अलीगढ़ की बड़ी खबरे

अलीगढ़  की बड़ी खबरे

जनाक्रोश था तो एएमयू बवाल के बाद क्यों?उकसाने वालों पर खफिया तंत्र की नजर
अलीगढ़। कानून लागू हुए हफ्ताभर बीत चुका है, तब विरोध केवल विपक्षी पार्टियों तक सीमित रहा। आमजन शामिल नहीं थे। अब रिहायशी इलाकों से लेकर बाजारों में विरोध होना इन्हीं आशंकाओं को बल दे रहा है।

खुफिया तंत्र अब उन तत्वों को तलाश रहा है, जो बैकडोर से लोगों को उकसा रहे हैं। माना ये भी जा रहा है कि नागरिकता कानून के विरोध में जो लोग खुलकर सामने नहीं आ पाए थे, वे भीड़ का नेतृत्व कर माहौल बिगाड़ रहे हैं।

अमुवि में उपद्रव पहले भी होते रहे हैं। पथराव, फायरिंग, पुलिस से टकराव, यहां तक की गिरफ्तारियां हुईं, छात्र घायल भी हुए, लेकिन इसकी आग कभी शहर के अंदर नहीं फैली। लेकिन रविवार रात कैंपस में जो आग लगी, उसने शहर को भी सुलगा दिया।

सोमवार को तनावपूर्ण माहौल में सुबह हुई तो शाम दहशत में ढली। इस बीच जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन, जुलूस, बाजार बंदी, नारेबाजी की गई। इस पूरे घटनाक्रम में खास बात ये रही कि जहां भी भीड़ जुटी, उसका नेतृत्व करने वाला कोई चर्चित चेहरा नहीं था। जो चेहरे सामने थे, वे वहीं के स्थानीय लोग थे। वे नागरिकता कानून का विरोध कर रहे थे। यही वजह रही प्रशासन के हड़काने से पीछे हट गए।

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि शहर के अंदर विरोध को कहीं न कहीं से हवा मिली है।
अमुवि कैंपस और इससे सटे जमालपुर क्षेत्र में दूसरे दिन हुए घटनाक्रम पर नजर डालें तो स्थिति स्पष्ट थी कि प्रदर्शन के पीछे एएमयू छात्र रहे। लेकिन बाकी स्थानों पर भीड़ का नेतृत्व किसने किया, ये कोई नहीं भांप सका।

दोदपुर पर तो सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतर आईं और नागरिकता कानून का विरोध जताने लगीं। यहां पहले कभी विरोध नहीं हुआ। लालडिग्गी, रसलगंज, सराय सुल्तानी, ऊपरकोट, सराय रहमान में स्थिति देखें

तो भीड़ अचानक निकली और विरोध जताकर पुलिस व प्रशासन के समझाने, हड़काने पर वापस चली गई। इन लोगों के बीच किसी भी पार्टी का कोई बड़ा नेता, प्रतिनिधि नहीं था, न ही कोई प्रतिष्ठित व्यक्ति ही सामने आया। जो लोग सड़कों पर निकले, वे कानून का विरोध कर एएमयू छात्र व जो अन्य लोग गिरफ्तार हुए हैं। उन पर कार्रवाई न करने की मांग भी करने लगे।

इस भीड़ का एएमयू प्रकरण से सीधा कोई मतलब नहीं था। अगर, ये जनाक्रोश था तो एएमयू बवाल के अगले ही दिन क्यों, यदि नहीं तो इस आक्रोश को भड़काने में कौन मददगार था? ये वो सवाल हैं जिनके जवाब सुरक्षा एजेंसियां तलाश रही हैं।

खुफिया तंत्र सक्रिय,शहर में जहां-जहां विरोध के सुर फूटे हैं, उन इलाकों में नेताओं के दौरे पर खुफिया तंत्र ने निगाह गड़ा दी हैं। पता ये भी किया जा रहा है कि सोमवार को इन क्षेत्रों में कोई नेता या संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं आया। अगर पहुंचा था तो किन लोगों से संपर्क किया। ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है कि घटनाक्रम की पुनरावृत्ति न हो।

 

