माह-ए-रमजान का आगाज, पहला रोजा आज

माह-ए-रमजान का आगाज, पहला रोजा आज

माह-ए-रमजान का आगाज, पहला रोजा आज

रमजान का पाक महीना शुरू

मस्जिदों के बाहर करायी जाये साफ-सफाई

ललितपुर।

जहां एक और मुस्लिम समुदाय के मंगलवार को शुरू होने वाले पहले रोजे को लेकर उत्साहित है। तो वहीं जनपद की विभिन्न मस्जिदों में तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। साथ ही अकीकमंदों का मस्जिदों में पहुंच कर नमाज अदा करने का सिलसिला जारी है।

रमजान को लेकर बड़ो से लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं मस्जिदों के अन्दर सफाई व्यवस्था दुरूस्त है। परन्तु मस्जिदों के बाहर सफाई की उचित व्यवस्था नही की गयी है। जिसकों लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सफाई कराये जाने की मांग की है। 

मंगलवार को सुबह शहरी कर पहला रोजा रखा जायेगा। रोजे के दौरान रोजेदार दिन भर कुछ भी नहीं खाते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। रोजा हर मुसलमान के लिए एक फर्ज है। सभी रोजों की अवधि पंद्रह घंटे पंद्रह मिनट से लेकर पंद्रह घंटे 42 मिनट के बीच रहेगी। पिछले साल सबसे लंबा रोजा माह-ए-रमजान का आखिरी रोजा पड़ा था। मुस्लिम इलाकों में इसकी तैयारी भी शुरू हो गई। रमजान में आखिरी जुमा का खास महत्व है।

तो वहीं एक महीने चलने वाले इस त्यौहार में रोजदारों को मस्जिदों में नमाज पढऩे के लिये आना-जाना होगा। रोजे को लेकर लोगों पहले से ही मस्जिदों को सबारना शुरू कर दिया था शहर की तमाम मस्जिदों में तैयारियों पूर्ण हो चुकी है।

परन्तु मस्जिदो के आस-पास फैली गंदगी से नमाजियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। मस्जिदों के बाहर गंदगी होने के कारण आवारा जानवर भी एकत्रित होते है। जो कि नमाज पढऩे जा रहे लोगो के लिये निकलना मुश्किल कर देते है। लोगों ने सफाई व्यवस्था दुरूस्त कराये जाने की मांग की है। 

रमजान में बरसती है अल्लाह की नेमतें 

 

 

माह-ए-रमजान वह मुकद्दस महीना है। जिसमें अल्लाह की नेमतें और बरकतें बरसती है। रमजान को चांद नजर आते ही खार इबादत के लिये सफें बिछना शुरू हो जाती है। हर कोई अल्लाह की इबादत में मे मशगुल हो जाता है। लोग बुराइयों से बचकर अल्लाह से लौ लगाता है। गुनाहों के लिए तौबा करता है।

गरीब और मुफलिसों की हमदर्दी और मदद का जज्बा भी इसी महीने खासतौर पर जागता है। मुस्लिम धर्म के अनुसार इस माह ने एक का सत्तर व हिस्सा बदद फरमाता है। इसलिए इस माह मुस्लिम समाज के लोग ज्यादा से ज्यादा धर्म एवं गरीबों पर खर्च करते है। 

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