अलीगढ़ की बड़ी खबरे

अलीगढ़ की बड़ी खबरे

जेएन मेडिकल काॅलेज में बिछा प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों का जाल

  • मरीजों की जेबें ढ़ीली कररहे एम्बुलेंस चालक

अलीगढ़

अमुवि के जेएन मेडिकल काॅलेज में दिन-रात वार्डों और ओपीडी में प्राइवेट एंबुलेंस संचालक मरीजों को खोजते हैं फंसाने का प्रयास करते हैं। कमीशन के चक्कर में प्राइवेट अस्पताल ले जाते हैं।जेएन मेडिकल काॅलेज  में बाहर से लेकर अंदर तक प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों का जाल बिछा हुआ है।

दिन-रात दर्जनों की संख्या में प्राइवेट एंबुलेंस संचालक यहां मरीजों की जेब ढीली कर रहे हैं। वार्ड व ओपीडी में विजिटिंग कार्ड लेकर ये घूमते रहते हैं और बताते रहते हैं कि यदि जरूरत पड़े तो कॉल करिए तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध करा दी जाएगी। यह सब अस्पताल प्रशासन व पुलिस चैकी मेडिकल की मिलीभगत से हो रहा है।
सरकारी योजनाओं का मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ
मरीजों की सहूलियत के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है लेकिन लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाएं अभी भी मरीजों की पहुंच से बहुत दूर हैं। इसका उदाहरण अमुवि के जेएन मेडिकल कॉलेज में देखा जा सकता है। अस्पताल में हर तरफ प्राइवेट एंबुलेंस ही दिखेगी। इनका चार्ज इतना अधिक होता है जो गरीब मरीज देने में अक्षम होता है।
सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था दयनीय
अलीगढ़ के सारसौल निवासी भुवनेश गुप्ता के रिश्तेदार मोहन लाल गुप्ता जेएन मेडिकल काॅलेज में भर्ती हैं। डॉक्टर ने बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। भुवनेश गुप्ताा बाहर निकले तो पता चला कि यहां सरकारी एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं है। प्राइवेट एंबुलेंस संचालक 500 रुपये में प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर तक ले जाने के लिए तैयार हुआ। अशोक नगर के रवि कुमार के बेटे के पैर में फ्रैक्चर हो गया। वह ई-रिक्शा से वरूण के ट्रामा सेंटर पहुंचे।

मेडिकल चैकी पर देने होते हैं रुपयेएक प्राइवेट एंबुलेंस चालक ने नाम न  छापने की शर्त पर बताया कि एक एंबुलेंस अंदर खड़ी करने के लिए प्रत्येक माह 2000 रुपये मेडिकल पुलिस चैकी पर देना होता है। इसीलिए रेट महंगा होता है।

बोले जेएन मेडिकल काॅलेज के चिकित्सा अधीक्षक
जेएन मेडिकल काॅलेज के प्रेसीडेन्ट प्रो. डाॅ. हारिस खान का कहना है कि अनेकों बार प्राइवेट एंबुलेंस बाहर कराए गए, लेकिन यह लोग फिर अंदर चले आते हैं। इन्हें सख्ती से फिर हटाया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।

 

हिजामं के जिला महामंत्री को फोन पर मिली धमकियां

अलीगढ़।

हिंदूवादी नेता प्रमेंद्र राणा हिंदू जागरण मंच जिला महामंत्री हरिगढ़ को फोन पर मिली धमकियां मिलने के संबंध में पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र लिखा है। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को मिल रही फोन पर धमकियों के अभियुक्त अभी तक खुले घूम रहे हैं

जिससे कि कभी भी उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी,क्योंकि पूर्व में भी अनेकों बार प्रमेंद्र राणा के साथ कई बार धमकियां तथा अन्य कई तरह की घटना हो चुकी है व प्रमेंद्र राणा गोकशी के आधा दर्जन मुकदमों में वादी व पैरवी कर रहे हैं।प्रमेंद्र राणा की यथास्थिति को देखते हुए तुरंत शासन प्रशासन द्वारा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।आत्मा सुरक्षा के लिए निजी असलाह हेतु लाइसेंस प्रदान किया जाए।