छात्राओं का धरना जारी,लगाए आजादी के नारे
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में नागरिकता कानून के विरोध में छात्राओं का धरना जारी है।कैंपस में हुए बवाल के बाद से यूनिवर्सिटी गेट पर छात्राए धरना दे रही है।इंतजामियां ने देर रात छात्राओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन नहीं मानी।

कुछ छात्राएं तो प्रोक्टर टीम से ही भिड़ गई।बोली नया कानून तुरंत वापस किया जाए।छात्राओं के इस धरने में दिन में दिन अन्य विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है इंतजामिया की लगातार टेंशन बढ़ती जा रही है। रविवार को छात्राओं ने आजादी के भी नारे लगाए।

 

 बाबे सैयद गेट पर छात्राओं का धरना सातवें दिन भी जारी
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बाबे सैयद गेट पर एएमयू में पढ़ने वाली स्थानीय छात्राओं व छात्रों का धरना रविवार को भी जारी रहा। यह अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लिये हुए हैं। यह धरना गत सोलह दिसम्बर से निरन्तर चल रहा है।

नागरिकता संशोधन कानून का विरोध के चलते गत 15 दिसम्बर की रात्रि को एएमयू में बबाल हो गया था। इसके कारण एएमयू इंतजामिया ने पांच जनवरी के लिए एएमयू को बन्द करने की घोषणा कर दी। सोमवार सोलह दिसम्बर को सभी छात्रों को हालों से उनके घरों को भेज दिया गया।

उसी दिन से एएमयू में पढ़ने वाली स्थानीय छात्राओं ने बाबे सैयद गेट पर हाथों में बेनर पोस्टर लेकर धरना शुरू कर दिया था। इस धरने के सातवें दिन करीब दो दर्जन छात्राएं व इतने ही छात्र रविवार को बाबे सैयद गेट पर धरने पर बैठे।

इन छात्राओं का कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर एएमयू के छात्रों ने शांति पूर्वक विरोध की मशाल जलाई उसे हम एएमयू में अवकाश होने व छात्रों के चले जाने के बाद उनके अभियान को वह निरन्तर जारी रख रही है। यह कानून का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रही है।

 

छात्रों ने वीसी और रजिस्ट्रार से मांगा इस्तीफा
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ की ओर से एक नोटिस जारी हुआ है जो सोशल मीडिया पर वाइरल हो रहा है इसमें वीसी और रजिस्ट्रार के त्याग पत्र की मांग करते हुए चेतावनी दी गई है कि पांच जनवरी के बाद एएमयू को तब तक नहीं चलने देंगे

जब तक यह दोनों इस्तीफा नहीं दे देते।छात्रसंघ के पूर्व सचिव हुफैजा आमिर रसीदी ने इस नोटिस के सम्बन्ध में कहा है कि अब तक इनके द्वारा छात्रों को नोटिस दिये जाते थे, लेकिन इस बार छात्रों की ओर से वीसी और रजिस्ट्रार को नोटिस दिया गया है।

एएमयू में 15 दिसम्बर की रात जो घटना हुई उसकी हम निन्दा करते है। पांच जनवरी तक यह दोनों जितनी ज्यादती कर सकते हैं कर लें। उसके बाद जब छात्र लौटकर आयेंगे तो इस यूनीवर्सिटी को चलने न हीं देंगे।

जब तक इन दानों को इस्तीफा नहीं हो जाता तब तक छात्र और गैर शिक्षक एएमयू को चलने नहीं देंगे। इस तरह का एक नोटिस छात्रसंघ के लेटर पैड पर जारी किया है। यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

 

बाजार खुले और दिखी चहल पहल,फोर्स तैनात
अलीगढ़। महानगर अब दहशत और आशंकाओं से पूरी तरह से निकल चुका है। बाजारों में दुकानें खुलने के बाद ग्राहकों की भीड़ देखने के साथ चहल पहल भी रही। शहर की फिजा बदलने के बाद ऐसा नहीं लगा कि यह शहर एक हफ्ते से हो हल्ला, अफवाहों और विरोध प्रदर्शनों में घिरा था।

अब वेखौफ होकर लोग खरीदारी करने के साथ अपने काम पर लौट गये हैं। लोगों के चहरों पर खौफ की जगह सुकून दिखाई दे रहा है। देा दिन से कही से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।

