गेहूं की पैदावारी कम होने की वजह से मंडी पर पसरा सन्नाटा

 
गेहूं की पैदावारी कम होने की वजह से मंडी पर पसरा सन्नाटा

फोटो नंबर-4 व 5

बबेरु/बांदा। 

बबेरू तहसील क्षेत्र पर बबेरू व कमासिन पर नवीन मंडी पर गेहूं खरीद केंद्र खोला गया। जो 1 अप्रैल से खरीद शुरू कर दी गई है और 15 जून तक शासन के निर्देशानुसार गेहूं खरीदा जायेगा। लेकिन इस बार गेहूं खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, कम मात्रा में किसान गेहूं खरीद केंद्र पर पहुंच रहे हैं। वही कुछ किसान प्राइवेट दुकानों पर गेहूं बेचने को मजबूर है।

गेहूं की पैदावारी कम होने की वजह से मंडी पर पसरा सन्नाटा

बबेरू तहसील क्षेत्र का है, जहां पर कमासिन और बबेरू में नवीन मंडी पर गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैं, जिसमें किसान अपना गेहूं ले जाकर बेच रहे हैं, वहीं प्राइवेट दुकानों पर ज्यादातर किसान गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं। क्योंकि सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर गेहूं का पैसा किसानों को जल्दी नहीं मिलता, जिसके कारण से किसान प्राइवेट दुकानों पर गेहूं बेच देते हैं। सरकारी गेंहू खरीद केंद्र में 2015 रुपये प्रति कुंतल लिया जा रहा हैं। 

वही प्राइबेट दुकानों में मंडी समिति के अंदर ही 1980 या 1990 रुपये प्रति कुंतल लिया जा रहा हैं।इस विषय में  वहीं बबेरू विपणन निरीक्षक एवं गोदाम प्रभारी आशीष कुमार गुप्ता के द्वारा जानकारी दी गई कि, खरीद केंद्र 1 अप्रैल से शुरू कर दिया गया है। और यह 15 जून तक खरीद की जाएगी अभी तक 518 कुंटल 50 किलो गेहूं किसानों का खरीदा जा चुका है। और सरकारी रेट के अनुसार 2015 रुपये प्रति कुंतल गेंहू खरीदा जा रहा हैं।

वही बरसात का मौसम नजदीक आने से पहले टीन सेट पर्याप्त मात्रा में लगी है, जिससे गेहूं भीगने ना पाए वही बताया कि इस बार किसान के यहां गेहूं का उत्पादन कम होने से किसान बेचने के लिए बहुत कम ही आ रहे हैं। और कुछ जो आ रहे हैं तो वह प्राइवेट दुकानों में बेंच देते हैं।

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