उत्तर प्रदेश में आत्मचिंतन….या फिर चुनावी हार की भूलभुलैया/हताशा में फंसा विपक्ष गायब सा हो गया

उत्तर प्रदेश में आत्मचिंतन….या फिर चुनावी हार की भूलभुलैया/हताशा में फंसा विपक्ष गायब सा हो गया

उत्तर प्रदेश में आत्मचिंतन….या फिर चुनावी हार की भूलभुलैया/हताशा में फंसा विपक्ष गायब सा हो गया है। 

आज की स्थिति में #भाजपा की आक्रामकता के समक्ष सपा, बसपा या फिर कांग्रेस हताश, निराश सी प्रतीत हो रहा है। 


भाजपा का सदस्यता अभियान जोर शोर से चल रहा है। योगी सरकार को भी प्रदेश में ढाई साल से अधिक हो गया है तथा कोई बड़ी दिखाने योग्य उपलब्धियाँ भी नहीं हुई हैं…. हत्याएँ, बलात्कार, महिला उत्पीड़न व अन्य अपराधों पर योगी सरकार प्रभावी नियंत्रण करने में भी असफल रही है।

नौकरशाही CM योगी के आदेशों को खास गंभीरता से भी नहीं ले रहीं है। #योगी जी की घोषणाएँ व आदेश कुछ समय बाद ठंडे बस्ते में चले जा रहे हैं...उदाहरण के लिए 10 जनवरी 2018 तक सभी आवारा पशु सड़कों में न दिखाई देने या फिर एन्टी रोमियो स्क्वाड हो या फिर 5 सितंबर 2017 तक सभी सड़कों का गड्डामुक्त करने के आदेशों का हश्र क्या हुआ, सभी जानते हैं। 


पिछली सपा व बसपा सरकारों के भ्रष्टाचार या फिर अपराध/गुंडा-राज के विरुद्ध उपजी एंटी-इंक्यूम्बैसीं के कारण जानता ने केवल आश्वासनों के आधार पर उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन कर #भाजपा को प्रचंड बहुमत से सत्ता सौंप दी।

उसके बाद अपनी स्थिति को सुदृढ कर #मोदीलहर पैदा कर लोकसभा चुनावों में भी पूरे विपक्ष यहां तक अजेय लग रहे सपा-बसपा को भी कांग्रेस सहित ध्वस्त कर दिया। 


अब 2022 मे विधानसभा चुनावों मे मात्र 2 वर्ष से कुछ अधिक का समय बचा है और भाजपा अभी से तेजी से तैयारी में जुट गई है ….और बेचारा बना हताश व निराश विपक्ष गहरी नींद सोया हुआ है। सपा-बसपा गठबंधन टूट चुका है

और मायावती ए.सी. बंगले में बैठी थोड़ी बहुत मीटिंगों के सिवाए कुछ नहीं कर पा रही हैं। और अखिलेश यादव बिना किसी राजनैतिक सक्रियता के अभी तक विदेश यात्रा में मशगूल थे हालांकि सुना है कि थोड़ा बहुत हार का विश्लेषण के सिवाय ज्यादा कुछ नही किया है….कांग्रेस का तो कुछ कहिए ही नहीं, अपनी आंतरिक समस्यायों में उलझी है।  


ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश में अपनी निष्क्रियता व टूटे मनोबल के कारण विपक्ष धरातल पर चित्त पड़ा है और तमाम कमियों व विफलताओं के बाबजूद भाजपा कुलांचे भर रही हैं और आज की स्थिति में विपक्ष कहीं भी मुकाबले में नहीं दिख रहा। 


मीडिया भी विपक्ष को कोई तबज्जो नहीं दे रहा। जब विपक्ष कुछ कर ही नहीं रहा जो मीडिया समाचार के रूप में ही कुछ दिखाए। 
यदि यहीं हाल रहा तो उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में भी Mighty भाजपा का कोई विकल्प दिखाई नहीं दे रहा। 


As of today...it is Modi and Yogi all the way in U.P. !!!

सूर्य प्रताप सिंह- आईएएस

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Comments