पिछड़ी जाति के व्यक्ति को बना दिया अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र  

पिछड़ी जाति के व्यक्ति को बना दिया अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र  

लखनऊ।

 शादी अनुदान दिलाने के चक्कर मे चेयरमैन महोना इशरत बेग ने बना दिया पिछड़ी जाति के व्यक्ति को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र  नगर पंचायत महोना कार्यालय का भ्रष्टाचार हुआ उजागर नगर पंचायत महोना कार्यालय के अंदर अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत महोना राजीव कुमार को पता ही नहीं  कि उनकी नगर पंचायत महोना कार्यालय में उनके अधीन कितने कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और कौन कर्मचारी कहां पर तैनात किया गया है एक कर्मचारी जो पूर्व में पंप ऑपरेटर हुआ करते थे आज वो बड़े बाबू बने बैठे हुए हैं श्यामसुंदर लिपिक एवं एक चपरासी रामप्रकाश के सहारे चलती है

पूरी नगर पंचायत कार्यालय जिसमें अध्यक्ष के चहेतों को ठेकेदारी प्रथा के तहत अपने  बिसियो करीबियों को  ठेकेदारों से सांठगांठ करके नौकरी दे दी गई है जबकि नगर पंचायत कार्यालय के अंदर के रखे गए लोगों को आय जाति निवास प्रमाण पत्र भी लिखना नहीं आता है इनको नगर पंचायत कार्यालय के काम के बारे में जरा सा भी पता नहीं है कि नगर पंचायत एक्ट क्या होता है किस धारा के तहत क्या कार्य होना है जब कार्यालय में कोई काम नहीं है तो फिर क्यों फिर अध्यक्ष नगर पंचायत महोना मिश्रा बेग अपने पर्सनल कार्यों के लिए सरकार के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं यहां तक कि ठेकेदारी प्रथा पर जो लोग नगर पंचायत कार्यालय महोना में रखे गए हैं उनको जाति आय निवास प्रमाण पत्र तक लिखना नहीं आता है

यहां तक की 20 /4/ 2019 को वार्ड संख्या 10 कसाई टोला नगर पंचायत महोना के निवासी रामदयाल पुत्र सकटू को पिछड़ी जाति के लोधी है जिनको अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र कुमारी सुनीता पुत्री रामदयाल को अध्यक्ष नगर पंचायत महोना इशरत बेग ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बना कर के दे दिया सिर्फ इस मकसद से की  इनके चाहते हैं  इनकी पुत्री की शादी मे शादी अनुदान दिलाना अति आवश्यक समझा इसलिए इसलिए पिछड़ी जाति की जगह पर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र तहसील दार लेखपाल से मिलीभगत करके बनवा दिया जो सरासर गलत है जबकि 24/4 /2019 को कुमारी सुनीता पुत्री रामदयाल लोधी निवासी उपरोक्त की बेटी की शादी में अनुदान दिलाने की पूरी कोशिश गलत तरीके से की गई और तथ्यों को पूरी तरह से छिपाया गया अध्यक्ष के द्वारा जबकि जबकि रामदयाल पुत्र  सकटू पिछड़ी जाति के लोध है लेकिन जब किसी भी तरह का प्रमाण पत्र बनता है तो उसकी जांच तहसीलदार से लेकर कानून गो लेखपाल तक की जाती है

एवं उप जिलाधिकारी की देखरेख में भी जांच उपरांत बनकर आता है लेकिन अध्यक्ष नगर पंचायत महोना इशरत बेग एवं उनके कार्यालय की मिलीभगत से एवं लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाओं में कुशासन में बैठे आला अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सीनियर अधिकारियों की भी फजीहत करवाते रहते हैं किसी भी व्यक्ति को पिछड़ी जाति से अनुसूचित जाति मे शामिल करा देना अध्यक्ष नगर पंचायत महोना इशरत बेग एवं उनके कार्यालय पर तैनात ठेकेदारी प्रथा के कर्मचारियों से मिले क्योंकि पिछड़ी जाति के व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र में तब्दील कर दिया और उप जिला अधिकारी एवं तहसीलदार महोदय को जांच कराने को उचित नहीं समझा एवं पिछड़ी जाति के व्यक्ति को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बना कर दे दिया एवं रामदयाल पुत्री सुनीता के नाम से अनुसूचित जाति पासी का जाति प्रमाण पत्र जारी करवा दिया गया इस तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी नगर पंचायत कार्यालय के अंदर और बाहर तक देखी जा सकती है

 

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