धमकी देने वाले अभियुक्तों को गिरफ्तार कर गैंगस्टर व राष्ट्र विरोधी धाराओं में मुकदमा पंजीकृत अभियुक्तों को सलाखों के पीछे डाला जाए।शिकायत कर्ताओं में मनोज कुमार,संदीप तिवारी,रमेश राजपूत,अमर कुमार,वरुण कुमार,मधु राजपूत,बंटी जादौन, पवन चैधरी आदि रहे।

 

पीएफ घोटाले में अलीगढ़ के दो हजार अधिकारी व कर्मचारी फंसे

अलीगढ़।

डीएचएफएल में हुए बिजली विभाग के पीएफ घोटाले में अलीगढ़ के भी दो हजार से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों के पीएफ का पैसा फंस गया है।स्थिति को देखते हुए विभाग के कर्मचारी नेताओं ने पावर कारपोरेशन के चेयरमैन को पत्र लिखकर कहा है कि वह उनके पीएफ की सुरक्षा करना सुनिश्चित करें। इस प्रकरण में अपनी जीवन भर की भविष्य निधि की सुरक्षा को लेकर कर्मचारियों में कई तरह की आशंकाएं हैं।

बिजली विभाग के कर्मचारियों की भविष्य निधि को विभाग के उच्च स्तर से दीवानचंद हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में निवेश कर दिया गया था। अब अर्थिक अपराध शाखा द्वारा डीएचएफएल के लेनदेन में भारी गड़बड़ी पाई गई है।

जिससे विभागीय कर्मचारियों की भविष्य निधि के भविष्य पर भी सवाल उठने लगे हैं। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के अरविंद कुमार बताते हैं कि संगठन के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने चेयरमैन को पत्र लिख कर चिंताओं से अवगत करा दिया है। साथ ही मांग की है कि जो इस मामले में वास्तव में दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। निचले स्तर के अधिकारियों पर आरोप लगाकर जेल भेजना उचित नहीं है।

साथ ही जिला पेंशनर्श संगठन के जिला उपाध्यक्ष फैज अहमद ने कहा है कि किसी भी कर्मचारी की भविष्य निधि पर किसी प्रकार की आंच नहीं आनी चाहिए। उन्होंने भी प्रदेश सरकार को इस संबंध में पत्र लिखा है।
पेंशनर्स उतरेंगे सड़कों पर, देंगे धरना

विद्युत पेंशनर्स परिषद द्वारा पेंशनरों के लिए लागू एलएमवी 10 के समाप्त किए जाने के विरोध में पेंशनर्स सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। एलएमवी 10 में एक निर्धारित बिजली यूनिटें तक बिजली पेंशनर्स को निरूशुल्क मिलती हैं। इस व्यवस्था के समाप्त किए जाने के विरोध में 6 नवंबर से पेंशनर्स लाल डिग्गी स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी संगठन के सचिव विक्रम सिंह ने दी।

 

नवजातों के लिये खतरनाक साबित हो रही जहरीली धुंध 

अलीगढ़।

वातावरण में बनी धुंध और प्रदूषण नवजात बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी शर्मा ने बताया कि पैदा होने के बाद जब बच्चों को घर भेज रहे हैं तो अगले एक दो दिन में उन्हें सांस लेने में परेशानी और संक्रमण की शिकायतें आ रही हैं। दो दिन में ऐसे 20 से अधिक मामले अस्पताल में आ चुके हैं। इसके लिए वह बच्चों को प्रदूषण से बचाने की सलाह दे रहे हैं।

दीपावली के बाद से ही वातावरण में छाई जहरीली धुंध लोगों की समस्याओं में इजाफा कर रही है। जिला अस्पताल में आंखों की जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ होना, नाक से पानी आने जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा यह जहरीली धुंध नवजात बच्चों के लिए बहुत खतरनाक है। स्थिति यह हो गई है कि लोग मास्क पहन कर सड़कों पर निकल रहे हैं।
मोहन लाल गौतम जिला महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी शर्मा कहते हैं कि नवजात बच्चों का रोग प्रतिरोधक क्षमता तंत्र बहुत कमजोर होता है।

