प्रधान के उदासीनता के कारण पन्नी छप्पर में जिंदगी गुजार रहे निषाद समाज के लोग

मजदूरी होती है वह हम लोगों को स्वयं बाहर करना पड़ता है जिसकी वजह से भी ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया है 

 
प्रधान के उदासीनता के कारण पन्नी छप्पर में जिंदगी गुजार रहे निषाद समाज के लोग 

स्वतंत्र प्रभात 

 प्रयागराज बारा तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड जसरा अन्तर्गत मानपुर ग्राम सभा के निषाद समाज के लोगों ने जानकारी देते हुए कहा कि हम लोगों को मानपुर के मजरा भंभौर में लगभग 20 वर्ष निवास करते हो गए परन्तु आज तक किसी ने हम लोगों की सुध नहीं ली। यहां तक कि हम लोगों के पास रहने के लिए ना तो आवास है और ना ही इज्जत घर व राशन भी सही ढंग से उपलब्ध नहीं हो पाता। भंभौर गांव की महिलाओं एवं पुरुषों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान द्वारा हम लोगों से पहले ही ₹500 से लेकर ₹1000 तक कई बार आवास का फार्म भरने के नाम पर धन उगाही की गई परन्तु आज तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। जब आवास देने की बात करते हैं तो आवास के नाम पर हम लोगों से पैसे की मांग करते है जिससे हम लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक न हो पाने के कारण हम लोग प्रधान को देने में सक्षम नहीं है

जिससे प्रधान द्वारा हम लोगों का आवास सूची से कटवा दिया जाता है यही वजह है कि हम लोग आवास एवं शौचालय से वंचित होकर छप्पर में रहने को मजबूर हो गए हैं। यहां तक कि कुछ ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान तो मात्र कठपुतली है जो चिड़िया बैठाने का काम करते हैं कार्य किसी और के हाथ में है अब आखिरकार सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि ग्रामीणों के अनुसार कार्य किसी और के हाथ में है तो वह कौन है क्या वर्तमान प्रधान अज्ञानी है या कुछ और। यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है गांव के ही बुजुर्ग व्यक्ति अंश कुमार सिंह ने कहा कि नल खराब होने पर प्रधान द्वारा मिस्त्री और नल की सामग्री तो दे दिया जाता है परंतु नल बनवाने का जो मजदूरी होती है वह हम लोगों को स्वयं बाहर करना पड़ता है जिसकी वजह से भी ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया है।

   

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