करोड़ों की लागत से निर्मित ओवरहेड टैंक बना शोपीस

 
करोड़ों की लागत से निर्मित ओवरहेड टैंक बना शोपीस

स्वतंत्र प्रभात
मिल्कीपुर।


मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के हैरिग्टगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत हरदोईया पूरे अटका में लगभग दो करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से बीते वर्ष 2012 में बनी पानी की टंकी विभागीय उपेक्षाओं के चलते मात्र शो-पीस बनी हुई है। दुख तो यह है कि ग्राम पंचायत के 18 मजरों में पाइप बिछाए जाने के बाद भी ग्राम वासियों को आज तक स्वच्छ जल मुहैया नहीं हो सका है।

 वर्ष 2012 में जब इस टंकी का निर्माण हो रहा था तो ग्रामीणों को लगा कि अब उन्हें स्वच्छ जल पीने को मिल सकेगा। विभागीय लोगों द्वारा जब पानी की सप्लाई शुरू कराई गई तो गांव तक तो पानी नहीं पहुंचा लेकिन जगह-जगह बिछी पाइप फट गई और रिसाव होने लगा।

 ग्रामीणों ने बताया कि यदि एक दिन पानी की सप्लाई चलती है तो कई दिन तक पाइप लाइन ठीक की जाती है। क्योंकि पानी की सप्लाई होते ही पाइप फट जाती है और पानी का रिसाव होने लगता है।ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से किया लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।


जब प्रदेश में सत्ता बदली व निजाम भी बदले, लोगों को लगा कि भाजपा सरकार में वाटर सप्लाई जरूर चालू हो जाएगी, कितु नतीजा वर्तमान सरकार का भी कुछ नहीं दिखाई दिया। वर्तमान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमर कुमार ने टंकी का पानी गांव में ना पहुंचने की शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारियों समेत क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को शिकायती पत्र देकर ठीक करवाए जाने की मांग की थी ताकि ग्राम वासियों को स्वच्छ जल मिल सके।

 संबंधित अधिकारियों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमर कुमार को आश्वासन दिया था कि बहुत जल्द ही पानी की सप्लाई ठीक करा दी जाएगी। लेकिन आश्वासन देने के बावजूद भी आज तक टंकी से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। पाइपलाइन इस तरह से जर्जरावस्था में पहुंच चुकी है कि पानी चालू होते ही जगह जगह पानी का रिसाव होने लगा है।

 ग्रामवासी मनोज कुमार का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से टंकी बदहाल स्थिति में है। गांव के सहज राम का कहना है कि विभागीय लापरवाही से टंकी शोपीस बनी हुई है। टंकी का पानी गांव में नहीं पहुंच रहा है। ऐसी दशा में जनप्रतिनिधियों को चाहिए था कि जांच कराकर कारदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्यवाही करवाना था।

कृषक राकेश कुमार का कहना है कि टंकी का पानी चालू कराने को लेकर न तो कोई जनप्रतिनिधि ही संवेदनशील है न ही विभाग। विपिन कुमार का कहना है कि स्वच्छ पेयजल के लिए यहां की जनता तरसती ही रह गई,

लेकिन टंकी का पानी अभी ग्राम पंचायत के सभी मजदूरों तक पहुंच ही नहीं पाया था कि पहले ही बिछी पाइप लाइनों से रिसाव होने लगा। इससे यह प्रतीत होता है कि कारदायी संस्था द्वारा भ्रष्टाचार जरूर किया गया है।

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