हाॅलाकि शहर में रेड अलर्ट के बीच दंगा नियंत्रण स्कीम प्रभावी रूप से लागू है और फोर्स सभी संवेदनशील स्थानों पर तैनात है। जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर गणमान्य नागरिकों के साथ बैठकों का दौर चलाया जा रहा है।

वहीं शहर के प्रमुख 250 चैराहो पर पत्थर बाजों के पोस्टर चस्पा कर दिये गये हैं।
वीसी बताएं किसके इशारे पर हुई पुलिस कार्यवाही: परवेज अहमद
पूर्व अमुवि कोर्ट सदस्य एवं आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष परवेज़ अली खान ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पुलिस प्रशासन द्वारा छात्रों के साथ की गई मारपीट व उत्पीड़न की घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कड़ी निंदा की है।

उन्होंने कहा कि अमुवि वीसी को स्पष्ट करना चाहिए कि किसके इशारे पर विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस कार्यवाही की इजाजत दी गई? शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज, आंसू गैस और रबर बुलेट के साथ स्टोन ग्रेनेड दागने की आवश्यकता क्यों हुई ?

क्या अमुवि वीसी अपने भाजपा प्रेम में इतने अंधे हो गए हैं कि उन्हें छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने में जरा भी हिचकिचाहट नहीं हुई? उन्होंने कहा कि अमुवि वीसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि यह शिक्षा का वो इदारा है जिसकी रोशनी सारे जहां में बिखरी है

और ऐसे इदारे को बदनाम करने की उनकी साजिश के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। विश्वविद्यालय को बदनाम करने वाले व्यक्ति को समाज मे रहने का कोई हक नहीं है। हम ऐसे व्यक्ति के सामाजिक बहिष्कार की मांग करते हैं।

 

पुलिस-प्रशासन,पब्लिक की जुगलबन्दी से कायम है अमनो-चैन !
धर्मेन्द्र राघव 
अलीगढ़। नागरिकता संशोधन कानून लागू होने की आहट ने हांलाकि देश की राजधानी दिल्ली सहित देश के अधिकाँश हिस्सों में कडकडाती ठण्ड के बावजूद गर्मी का एहसास करा परन्तु, साम्प्रदायिक द्रष्टि से अतिसंवेदनशील होने के बावजूद यहाँ की बात करें

तो छुट-पुट घटनाओं को छोड़कर अभी तक अलीगढ़ का माहौल ठीक चल रहा है जिसके लिए,सजग पुलिस-प्रशासन, अमुवि की प्रबुध्ध अलीग बिरादरी एवं शहर के मुफ़्ती खालिद हमीद सहित पीस कमेटी के सभी गणमान्य लोग बधाई के पात्र हैं।

शहर के कई इलाकों में नागरिकता बिल के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे बीते बुधवार को भाजपा के कद्दावर नेता एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के मैरिस रोड स्थित आवास राज पैलेस की ओर भी महिलाओं ने कूच किया  जिन्हें पुलिस ने रोक दिया था।

गौरतलब हो कि एएमयू में के विरोधस्वरुप शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन महानगर के गली-मुहल्लों तक पहुँच गया था बीते बुधवार को महानगर में इसकी शुरुआत शहर के सराय रहमान स्थित चैक से हुई थी बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा, बैनर, पोस्टर लेकर सड़क पर उतर आए

और जीटी रोड को जाम कर दिया था द्यपरन्तु प्रशासनिक सूझ-बूझ के चलते महानगर के अल्पसंख्यक इलाकों में कहीं कोई अनहोनी घटित नहीं हुईद्यकुल मिलाकर देखा जाए तो सर सैय्यद के चमन यानि अलीगढ़ में, एनआरसी एवं सीएए को लेकर उठा शोर लगभग थम सा गया है

हांलाकि इस बीच देश विरोधी तत्वों द्वारा इस मामले को तूल देकर शहर की फिजा को खराब करने की भी कोशिश की गयी परन्तु महानगर के प्रबुध्ध लोगों खासतौर से अल्पसंख्यक बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले समझदार नागरिकों एवं पुलिस प्रशासन की जुगलबन्दी का ही नतीजा है

कि जिस समय प्रदेश के अधिकाँश हिस्सों में धर्म के नाम पर आग लग रही थी यहाँ के लोग यही गुनगुना रहे थे ,”ये मेरा चमन-2” में अपने चमन का बुलबुल हूँ। अब जबकि अलीगढ़ में नेट सेवा पुनर्बहाल कर दी गयीं हैं,देखना यह होगा कि,शहर में शांति कायम रखने में सफल हुई पुलिस पब्लिक और प्रशासन की यह जुगलबन्दी कायम रह पाती है या नहीं ? ?

