स्वतंत्र प्रभात-आंबेडकर नगर अवैध खनन माफियाओं का बोलबाला है ,रात में चांदी ( बालू ) कमाई जा रही है

 

स्वतंत्र प्रभात अंबेडकरनगर जिले के टांडा विधानसभा और आलापुर विधानसभा दोनों विधानसभाओं की भौगोलिक परिस्थितियों में कुछ समानता है वह सरजू नदी है ।

यहीं से अवैध खनन का मामला शुरू होता है । जिले में सरजू नदी के तटीय इलाकों में अधिकांश स्थानों पर देशी बालू के अवैध खनन में संलिप्त माफिया 'तू डाल-डाल, तो मैं पात-पात' की कहावत चरितार्थ कर रहे हैं ।

उच्च न्यायालय और राज्य सरकार की कड़ी हिदायत के बाद भी अंधेरी रात का फायदा उठा कर रेत माफिया नदियों का सीना मशीनों से चीर रहे हैं और अधिकारीयों का सिर्फ रटा-रटाया 'कार्रवाई की जाएगी' का जवाब देकर पल्ला झाड़ रहे हैं । बालू माफिया द्वारा जिले के विभिन्न बालू घाटों से अवैध तरीके से बालू का उठाव करने से नदियों के अस्तित्व पर ही संकट मंडराने लगे हैं ।

बालू माफिया खनन विभाग से लीज लेने के बाद मनमाने तरीके से नदी से बालू का खनन करना शुरू कर देते हैं, इस कारण पूरे जिले में बालू के अवैध उठाव से नदी सिमटती जा रही है । खनन विभाग द्वारा भी आंख बंद कर लेने से माफिया की चांदी हो गयी है.

बालू के इस अवैध खनन से एक ओर नदी खतरे में है, वहीं दूसरी ओर सरकार के राजस्व को भी करोड़ों रूपये की क्षति हो रही है. जानकारी के अनुसार बालू उठाव की लीज देने के बाद कांट्रैक्टर को कई प्रकार के नियमों का पालन भी करना होता है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. लीज लेने के बाद केवल कांटेªक्टर की ही चलती है.

विभाग इस मामले में आंखें मूंद लेता है. इसके पीछे कई वजह हैं, जो सर्वविदित है. खनन विभाग द्वारा बालू उठाव का लीज देने के बाद किसी भी नदी के बालू घाट से रात होने पर या अंधेरा हो जाने पर उठाव नहीं करने का प्रावधान है, लेकिन यह नियम सिर्फ कागजों पर ही होता है ।बालू का उठाव सुबह में या उजाला होने पर करना है ।शाम को अंधेरा छाने के बाद नहीं करना है । शाम छह बजे के बाद किसी भी बालू घाट पर अगर बालू का उठाव हो रहा है तो वह गैरकानूनी माना जाएगा, 

लेकिन बालू के अवैध करोबार से जुड़े कांट्रैक्टर अपनी मनमानी से रात के अंधेरे में बेधड़क बालू का उठाव कर रहे हैं । हाल के दिनों में जिले के कई बालू घाटों पर रात के अंधेर में बालू का उठाव करने का मामला सामने आया है. बालू का उठाव हमेशा मैनुअली करना है । लेकिन सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बालू उठाव में जेसीबी , पोकलैंड जैसी आधुनिक मशीनों के द्वारा खनन का कारोबार तेजी से चल रहा । कब कोई रहनुमा आएगा नदियों की अस्तित्व बचाने के लिए अब तो सवाल उठना लाजमी है ।

अवैध खनन माफिया अपनी जेब भरने के लिए वह किसी हद तक जाने को तैयार रहते हैं लेकिन प्रशासन क्या करता है यह देखने वाली बात होगी । सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं दिखता है प्रशासन का ऐसा प्रतीत होता है इन अवैध खनन की घटनाओं घटनाएं तेजी से बढ़ रही है ।

अवैध खनन बालू माफिया के पास इतने पैसे और ताकत होती है वह मामले को रफा दफा कराने में माहिर हैं ये कई बार देखने को मिल चुका है ।

 

AMIT KUMAR SINGH

recommend to friends

Comments (0)

Leave comment