आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अखिल भारतीय समन्वित

इस दौरान गोष्ठी में डा.वेद प्रकाश, डा.एस.के वर्मा, डा. पियूषा सिंह, डा. राजेश कुमार, डा. राजीव कुमार अग्रवाल, डा. नीरज कुमार, डा.विशुद्धानंद सैकड़ों की संख्या में आसपास के किसान मौजूद रहे 
 
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अखिल भारतीय समन्वित

स्वतंत्र प्रभात

कुमारगंज अयोध्या आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अखिल भारतीय समन्वित चारा शोध परियोजना अंतर्गत एक दिवसीय चारा दिवस व किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में जीपीबी विभाग द्वारा वर्चुअल क्लास रूम में गोष्ठी आयोजित कर किसानों को किया गया जागरूक।बीज एवं प्रक्षेत्र के संयुक्त निदेशक एवं जीपीबी के विभागध्यक्ष डा.एस.सी विमल ने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि पशुओं के लिए चारा फसल बहुत महत्वपूर्ण है। चारा की कमी होने से पशुओं में कई तरह की बीमारियां उत्पन्न होने लगती हैं, साथ ही दूध की भी कमी होने लगती है। डा. विमल ने बताया कि जानवरों को चारा खिलाने से कई बीमारियों से निजात मिलती है इस
 
दौरान वैज्ञानिक डा. शंभू प्रसाद ने बताया कि बरसात के समय चारा की कमी को दूर करने के लिए पशुपालक मक्का व ज्वार को पहले से एकत्रित कर लें। जानवरों को स्वस्थ रखने के लिए नेपियर, सूडान, लोबिया, बाजरा, बरसिंग का उत्पादन करें। डा. शंभू ने बताया कि रबी का सीजन पास है, किसान सरसो, चना, मसूर का बीज एक सप्ताह के अंदर विश्वविद्यालय से ले सकते हैं साथ ही सितंबर के अंत तक गेहूं के बीज भी मिलने शुरू हो जाएंगे। किसानों को जीपीबी चारा म्यजियम का भी भ्रमण कराकर चारा फसलों के बारे में जागरूक किया गया।इस दौरान गोष्ठी में डा.वेद प्रकाश, डा.एस.के वर्मा, डा. पियूषा सिंह, डा. राजेश कुमार, डा. राजीव कुमार अग्रवाल, डा. नीरज कुमार, डा.विशुद्धानंद सैकड़ों की संख्या में आसपास के किसान मौजूद रहे।

   

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