 

2020 के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न 
अलीगढ़। मां सरस्वती सांस्कृतिक क्लब के तत्वाधान में नौरंगाबाद स्थित कार्यालय पर 2020 के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न की गई। चुनाव अधिकारी एडवोकेट केपी भारद्वाज ने बताया की अध्यक्ष पद के लिए रेशू अग्रवाल, उपाध्यक्ष पद के लिए रीमा जैन,

महासचिव के लिए पूजा यादव,सचिव पद के लिए शशि वाला गुप्ता,कोषाध्यक्ष पद के लिए सरिता सिंह और ऑडिटर पद के लिए आरती गुप्ता ने नामांकन दाखिल किया।कार्यकारिणी सदस्यों के लिए सतीश चंद गुप्ता,वरुण मौर्य नरेंद्र कुमार,सतीश यादव,प्रमोद शर्मा और गगन अग्रवाल ने नामांकन भरा।

अधिवक्ता भुवनेश अग्रवाल ने बताया कि 24 दिसम्बर तक नामांकन भरे जाएंगे और उसी दिन नामांकन वापसी भी होंगी।अगर कोई नामांकन वापसी या कोई नामांकन और नहीं आता है तो उपयुक्त सभी सदस्यों को 25 दिसम्बर को क्लब कार्यालय पर  निर्विरोध चुन लिया जाएगा।

इस मौके पर एडवोकेट के पी भारद्वाज,रेशू अग्रवाल,दीपक पंडित,भुवनेश अग्रवाल,मधु पंडित,संतोष अग्रवाल,अखिलेश अग्रवाल,ज्योति शर्मा,संतोष कुमार गुप्ता,हेमंत मिश्र आदि उपस्थित थे।

 

क्रिसमस को लेकर जमकर हो रही खरीदारी
अलीगढ़। क्रिसमस को लेकर एक ओर जहां शहर के चर्च रंगीन रोशनी से सज चुके हैं। वहीं, बाजार में ईसाई समाज के लोग खरीदारी कर रहे हैं। लोग सेंटा कैप के साथ क्रिसमस ट्री, गार्लेड, स्टार, लाइट, फ्लावर, बेल्स, बेल्स रिंग और तोहफों की खरीदारी कर रहे हैं।

बाजार में ग्राहक सबसे अधिक पैसे गिफ्ट पर खर्च कर रहे हैं। दो दिन बाद क्रिसमस का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इसको लेकर रविवार को शहर के बाजारों में चहल पहल रही। खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ देखते ही बन रही थी।

गिफ्ट कॉर्नर व फैंसी स्टोर्स में सर्वाधिक भीड़ दिखी। क्रिसमस के लिए लोगों को जिंगल बेल, स्टार, गिफ्ट, रोलेक्स मल्टी स्टार पेपर, कलर पेपर, क्रिसमस ट्री, बैलून, चाकलेट, टॉफी व केक आदि तल्लीन होकर खरीद रहे थे। इसके अलावा मिष्ठान्न व पकवानों के निर्माण के लिए अनाज एवं अन्य परिधानों की खरीदारी भी की जा रही है।

व्यवसायियों में भी क्रिसमस को लेकर उत्साह दिख रहा है। शहर में रामघाट रोड रेलवे रोड, सेंटर प्वाइंट, क्वार्सी, समद रोड़, मैरिस रोड़ सहित जगह-जगह क्रिसमस के लिए साज-सज्जा की सामाग्रियों की दुकानें सजी हुई हैं। मैरिस रोड के फ्लावरिस्ट देवेन्द्र ने बताया कि इस साल क्रिसमस में बिक्री 20 फीसदी तक बढ़ गई है।

