हीट वेव के प्रकोप से बचाव हेतु प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी 

हीट वेव के प्रकोप से बचाव हेतु प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी 

मथुरा: अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने बताया है कि मौसम विभाग की ओर से जारी की गयी एडवाइजरी के अनुसार आगामी दिनो में दैनिक तापमान में तेजी से वृद्धि (40 डिग्री से ज्यादा) होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। हीट वेव (लू) असामान्य रूप से उच्चतम तापमान की अवधि है जब तापमान सामान्य तापमान से अधिक दर्ज किया जाता है। आगामी दिनों में जनपद में परिस्थितिया हीट वेव (लू) के अनुकूल बनी हुई है।
 
उच्च आद्रता तथा वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण उच्च तापमान लोगो को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाईड्रेशन) एवं ऐंठन की शिकायत आती है और कभी-कभी इसके कारण लोगों की मौत भी हो जाती हैं। शहरी क्षेत्रों में तापमान उच्चतम हो जानें से अर्बन हीट आइलैंड की स्थिति बन जानी है। हीट वेव (लू) से वृध, बच्चे, गर्भवती महिलायें, बीमार, मजदूर, गरीब, दुर्बल एवं निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होतें है।  जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय मथुरा हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव हेतु निम्न बातों की ओर ध्यान आकर्षित कराना चाहता है।
 
हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव हेतु क्या करें:-
 
1-कडी धूप में विशेष रूप से दोपहर 12.00 बजें से 3.00 बजे के बीच बाहर जाने से बचें।
 
2-हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपडें पहनें।
 
3-धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, कपडे, टोपी या छाता का उपयोग करें।
 
4- पर्याप्त और नियमित अन्तराल पर पानी पीतें रहें। सफर मे अपनें साथ पीने का पानी हमेशा रखें।
 
5-खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल, नाारियल का पानी, लस्सी, चावल का पानी, नीबू का पानी, छांछ, आम का पन्ना इत्यादि घरेलू पेय पदार्थो को इस्तेमल करें।
 
6-रेडियो, टीवी और समाचार पत्रो के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की जानकारी रखें।
 
7- कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तूरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें।
 
8- अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करे। रात में खिडकियाँ खुली रखे।
 
हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव हेतु क्या न करें:-
 
1-बच्चों एवं पालतू जानवरों को बिना निगरानी के पार्क की गयी कार में अकेला न छोडें, वाहन जल्दी गर्म होकर खतरनाक तापमान पैदा कर सकते है जो बच्चों के लिये घातक हो सकती है।
 
2-भीषण गर्मी में दोपहर के समय अधिक श्रम वाली गतिविधियों को न करें।
 
3-उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें।
 
4-शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय पदार्थो का सेवन करने से बचें क्यो कि ये शरीर को निर्जलित करतें हैं।
 
5- दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें। रसोई घर को हवादार बनाये रखने के लिये खिडकी व दरवाजे खुली रखें।

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