"पराली दो खाद लो" व नूप योजना के अन्तर्गत कृषक जागरूकता कार्यक्रम एवं गोष्ठी का आयोजन

 जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किया गया आयोजित।
 
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किया गया आयोजित।
 

    हमीरपुर-

    बुधवार को ग्राम मिश्रीपुर विकास खण्ड कुरारा में "पराली दो खाद लो" व नूप योजना के अन्तर्गत कृषक जागरूकता कार्यक्रम एवं गोष्ठी का आयोजन जिलाधिकारी डॉ चन्द्रभूषण त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। आयोजन में के०वी०के० के वैज्ञानिक मोहम्मद मुस्तफा व डॉ शालिनी,  कमलेश कुमार वैश्य मुख्य विकास अधिकारी डॉ सरस कुमार तिवारी, जिला कृषि अधिकारी / उप कृषि निदेशक तथा कृषि, ग्राम विकास, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

शरय वैज्ञानिक डॉ शालिनी द्वारा पराली प्रबन्धन के विषय में चर्चा करते हुए बताया कि कृषक भाई धान के खेत में सीधे हैप्पी सीडर व सुपर सीडर से बुवाई कर सकते हैं। पराली को सड़ाने के लिए खेत में हल्का पानी लगाकर यूरिया व बेस्ड डी-कम्पोजर का घोल का छिड़काव करें जिससे कि उसके सड़ने से खेत में जीवांश कार्बन की मात्रा बढ़ेगी व रासायनिक खादों का प्रयोग बिल्कुल न करें। के0वीके) के वैज्ञानिक डॉ मुस्तफा ने द्वारा गोष्ठी में बताया गया कि तिलहनी फसलों में 40-45 दिन में प्रथम सिचाई लाभकारी होगी, उन्होंने बताया कि धान के कृषक प्रदर्शन हेतु सुपर सीडर का चिन्हांकन कर लिया गया है,

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किया गया आयोजित।

शीघ्र ही इसका लाइव डेमों खेतों पर सुनिश्चित कराया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार वैश्य द्वारा बताया गया कि कृषि, ग्राम्य विकास विभाग, पशुपालन द्वारा निरन्तर पराली गौशालाओं को प्रेषित की जा रही है जिसके सुखद परिणाम सबके सामने हैं उनके द्वारा समस्त कर्मचारियों को निरन्तर सर्तक दृष्टि बनाये रखने का निर्देश दिया जिससे कि पराली को घटना जनपद में परिलक्षित न हो।

    उप कृषि निदेशक डॉ सरस कुमार तिवारी द्वारा जानकारी दी गयी कि कृषक भाई धान के खेतों में विलम्ब से बोई जाने वाली घना फसल की प्रजातियां जेजी-14, उदय व गेहूँ की बुवाई सीधे सुपर सीडर कर सकते हैं। समस्त बीज विकास खण्ड कुरारा बीज भण्डार पर 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध हैं। उनके द्वारा बताया गया कि गत वर्ष 2019-20 में 46 घटनायें वर्ष 2020-21 में 10 घटनायें, जबकि वर्तमान वर्ष में एक भी घटना परिलक्षित नहीं हुई है। कृषकों के जागरूकता हेतु निरन्तर प्रचार वाहन व गोष्ठियों का आयोजननिरन्तर गत माह से किया जा रहा है।

जिलाधिकारी महोदय डॉ चन्द्रभूषण त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि वर्तमान वर्ष में पराली जलाये जाने की कोई भी घटना जनपद में सेटेलाइट से चिन्हित नहीं हुई है। इसके लिए जनपद के समस्त कृषक भाई बधाई के पात्र है, उन्होने अवाहन किया कि मिट्टी की सेहत को बनाये रखने के लिए हमें पराली की प्रबन्धन की विशिष्ट आवश्यकता है इससे न सिर्फ मृदा में उर्वरता बढ़ती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी होता है। गौशाला में पराली का दान किया जाना बहुत ही पुन्य का कार्य है इसको निरन्तर जारी रखा जाये तथा किसी भी ग्राम पराली जलाये जाने की घटना न हो इसका समुचित प्रचार प्रसार कराया जाये।

 उपरोक्त कार्यक्रम में मृत्युंजय प्रा०स० ग्रुप सी, उदय सिंह भदौरिया, प्रा०स० ग्रुप-बी, सुन्दरलाल वर्मा, प्रा०स० ग्रुप-बी अमित सचान, ग्राम प्रधान केतकी तथा अन्य कृषक महिलायें व पुरूष उपस्थित रहे। कृषक नीरू सिंह, वासुदेव यादव एवं अर्जुन सिंह द्वारा गौशाला को पराली दान किया गया। इनको धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अन्य कृषकों को भी इस कार्य के लिए प्रेरित किया गया।

 

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