स्टार, क्रिसमस ट्री और गिफ्ट आइटम्स की मांग सबसे अधिक है। घर की सजावट वाले सामानों की मांग बढ़ी है। युवाओं में क्रिसमस ट्री और क्रिसमस बेल को लेकर काफी उत्साह है। बच्चे सेंटा कैप के साथ सेंटा हैंड बैंड, चश्मे, सेंटा राउंड कैप और सेंटा सॉक्स खरीद रहे हैं।

 

युवाओं में क्रिसमस ट्री की मां
युवाओं में क्रिसमस ट्री और स्टार को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले साल ग्राहकों ने छोटे क्रिसमस ट्री खरीदे थे, लेकिन इस साल 7 हजार रुपये तक के क्रिसमस ट्री युवा खरीद रहे हैं। स्टार की खरीदारी भी बढ़ गई है।

स्टार की कीमत 100 रुपये से शुरु हो कर 1400 रुपये तक है। क्रिसमस ट्री की कीमत 300 रुपये से शुरू होकर 10 हजार रुपये तक है।यीशू मसीह ने दिया था शिक्षा व आपसी प्रेम का संदेश अलीगढ़। प्रभु यीशु मसीह के जन्म दिवस से पूर्व रविवार को ईसाई समुदाय के लोगों ने नगला मसानी स्थित महानेह दान फैलोशिप चर्च में कैरोल गीत, विशेष प्रार्थना सभा व रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसमें प्रभु यीशु के जन्म से संबंधित नाटक आर्कषण का केन्द्र रहा।

क्रिसमस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पादरी सैमुअल शिमौन ने किया। इस दौरान कैरोल गीत, बाइबल का पाठ किया गया। इस मौके पर पादरी सैमुअल शिमौन ने यीशु मसीह द्वारा दी गई शिक्षा, आपसी प्रेम और भाईचारे का बच्चों को संदेश दिया।

कहा कि प्रभु ईशु ने समाजवाद स्थापित किया और पूरे विश्व को मानवता का संदेश दिया। उन्होंने, छात्र छात्राओं से उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने ईशु मसीह के जन्म का नाट्य रूपांतरण पेश किया।

इसमें प्रभु ईशु के जन्म के प्रसंग का शानदार मंचन किया। इसमें तत्कालीन राजाओं द्वारा निचले तबके के लोगों के साथ हुए अत्याचारों को दिखाया गया। साथ ही प्रभु ईशु द्वारा उनकी समस्याओं का हरण किए जाने का प्रसंग दिखाया। कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति को प्रार्थना की गई। इस मौके पर पप्पू मसीह, सतेन्द्र सिंह, डेनियल शिमौन, अरूण मसीह, मनोज, अकांक्षा, शैरोन, तमन्ना, सोनिया आदि उपस्थित थे।

 

गणेश अध्यक्ष कुलदीप महासचिव और कोषाध्यक्ष बने प्रवीण राघव
अलीगढ़ बार एसोसिएशन अलीगढ़ बार एसोसिएशन के चुनाव में  गणेश कुमार शर्मा  अध्यक्ष  व  कुलदीप आदित्य गुप्ता महासचिव  और प्रवीण कुमार राघव कोषाध्यक्ष पद के लिए विजयी हुए ।
अलीगढ़ बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की मतगणना शांतिपूर्ण संपन्न हो गई

जिसमें अध्यक्ष पद पर गणेश कुमार शर्मा,महासचिव पद पर कुलदीप आदित्य गुप्ता,कोषाध्यक्ष पद पर प्रवीण कुमार राघव,वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर विनय कुमार शर्मा,कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर नरेंद्र सिंह,सयुंक्त सचिव प्रशासन पद पर भूपेंद्र सिंह,सयुंक्त सचिव पुस्तकालय पद पर उमेश कुमार शर्मा,

सयुंक्त सचिव प्रकाशन पद पर जगदीश प्रसाद बघेल विजयी रहे।वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य मनोज कुमार सक्सेना, वेदप्रकाश वाष्र्णेय,वाहिद अली खान,कुवर अमीर खान,सज्जन पाल चैहान और कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य चैधरी योगेश,मुकुल तोमर, मोहम्मद इरफान,लोकेन्द्र तिवारी निर्विरोध निर्वाचित हुए।

