साध ली.

आखिर मामला है क्या

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्ञानेंद्र वर्मा पुत्र आरके वर्मा निवासी  नौबस्ता कानपुर के रहने वाले है जिन्हें 14 मार्च को क्षेत्रीय अपराधियों ने पहले तो ₹400000 की डिमांड दूसरों से कह भिजवाया. जब इसके लिए पीड़ित ने मना किया तो दबंगों ने अपने दल बल के साथ आवास विकास सेक्टर 7 स्थित है  पर पहुंचकर  पीड़ित पर हावी हो गए.

फोटो - विकास सिंह 

 जो अपने को वकील बताने लगे, आते के साथ गाली-गलौज करते हुए मारना पीटना शुरू कर दिया. पीड़ित जान बचाने के लिए भागना शुरू किया तो दबंग अपराधियों के साथ पहुंचे लोगों ने जो वकीलों के वेशभूषा में थे पीड़ित को धर दबोचा. इसके बाद पीड़ित के कनपटी पर क्षेत्रीय अपराधी विकास ठाकुर ने असलहा लगा दिया.

वहीं मौके पर मौजूद सुरेश द्विवेदी व उनके साथियों ने पीड़ित को छुड़ाया, पीड़ित भागते हुए थाने पहुंचा तब तक दबंगों ने पीछे से गिट्टी सरिया मोरंग सीमेंट प्लाट से उठा ले गए. इतनी दबंगई के बारे में पत्रकार बंधुओं ने पीड़ित और स्थानीय लोगों से पूछा तो मालूम चला कि सत्ता पक्ष के रसूखदार एमएलए के सपोर्ट की बात है और इनकी पैरवी पूर्व पुलिस के उच्चाधिकारी रहे लोगों द्वारा की जाती है

जिसकी वजह से इन अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं. अपने को वकील बता कर अवैध कब्जा करना ही मुख्य रूप से  इन अपराधियों का  पेशा नगर क्षेत्र में बना हुआ है. 

लिखित तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

पीड़ित ने अपनी तहरीर जीतो थाना इंचार्ज समर बहादुर यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले को दर्ज तो कर लिया. परंतु अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है  अब बात रसूखदारो की है

तो पुलिस भी कार्रवाई धीमी गति से कर रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार  पीड़ित और कोई नहीं बल्कि  लखनऊ के  प्रतिष्ठित समाचार में विधिक सलाहकार एवं स्वतंत्र पत्रकार है जिसने उत्तर प्रदेश शासन तक  अपनी शिकायत पहुंचा दी परंतु अपराधियों के हौसले इतने बुलंद है कि खुलेआम कानपुर के शहरों में घूमते नजर आ रहे हैं

लेकिन पुलिस को अपराधी नहीं दिख रहे है. अब देखना यह होगा कि हालात बिगड़ने से पहले अपराधियों की धरपकड़ हो जाती है या पीड़ित पुलिस की जांच का इंतजार करता रहे.

अगर आप भी इस तरीके से किसी भी घटना से पीड़ित हैं कानपुर समेत पूरे देश में तो आप हमें हमारी ईमेल I'd news@swatantraprabhat.com  पर उसकी जानकारी भेज सकते हैं अपराध या जन समस्याओं से संबंधित कोई भी जानकारी अगर आपके पास है तो आप भेज सकते हैं l

हम उसे हम अपने दैनिक अखबार पत्रिका या ऑनलाइन चैनल के माध्यम से उजागर करेंगे और देश दुनिया की करोड़ो लोगों तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे

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