मड़ावरा कस्बे में छाया पेयजल संकट

मड़ावरा कस्बे में छाया पेयजल संकट


मड़ावरा कस्बे में छाया पेयजल संकट


पीने के पानी को तरस रहे ग्रामीणजन


मड़ावरा। Imran khan

मौसम में बढ़ते पारे के साथ-साथ कस्बे में पेयजल संकट भी बढ़ता नजर आ रहा है और ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने को जिम्मेवार ग्राम पंचायत हाथ पर हाथ धरे बैठी है। गौरतलब है कि कस्बे में आमआदमी के लिये पेयजल आपूर्ति का सबसे बड़ा संसाधन हैंडपम्प ही हैं लेकिन भूमिगत जलस्तर के घटने के साथ ही अधिकांश हैंडपम्पों ने पानी देना छोड़ दिया है।

मड़ावरा के क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोहरलाल पंथ बताते हैं कि थाने से तहसील की ओर जाने पर पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। पीने के पानी की सबसे ज्यादा किल्लत टौरिया मोहल्ले में है यहां लगभग 20 हैंडपम्प स्थापित हैं जिनमें से अधिकतर सूख चुके हैं।

खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर लगा हैंडपम्प, गल्र्स कॉलेज के पास संजय अवस्थी के घर के पास, तखतसिंह कवराटा वालों के मकान के पास, बीआरसी के पीछे कमल माते के घर के पास, कुचबंदिया बस्ती में तथा टौरिया वाली मस्जिद के पास लगा हैंडपम्प के सप्ताह से ठप पड़ेे हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के इंतेजाम के लिये दर.दर भटकना पड़ रहा है।


मनोहर लाल का आरोप है कि सूखते हैंडपम्पों को सुधरवाने उनकी मरम्मत एवं रिबोरिंग के लिये मुख्यमंत्री पोर्टल पर वह करीबन 5 बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं लेकिन जिम्मेवार अधिकारियों द्वारा फर्जी निस्तारण रिपोर्ट लगाकर अपनी जिम्मेवारी से बचा जा रहा है। पानी के लिये परेशान होते ग्रामीणों की समस्या के प्रति ग्रामपंचायत आँखें मूंदकर बैठी है।

ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि ड्राई हो चुके हैंडपम्पों को रिबोर करवाने के निर्देश ग्राम पंचायत को जारी किये जायें जिससे कस्बे में व्याप्त पेयजल किल्लत से राहत मिल सके।

 

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