 

लूट का मुकदमा दर्ज नहीं कर रही पुलिस
अलीगढ़। थाना गांधीपार्क क्षेत्र के मामूभांजा में बाइकर्स ने बंगलोर के रिटायर्ड फौजी से मोबाइल लूट लिया। इतना ही नहीं चार दिन बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। 
बंगलोर निवासी सुरेश चन्द्र उपाध्याय रिटायर्ड फौजी हैं।

उनकी रेलवे रोड स्थित गुल्लूू वाली गली में ससुराल है। बीते 19 दिसंबर की रात वह साले प्रवीन शर्मा के साथ टहल रहे थे। मामू भांजा के पास पहंुचते ही पीछे से बाइक सवार दो लुटेरे आ धमके। नजर झपकते ही बाइक पर पीछे बैठे युवक ने सुरेश चन्द्र उपाध्याय के हाथ में लगे मोबाइल पर झपट्टा मार दिया।

लुटेरे मोबाइल लूटकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही इलाका पुलिस पंहुच गई। इस संबंध में अज्ञात लुटेरों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई थी। आरोप है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

 

नहीं थम रहा पोखर पर अवैध कब्जा,राजनैतिक परिवारों के संरक्षण की चर्चाएं गर्म 
अलीगढ़। थाना गांधी पार्क के मौहल्ला विकास नगर पोखर पर अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। नाले को पाटकर पोखर पर कब्जा करने की कोशिश चल रही है। नाला पाटने की भनक लगने पर रविवार को नगर निगम की टीम फोर्स के साथ पहुंची

और जेसीबी से नाले में डाली गई सीमेंट की पाइप व मिट्टी को निकलवा कर नाले के बहाव को शुरू कराया। इस अवैध कब्जे की कोशिश में कुछ राजनीतिक लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
एटा चुंगी स्थित विकास नगर पोखर के पास कयामपुर को एक नाला जा रहा है।

नाला गंगापुर एक माइनर में मिलता है। रविवार को नगर निगम की टीम को सूचना मिली कि विकास नगर पोखर के पास से जा रहे नाले को कुछ लोगों ने पाट दिया है। नगर निगम के जोनल अधिकारी राजेश कुमार टीम के साथ जेसीबी लेकर पहुंचे और नाले में डाली गई सीमेंट की पाइप को निकालकर बाहर कराया।

नाले से कई ट्रैक्टर ट्राली मिट्टी निकाली गई। दोपहर तीन बजे से नाला खोलने में लगी नगर निगम की टीम चार घंटे तक मशक्कत करती रही। नगर निगम की ओर से नाला पाटने को लेकर कोई मुकदमा कायम नहीं कराया गया है।

एटा चुंगी विकास नगर पोखर को लेकर नगर निगम व टीकाराम ट्रस्ट के बीच मुकदमा चल रहा है। करीब 1.50 हेक्टेअर से अधिक भूमि को टीकाराम के ट्रस्टी इसको अपनी जमीन बताते हैं। जबकि नगर निगम इसको पोखर बताता है।

नगर निगम की माने तो 2010 से विकास नगर की पोखर को लेकर विवाद चल रहा है। 2013 में टीकाराम ट्रस्ट का पोखर से दावा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था और वाद जिला जज की अदालत में चल रहा है। जबकि टीकाराम ट्रस्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि जमीन टीकाराम ट्रस्ट की है।

नगर निगम इसको जबरन पोखर बताता है। ट्रस्ट मुकदमा जीत चुका है। नगर निगम काम नहीं करने दे रहा है।टीकाराम ट्रस्टी के ज्वाइंट मैनेजिंग ट्रस्टी पवन गुप्ता ने बताया कि जमीन टीकाराम ट्रस्ट की है। जमीन पर पानी भरता है इसके लिए नाला बनाने की अनुमति नगर निगम से मांगी गई थी।

