सीएम पोर्टल को अधिकारियों ने बनाया मजाक

बुन्देली सेना ने कार्यवाही की मांग की

 
सीएम पोर्टल को अधिकारियों ने बनाया मजाक

बुन्देली सेना ने कार्यवाही की मांग की

चित्रकूट।

 सीएम पोर्टल को जिले के अधिकारियों ने मजाक बना दिया है। अधिकारी पोर्टल में जमकर लोगों को गुमराह करते हैं और झूँठ बोलने से भी नहीं कतराते। दोषी अधिकारियों पर बुन्देली सेना ने कार्यवाही की मांग की है।

बुन्देली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि विधानसभा चुनाव के समय लोक निर्माण विभाग ने सिद्धपुर से बाँकेसिद्ध संपर्क मार्ग का डामरीकरण कराया था। बाँकेसिद्ध आश्रम को जोड़ने वाला यह मार्ग विभाग ने लगभग दो सौ मीटर अधूरा छोंड़ दिया था। विभाग का कथन था कि जल्द ही अधूरे मार्ग को जोड़ देंगे। अब सीएम पोर्टल पर 25 मई को विभाग ने जवाब दिया है कि प्रश्नगत मार्ग लोनिवि की नीति एवं कार्ययोजना से आच्छादित ही नही है। इसी तरह 16 मई को निदेशक नेडा ने जनपदीय परियोजना कार्यालय एवं फर्म को जिला चिकित्सालय में विभाग द्वारा लगाई गई हाईमास्क सोलर लाइट क्रियाशील करने के निर्देश दिए। जबकि इसका नतीजा सिफर है, हाई मास्क सोलर लाइट अभी भी बंद पड़ी है।

 बीते 18 अप्रैल को सीएम पोर्टल पर परियोजना अधिकारी नेडा ने बूड़े हनुमान मंदिर में विभाग द्वारा लगाई गई हाई मास्क सोलर लाइटों को ग्राम पंचायत की बताकर पल्ला झाड़ लिया। सीएमओ ने 11 मई को एसीएमओ स्टोर को पत्र भेजकर निर्देश दिए कि पोस्टमार्टम हाउस में वाटर कूलर लगा दिया जाय, लेकिन नतीजा शून्य। डा. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना के तहत 35 सोलर लाइटें 48 लाख की लागत से पालिका ने लगवाई। तीन साल पहले 12 दिसम्बर को विभाग ने फर्म को सूचित कर दिया कि लाइटों की मरम्मत कराई जाए। आज तक सभी लाइटें शोपीस बनी हैं। 

स्वास्थ्य विभाग के हाल यह हैं कि कहीं की शिकायत करिए पत्र सीएचसी शिवरामपुर पहुंच जाता है। वह तुरंत यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि प्रकरण सीएचसी से संदर्भित नहीं है। बुन्देली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि यह सभी पत्र उन्होंने सीएम पोर्टल पर भेजे थे। विभाग सीएम पोर्टल की शिकायतों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाते। टरकाऊ नीति अपनाकर इतिश्री कर ली जाती है। मांग किया कि ऐसे अधिकारियों पर मुख्यमंत्री कठोर कार्यवाही करें ताकि जनता को राहत मिले। 

   

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