कोरोना संक्रमण का खतरा, झारखंड के लिए आने वाले 15 दिन काफी संवेदनशील

 
कोरोना संक्रमण का खतरा, झारखंड के लिए आने वाले 15 दिन काफी संवेदनशील

रांची/झारखंड:- 

राज्य में कोरोना संक्रमण का मीटर 21 हजार क्रॉस कर चुका है. हर दिन इसका मीटर बढ़ता ही जा रहा है. सरकार ने कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने का जिम्मा स्थानीय प्रशासन और आम लोगों पर छोड़ा है. मगर राज्य में होने वाले अहम पर्व-त्योहार को लेकर आगामी 15 दिन काफी संवेदनशील है. 

संथाल परगना क्षेत्र में जहां पर सोहराय पर्व की धूम मची हुई है. हर दिन कई तरह के कार्यक्रम ओयाजित हो रहे हैं, जहां पर चेहरे में मास्क तो दिख रहा है मगर सोशल डिस्टेसिंग नजर नहीं आ रहा है. इससे संक्रमण बढ़ने का भी खतरा बढ़ गया है. 

 टुसू पर्व की भी पूरे जनवरी रहेगी धूम: 

कुर्मी समाज के लिए टुसू पर्व काफी अहम है. इसकी धूम पूरे पंचपरगनिया क्षेत्र के साथ-साथ पूरे राज्य में रहती है. टुसू पर्व सामूहिकता वाला ही पर्व है. इसमें लोग सामुहिक नृत्य-संगीत का भी आयोजन करते हैं. ग्रामीण क्षेत्र में सोहराय एवं टुसू पर्व मनाने के लिए दूर-दूर से रिलेटिव और लोग अपने-अपने गांव घर पहुंचते हैं. इसके कारण संक्रमण के और विस्तार होने की संभावना प्रबल हो चली है. इसलिए इन दो पर्व को देखते हुए सरकार और प्रशासन को गाइडलाइन जारी करने की जरूरत है। 

 प्रवासी मजदूरों का भी आने का सिलसिला है जारी:

झारखंड में प्रवासी मजदूरों का भी आने का सिलसिला जारी है. प्रशासन के लाख दावे के बावजूद ट्रेन एवं बसों से यह मजदूर प्रतिदिन वापस आ रहे हैं. मगर उनकी जांच नहीं हो रही है. वे सीधे गांव-घर लौट रहे हैं.  कहीं कोरोना संक्रमण अधिक न बढ़ जाए और 2020 एवं 2021 वाली स्थिति पैदा न हो जाए।

इसको देखते हुए झारखंड से बाहर गए प्रवासी मजदूर झारखंड लौट रहे हैं. ऐसे में इसको लेकर भी प्रशासन को सख्ती बरतने और जांच में तेजी लाने की जरूरत है नहीं तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
 

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