नगर निगम जमीन को पोखर बताने लगा। टीकाराम ट्रस्ट की जमीन पर राजनीति संरक्षण में अवैध कब्जे की कोशिश चल रही है। कुछ लोगों को नजर इस जमीन पर लगी हुई। जमीन बेचने की भी लोग अफवाह उड़ा रहे हैं। उक्त जमीन पर एक ओर कुछ लोगों ने कब्जा भी किया है और दीवार बनाकर गेट लगा लिया है। टीकाराम ट्रस्टी जमीन का मालिक है और मुकदमा हाईकोर्ट से जीत चुका है। जमीन पर स्थाई रूप से काम करने के कोर्ट में केवल मामला लंबित है।

एटा चुंगी स्थित विकास नगर पोखर पर कब्जा करने के मामले में एक राजनीतिक परिवार का नाम चर्चाओं में है। दोपहर में नगर निगम की कार्यवाही के बाद अधिकारी से लेकर लखनऊ तक फोन घनघनाने शुरू हो गए थे।

इनका कहना है...
सहायक नगर आयुक्त नगर निगम राजबहादुर सिंह का कहना है कि नाला पाटकर विकास नगर पोखर पर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। नगर निगम की टीम ने नाले को खुलवा दिया। जमीन पर नगर निगम का स्वामित्व है। उच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट किया था कि जमीन के स्वरूप को बदल नहीं सकते हैं। मालिकाना हक का वाद लंबित है। नगर निगम ने अभी पोखर की सफाई भी कराई थी।

 सरकारी विभाग की गलती का खामियाजा भुगत रहे राहगीर
अलीगढ़। सरकारी विभाग की गलती का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। एडीए व नगर निगम को शहर के दो चैराहे से होकर गुजरने वाली सड़क डिवाईडर बनाकर चैड़ीकरण करना था। लेकिन दोनों विभागों ने डिवाइडर तो बना दिया,

मगर सड़क चैड़ीकरण नहीं किया। ऐसे में आए दिन हादसे हो रहे हैं। इस समस्याओं देखते हुए कांग्रेस नेता ने नगर निगम व एडीए के अधिकारियों के साथ ही शासन को पत्र लिखाकर कार्रवाई की मांग की है। जीटी रोड पर एटा चुंगी से धनीपुर और नौरंगाबाद की ओर सड़क को चैड़ीकरण व डिवाइडर बनाने के लिए निर्माण विभाग का एडीए से समझौता हुआ था।

एडीए ने डिवाइडर तो बना दिया, मगर सड़का को चैड़ीकरण नहीं कराया। यही नहीं निर्माण खंड से 50 मीटर डिवाइडर बनाना तय हुआ था। मगर एडीए ने धनीपुर व नौरंगाबाद की ओर लगभग 100-100 मीटर डिवाइडर बना दी।

कुछ महीने पहले सीएम के आगमन पर एडीम ने नौरंगाबाद की ओर सड़क चैड़ीकरण का कार्य शुरू कराया। मगर जब उनका कार्यक्रम टला तो निर्माण कार्य भी रुक गया। नागरिकों की माने तो आए दिन इस मार्ग पर हादसे हो रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।

इस मार्ग से अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों का आए दिन आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद इस सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। जबकि निर्माण विभाग ने कई बार एडीए को पत्र भेज निर्माण कार्य पूरा कराने को कहा है। वहीं दूसरी ओर सूतमिल चैराहे से सारसौल की ओर जाने वाली सड़क का भी यही हाल है।

नगर निगम ने डिवाइडर बनाकर छोड़ दिया मगर सड़क चैड़ीकरण नहीं कराया। कांग्रेस नेता आगा युनूस ने इसकी शिकायत नगर आयुक्त, वीसी और शासन में की है। उन्होंने कहा कि सड़क टूटने से आए दिन दुर्घटनाए हो रहे हैं। इस पर रोकथाम के लिए सड़क निर्माण जरूरी है।

 

साथा शुगर मिल, बदले जीएम
अलीगढ़। साथा शुगर मिल में पेराई नियमित नहीं हो पा रही है। लंबी बंदी के बाद मिल शुरू जरूर हुई लेकिन फिर रुक गई। अब पिछले तीन दिन से मिल में पेराई बंद है। इस बीच सरकार ने चीनी मिल जीएम प्रमोद कुमार का तबादला करके उनके स्थान पर लालता प्रसाद को तैनात किया है।

