न्याय के लिए पीड़ित परिवार तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठे

  डेढ़ माह से थाना तहसील का लगा रहा था चक्कर नहीं मिला था न्याय 
 
न्याय के लिए पीड़ित परिवार तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठे 


स्वतंत्र प्रभात


 मिल्कीपुर ,अयोध्या न्याय के लिए पीड़ित परिवार थाना दिवस से लेकर तहसील तक का लगा रहा चक्कर, डेढ़ माह बाद भी पुलिस व तहसील प्रशासन से नहीं न्याय की उम्मीद तहसील परिसर में पीड़ित परिवार छोटे-छोटे बच्चों के साथ आमरण अनशन पर बैठा।मिल्कीपुर तहसील अंतर्गत थाना कोतवाली इनायत नगर क्षेत्र के तारडीह तरौली गांव निवासी बुजुर्ग मोटकऊ पुत्र राम दुलारे अपनी पुत्री कल्पना व दामाद महेश कुमार तीन मासूम बच्चों के साथ तहसील परिसर में आमरण अनशन पर इस बात को लेकर बैठे हुए हैं। कि गांव के ही दबंग रमेश कुमार पुत्र बाबूलाल आदि ने पीड़ित की भूमि पर जबरन कब्जा कर छप्पर पर रख लिया है।पीड़ित मोटकऊ ने बीते 22 अगस्त 2022 को थाना समाधान दिवस में कोतवाली इनायत नगर पुलिस को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन पुलिस व तहसील प्रशासन मौके तक जाना ठीक नहीं समझा

पीड़ित डेढ़ माह से न्याय के लिए तहसील व थाने का चक्कर लगा रहा है।
पीड़ित वृद्ध मोटकऊ ने बताया कि मेरे एक बेटी कल्पना ही थी जिसकी मैंने शादी कर दिया और वह अपने पति महेश कुमार अपने बेटे देवांश 7 वर्ष, दिवाकर 5 वर्ष, दीपू 8 माह के साथ मेरे घर ही रहती है उक्त दबंग लोग आए दिन गाली गलौज व मारपीट करते रहते हैं। दबंगों पर कार्रवाई न होता देख पीड़ित परिवार सोमवार को तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गया। लेकिन उन तक तहसील का कोई भी अधिकारी/ कर्मचारी जाना मुनासिब नहीं समझा। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिल जाएगा तब तक हम लोग ऐसे ही तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे।उप जिलाधिकारी अमित जायसवाल का कहना है कि जो व्यक्ति अपने परिवारजनों के साथ आमरण अनशन पर बैठा है वही गलत है, जब उनसे पूछा गया कि क्या आप वहां तक गए हैं तो उन्होंने बताया कि मैं नहीं गया लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल मौके तक गए हैं उन्होंने बताया कि रमेश कुमार कि वहां तक भूमि है फिलहाल ये लोग आमरण अनशन समाप्त करें मैं स्वयं जाकर मौके की जांच कर लूंगा।

   

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