उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव का ऐलान, 10 फरवरी से पड़ेंगे वोट 10 मार्च को आएगा रिजल्ट

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए 15 जनवरी तक डोर टू डोर और वर्चुअल कैंपन के अलावा अन्य सभी तरह के प्रचार तरीकों पर रोक लगा दी है।
 
 उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव का ऐलान, 10 फरवरी से पड़ेंगे वोट 10 मार्च को आएगा रिजल्ट


चुनाव आयोग ने शनिवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है। सभी राज्यों में सात फेज में मतदान की प्रक्रिया होगी। उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर सात मार्च तक सात चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में वोट डाले जाएंगे। मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और तीन मार्च को मतदान होगा। सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना 10 मार्च को होगी। चुनावों की घोषणा के साथ ही सभी पांच राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई।

उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले,14 फरवरी को दूसरे, 20 फरवरी को तीसरे, 23 फरवरी को चौथे, 27 फरवरी को पांचवें, तीन मार्च को छठे और 10 मार्च को सातवें चरण का मतदान होगा। चुनावों की घोषणा के साथ ही उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार दोबारा बनाने का दावा किया है, वहीं राज्‍य की मुख्‍य विपक्षी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने दावा किया है कि 10 मार्च को भाजपा का साफ होना तय है। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने चुनाव की तारीख घोषित होने का स्वागत करते हुए सत्ताधारी पार्टी के हथकंडों पर आयोग से नजर रखने की अपील की है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए 15 जनवरी तक डोर टू डोर और वर्चुअल कैंपन के अलावा अन्य सभी तरह के प्रचार तरीकों पर रोक लगा दी है। डोर टू डोर कैंपेन में भी अधिकतम 5 लोगों को शामिल होने की ही इजाजत होगी। आगे कोविड की स्थिति की समीक्षा करके 15 जनवरी के बाद के बारे में फैसला किया जाएगा।

 

 उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव का ऐलान, 10 फरवरी से पड़ेंगे वोट 10 मार्च को आएगा रिजल्ट


15 जनवरी तक प्रचार पर बंदिशें

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा, ''आयोग ने फैसला किया है कि 15 जनवरी तक लोगों की शारीरिक रूप से मौजूदगी वाली कोई जनसभा (फिजिकल रैली), पदयात्रा, साइकिल रैली, बाइक रैली रोडशो की अनुमति नहीं होगी। रात आठ बजे से सुबह बजे के बीच कोई सभा नहीं होगी। सार्वजनिक सड़कों पर कोई नुक्कड़ सभा नहीं होगी। चुनाव नतीजों के बाद कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा।''

आयोग ने देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 15 जनवरी तक जनसभाओं, साइकिल एवं बाइक रैली और पदयात्राओं पर रोक लगा दी है। 15 जनवरी के बाद स्थिति का जायजा लेने के बाद आयोग आगे का फैसला लेगा।

सुशील चंद्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोरोना से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए चुनावी प्रक्रिया को संपन्न किया जाएगा और इसमें हिस्सा लेने वाले सभी कर्मियों को कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर और मास्क जैसी कोविड से बचाव की सुविधाएं उपलब्ध होंगी और मतदाता केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को पूरा हो रहा है, जबकि उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च को समाप्त हो रहा है। गोवा विधानसभा का कार्यकाल 15 मार्च और मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 19 मार्च को समाप्त हो रहा है।


उन्होंने कहा कि आगे स्थिति की समीक्षा के बाद ही चुनाव प्रचार के लिए राज्यों में कोविड से संबंधित दिशानिर्देश के अनुसार कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी। चंद्रा ने बताया कि सभी राज्यों को यह हलफनामा देना होगा कि वे सभी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। कोविड दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने वाले कानूनी कार्रवाई के भागी होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर और मास्क जैसी कोविड से बचाव की सुविधाएं उपलब्ध होंगी और कोविड की स्थिति को देखते हुए मतदाता केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।


सख्त कोविड नियमों के तहत होंगे चुनाव

हर विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम एक मतदान केंद्र ऐसा होगा, जो विशेष रूप से महिला कर्मियों द्वारा संचालित किया जाएगा ताकि महिला मतदाताओं को प्रोत्साहित किया जा सके। 1620 पोलिंग स्टेशन पर सर्फि़ महिला चुनाव अधिकारी होंगी। हर बूथ पर अधिकतम एक हज़ार वोटर होंगे। सभी मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर और मास्क जैसी कोविड से बचाव की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, मतदाता केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।


-चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक किसी भी तरह की रैली, रोड शो, नुक्कड़ सभा, साइकिल रैली बाइक रैली पर रोक लगा दी है। वर्चुअल रैली के जरिए ही प्रचार होंगे, डोर टु डोर कैंपेन में सिर्फ 5 लोग ही शामिल होंगे। इसके अलावा जीत के बाद विजय जुलूस पर रोक रहेगी।
-इसके साथ ही इन पांचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि पांचों राज्यों के 690 विधानसभा क्षेत्रों में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए मतदान कराए जाएंगे। कुल 18.3 करोड़ मतदाता वोट कर सकेंगे। सारे बूथ ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाएंगे।
-धनबल और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को लेकर बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने वाली नीति होगी, सभी पांच राज्यों में प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए समग्र कार्य योजना बनाई गई है: सुशील चंद्रा।
-मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को ऑनलाइन नामांकन दाखिल करने का विकल्प भी दिया जाएगा।
-उम्मीदवारों की आपराधिक मामलों की जानकारी राजनीतिक दलों को सार्वजनिक करनी होगी: चुनाव आयोग

महिला स्पेशल बूथ

उत्तर प्रदेश में 2017 के चुनाव में भाजपा को 39.67 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे जबकि सपा और बसपा के मतों का प्रतिशत 21.82 प्रतिशत और 22.23 प्रतिशत था।  उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी 1989 से सत्ता से बाहर है। अपने जनाधार को लेकर हमेशा आश्वस्त रहने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती अभी रैलियों के लिए नहीं निकली हैं। उनकी जगह पार्टी के नेता सतीश चंद्र मश्रिा गाजे-बाजे के साथ प्रदेश का भ्रमण कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ दो लाख 84 हजार पांच मतदाता हैं, इनमें 52 लाख 80 हजार 882 नाम मतदाता सूची की समीक्षा के बाद जोड़े गये हैं। राज्य में दव्यिांग मतदाताओं की संख्या 10.64 लाख है जबकि 24.03 लाख मतदाताओं की उम्र 80 साल से अधिक है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई 2022 को समाप्त हो रहा है। राज्य की कुल 403 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 2017 की शुरुआत में हुए थे। पिछले चुनाव के लिए अधिसूचना 17 जनवरी 2017 को जारी हुई थी और मतदान सात चरणों में हुए थे।  पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सहयोगी दलों को 403 सीटों में से 325 सीटें मिली थी, समाजवादी पार्टी (सपा) को 47, बहुजन समाज पार्टी(बसपा) को 19 और कांग्रेस को सात सीटें मिली थी। पांच सीटें अन्य के खातों में गई थीं।

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