डॉक्टर बने बेटों ने 'मदर्स डे' पर मां के हाथों कराया नर्सिंग होम का उद्घाटन

 
डॉक्टर बने बेटों ने 'मदर्स डे' पर मां के हाथों कराया नर्सिंग होम का उद्घाटन


नर्सिंग होम का उद्घाटन करते समय माताओं का गर्व से सिर हुआ ऊंचा


शिवगढ़,रायबरेली

पढ़ लिखकर डॉक्टर बने 2 बेटों ने मदर्स डे के अवसर पर मां को ऐसा तोहफा दिया कि उनका सिर फक्र से ऊंचा हो गया। दोनों माताओं ने अपने बेटों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हर किसी मां-बाप का सीना उस समय गर्व से चौड़ा हो जाता है जब उनकी सन्तान तरक्की करती हैं,समाज में मां बाप का नाम रोशन करती है, क्षेत्र का नाम रोशन करती है, देश का नाम रोशन करती है। 

गौरतलब हो कि शिवगढ़ क्षेत्र की सीमा पर स्थित गढ़ा गांव के रहने वाले डॉ.सूरज वर्मा, डॉ.संजीव वर्मा के माता-पिता का सपना था कि उनके बेटे पढ़ लिखकर डॉक्टर बने और समाज की सेवा करें। कठिन परिश्रम के पश्चात पढ़ लिखकर डॉक्टर बने डॉक्टर सूरज वर्मा, डॉ.संजीव वर्मा ने मदर्स डे के अवसर पर अपनी माताओं को गायत्री नर्सिंग होम की सौगात दी है। जिसका उद्घाटन गायत्री नर्सिंग होम के एमडी डॉक्टर संजीव वर्मा की मां सुनीता देवी व डॉक्टर सूरज वर्मा की मां गायत्री देवी द्वारा संयुक्त रुप से फीता काटकर किया गया। 

फीता काटते समय दोनों डॉक्टरों की माताओं का सिर फक्र से ऊंचा हो गया। गौरव की अनुभूति करते हुए गायत्री देवी और सुनीता देवी ने कहा कि डॉक्टर को लोग भगवान का दर्जा देते हैं, किन्तु डॉक्टर वही है जिसके अन्दर हमेशा इंसानियत जिंदा हों। उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके बेटे नेक नियति से मरीजों को अपनी बेहतर सेवाएं देकर समाज सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली की सीमा पर स्थित ग्रामीण अंचल में नर्सिंग होम खुलने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

 ऐसे लोग जो लोग लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी इलाज के लिए जाने में असमर्थ हैं अब वे आसानी से गायत्री नर्सिंग होम में अपना इलाज करा सकेंगे। गायत्री नर्सिंग होम के एमडी डॉक्टर संजीव वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गायत्री नर्सिंग होम में चौबीसों घण्टे सभी प्रकार के ऑपरेशन, दूरबीन द्वारा ऑपरेशन, हड्डी के ऑपरेशन एवं प्लास्टर, नॉरमल एवं सिजेरियन डिलीवरी, ओपीडी, भर्ती की सुविधा, ब्लड जांच एवं एक्सरे की सुविधा के साथ ही न्यूरो सर्जरी की सुविधा मिलेगी। डॉ.सूरज वर्मा ने बताया कि एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है, साधन का अभाव होने पर मरीजों के परिजन मरीज को नर्सिंग होम तक लाने के लिए एंबुलेंस सेवा का लाभ ले सकते हैं।

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