सांसद प्रियंका के प्रियजनों का फूटा गुस्सा, विधायक व जिलाध्यक्ष पर लगाये आरोप  

सांसद प्रियंका के प्रियजनों का फूटा गुस्सा, विधायक व जिलाध्यक्ष पर लगाये आरोप  


आवास पर समर्थकों ने किया एक दिवसीय अनशन

बाराबंकी।

निवर्तमान सांसद प्रियंका रावत द्वारा अपने आवास पर मंगलवार दोपहर प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए उन्होने कहा कि टिकट कटने के पीछे कारण क्या था जिसको मैं ढूढ़ रही हूं।

मुझमें या मेरे काम में क्या कमी रह गयी जो मेरा टिकट काटकर दूसरे को दे दिया गया। उन्होने कहा कि किसी भी समाज के व्यक्ति को एकजुट करने के मैने प्रत्येक प्रयास किये मेहनत की। प्रत्येक क्षेत्र में काम किया उन्होने जिलाध्यक्ष अवेधश श्रीवास्तव और रामनगर विधायक शरद अवस्थी पर अपना टिकट कटने का ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि रामनगर विधायक की दलाली इसके भाई को मसौली की जनता द्वारा पीटना, आवास विकास में गरीब की जमीन, झोपड़ी और तालाब पर कब्जा करना जैसे अनेक आरोप हैं और जिलाध्यक्ष जो माफियागिरी करता है।

ऐसे लोगों के कहने पर मेरा टिकट काटा जाना मेरे समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के दुःख का कारण हैं। मेरे समर्थकों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुझे ही टिकट मिलना चाहिये इसके लिये उन लोगों ने टिकट न दिये जाने के विरोध में आवास पर एक दिवसीय अनशन का आयोजन भी किया है। प्रियंका रावत ने बताया कि अपने कार्यकाल में मैने पांच विधानसभा, 9 जिला पंचायत जिसमें निर्दलीय भी हैं जितायी।

दो ब्राहम्ण, एक कुर्मी और दो दलित सीटों पर अपने विधानसभा प्रत्याशियों को जिताने का काम किया है। उन्होने कहा कि सदर सीट हारने के बाद पूरी ताकत लगाकर नगर पालिका सीट को भाजपा के खाते में डाला तो वहीं दरियाबाद, बंकी और हैदरगढ़ नगर पालिका की सीट भी अपने पार्टी के उम्मीदवारों को जितायी।

उन्होने कहा कि क्या मुझे महिला और दलित होने की सजा मिली है। श्रीमती रावत ने आगे कहा कि 33 प्रतिशत महिलाओं को संसद भवन कैसे पहुंचाया जायेगा इसका उदाहरण देते हुए कहा कि मेरा, अंशुल दोहरे, सावित्री बाई फूले जैसे कई सांसदों का टिकट काटा गया। इस तरह से 5 प्रतिशत महिलाएं भी सांसद का कोटा पूरा नही कर पायेंगी। उन्होने कहा कि मैने पूरा निर्णय क्षेत्र की जनता पर छोड़ रखा है।

मेरी गलती यही थी कि भूमाफियाओं और बेलगाम अधिकारियों का साथ न देना। उन्होने कहा कि मुझे दीदी और बेटी कहने वाले मुझे घर पर बैठने नही दे रहे हैं। अगर मैने 18-18 घण्टे काम किया तो इन लोगों ने भी 20-20 घण्टे काम किया है।

यह जिला मेरी कर्म भूमि है। कुर्मी, रावत और श्रवण जातियां भी मेरे साथ हैं। पूरी निधि मैने बूथ कार्यकर्ताओं पर खर्च किये हैं। उन्होने कहा कि टिकट कटने के बाद में शांति से बैठ गयी लेकिन जनता ने मुझे बैठने ही नही दिया। जनता आज मेरे आवास पर एक दिवसीय अनशन पर बैठी है कि टिकट वापस होने का निर्णय होना चाहिये। उन्होने कहा कि शरद अवस्थी जैसे एक व्यक्ति ने पूरा माहौल खराब करने की कोशिश की जो पार्टी और सरकार की। छवि खराब हो रही है।

उन्होने आखिर में यह भी कहा कि मैने इतनी मेहनत की है मैं चुप नही रहूंगी। उन्होने यह भी कहा कि मुस्लिम महिलाएं तक पोस्ट डाल रही हैं कि तीन तलाक पर फैसला बाद में पहले सांसद प्रियंका का टिकट बहाल हो। प्रेसवार्ता और सर्मथको के प्रर्दशन मे खास बात यह रही कि किसी ने भी प्रत्याशी उपेन्द्र रावत का विरोध नही किया। सभी का आक्रोश सिर्फ टिकट ना मिलने और रामनगर विधायक एवं जिलाध्यक्ष तक ही सीमित था।
 

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