उनका कहना है कि पांच से छह दिन में मिल शुरू कर दी जाएगी।सूत्रों के अनुसार साथा शुगर मिल की मशीनरी पुरानी हो चुकी है, बीते पेराई सत्र में भी मिल के रुक-रुककर चलने से किसानों को गन्ना बेचने के लिए आंदोलन करना पड़ा था। किसानों की दिक्कतों को देखते हुए

जिला प्रशासन ने तब गन्ना दूसरी मिलों को डायवर्ट किया था। इस बार अफसर दावा कर रहे थे कि मिल चलेगी। सरकार की ओर से मिल चलाने के लिए निजी क्षेत्र की नोएडा की कास्टिक कंपनी को मरम्मत की जिम्मेदारी सौंपी थी। साथ ही नए जीएम के तौर पर प्रमोद कुमार की तैनाती की थी,

लेकिन मिल इस बार भी नहीं चल पा रही है। इसे देखते हुए सरकार ने अब नए जीएम के तौर पर लालता प्रसाद को कमान सौंपी है। मिल में बार-बार पेराई थमने को लेकर रविवार को भारतीय किसान यूनियन भानु का प्रतिनिधि मिल पहुंचा।

यहां उन्होंने नए जीएम से मुलाकात करते हुए मिल चलने में आ रही दिक्कतों की जानकारी ली। इसमें उन्होंने भरोसा दिलाया कि मिल को दुरुस्त करने में पांच से छह दिन लगेंगे। तब तक किसानों को इंतजार करना पड़ेगा। अगर इसके बाद भी मिल नहीं चल पाती है तो गन्ना दूसरी मिलों को डायवर्ट किया जाएगा।
27 को कलक्ट्रेट पर होगी महापंचायत
भाकियू भानु के डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा कि मिल के महाप्रबंधक ने पांच से छह दिन का समय दिया है। 27 को गन्ना किसानों की दिक्कतों को देखते हुए कलक्ट्रेट पर महापंचायत बुलाई है। इसमें मिल की मौजूदा स्थिति संग किसानों की समस्या को भी उठाया जाएगा। इस दौरान एसके सिंह राणा, हरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, अरविंद शर्मा, पप्पू बघेल, टीटू सिंह, रॉबी आदि थे।

 

स्कूल-कॉलेजों में आज भी छुट्टी
अलीगढ़। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एएमयू में हुए बवाल के बाद पूरे सप्ताह तनावपूर्ण स्थिति रही, लेकिन दो दिन से कोई अप्रिय घटना नहीं होने से पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। 

शनिवार रात 12.06 बजे इंटरनेट चालू होने के बाद सभी की निगाहें लगातार बंद चल रहे स्कूल कालेजों पर थी। मगर, प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए सोमवार को भी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है। 
कई दिनों से तनावपूर्ण स्थिति के बाद शनिवार और रविवार को महानगर में शांति रही। लोगों की दिनचर्या सामान्य होती नजर आई। हालांकि, सुरक्षा इंतजाम जस के तस रहे। 

महानगर के सभी संवेदनशील चैराहों, प्रमुख इमारतों, धर्मस्थलों के साथ रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर बड़े पैमाने पर मजिस्ट्रेट व पुलिस फोर्स मुस्तैद रही। होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला एवं अन्य आसरा स्थलों पर संदिग्ध व्यक्ति व वस्तुओं की तलाश में चेकिंग हुई। वहीं, डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि सोमवार को स्कूल कॉलेजों में अवकाश रखा गया है। 

मंगलवार से सभी स्कूल कॉलेज खुलेंगे। हालांकि, कोचिंग सेंटरों से पाबंदी हटा ली गई है। ये सोमवार को खुल सकेंगे। सुरक्षा इंतजाम यथावत रहेंगे। 

 

कान्वेंट स्कूलों में 27 तक अवकाश, सरकारी स्कूलों का समय बढ़ा 
अलीगढ़। प्रशासन द्वारा सोमवार का अवकाश किए जाने के बाद ईसाई मिशनरी के स्कूलों के बच्चे अब 27 दिसंबर को ही स्कूल जाएंगे। दरअसल, क्रिसमस के चलते 24, 25 व 26 दिसंबर तक अवकाश रहेगा। जबकि सरकारी स्कूल 24 दिसंबर को खुलेंगे।

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