प्रसव के बाद एक दो दिन तक बच्चे अस्पताल की निगरानी में रहते हैं इसके बाद जब वह घर जा रहे होते हैं या घर पर ही होते हैं तो इस वातावरण में छाई जहरीली धुंध में ही सांस लेने को मजबूर होते हैं। जो उनके लिए बहुत हानिकारक है। उनके पास पिछले तो तीन दिनों में ऐसे 20 से अधिक नवजात बच्चों के मामले आए हैं, जिसमें सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
बिल्डिंग मैटेरियल सड़क पर रखकर बेचने वालों पर कार्यवाही वातावरण में छाई जहरीली धुंध को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने भी सड़क की पटरियों पर भवन निर्माण सामग्री रखने वालों पर जुर्माना ठोकने और सामान जब्त करने की कार्रवाई की है।

नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल को सिटीजन व्हाट्सएप ग्रुप पर शिकायत मिली कि कुछ बिल्डिंग मैटेरियल बेचने वालों ने पूरा वातावरण धूल युक्त कर रखा है। इस सूचना के बाद नगर आयुक्त ने अधीनस्थों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिये। अधिशासी अभियंता निर्माण प्रवीन श्रीवास्तव के नेतृत्व में सहायक अभियंता अतर सिंह, अवर अभियंता योगराज सिंह, आरसी मथुरिया की टीम ने खैर रोड पर कार्यवाही करते हुये बिल्डिंग मैटेरियल बेचने वालों को हिदायत दी और जुर्माना भी ठोक दिया।

 

अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लेकर बरती जा रही चैकसी
अलीगढ़। अयोध्या मसले पर निर्णय से पहले हर स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं। इसी कड़ी में वेस्ट यूपी के प्रमुख शहरों को आईबी ने अलर्ट पर ले रखा है। हर तरह का इनपुट जुटाए रखने के लिए टीमों को सक्रिय रखा गया है। जिन शहरों में सक्रियता बरती जा रही है, उनमें अलीगढ़ भी शामिल है। एक-एक खुराफाती को रडार पर रखा जा रहा है। गांव-गांव व शहर के मोहल्लों-मोहल्लों में इनपुट जुटाया जा रहा है।

किसी भी स्तर पर कहीं कानून व्यवस्था बिगड़ने के हालात न बन पाएं और कोई पहले से साजिश रच के न बैठा हो, इस पर विशेष फोकस रखा जा रहा है।अयोध्या मसले पर इसी पखवाड़े में सुप्रीम कोर्ट स्तर से निर्णय आना है। अब निर्णय जो भी हो, जिसके भी पक्ष में हो, मगर पुलिस प्रशासनिक स्तर से और शासन के स्तर से सुरक्षा, कानून व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा जा रहा है।

हालात वर्ष 2011 में हाईकोर्ट स्तर से निर्णय दिए जाने के समय जैसे ही बन रहे हैं। पुलिस टीमें उसी तरह की तैयारियां करने में जुटी हैं। गांव-गांव व शहर के मिश्रित आबादी वाले मोहल्लों से लेकर पुराने सूचीबद्ध खुराफातियों तक को रडार पर लिया गया है। एक एक व्यक्ति का पूरा ब्योरा एजेंसियां जुटाकर अपने पास रख रही हैं।

प्रयास किया जा रहा है कि कौन सी बात कहां से शुरू हुई और किसके जरिये कहां तक पहुंची, यह सभी तरह की खबर एजेंसियों के पास रहे। इसी कड़ी में आईबी ने अलीगढ़ सहित पश्चिमी यूपी के सभी प्रमुख शहरों को अलर्ट पर ले लिया है। चूंकि दिल्ली एनसीआर से सटी पश्चिमी यूपी के शहरों से ही कोई गुबार किसी भी वक्त उठता है और उससे बड़ा संदेश जाता है। इन तमाम बातों पर ध्यान रखा जा रहा है। इस विषय में एसएसपी आकाश कुलहरि इतना ही कहते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसी को गड़बड़ी फैलाने का मौका नहीं दिया जाएगा।

 

पैसे के लेनदेन में किसान की गोली मारकर हत्या
अलीगढ़। थाना पिसावा के गांव दीवा हमीदपुर में सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे एक किसान की उसके नलकूप पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के पीछे 12 लाख रुपये का लेनदेन बताया जा रहा है।

हत्या से गुस्साए लोगों ने गांव में हंगामा किया। सूचना पर एसपी देहात अतुल शर्मा के साथ ही फोरेंसिक व डॉग स्क्वाड टीम पहुंच गई। मृतक के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाते हुए एसपी देहात ने लोगों को शांत कराया। इस मामले में एक नामजद समेत दो के खिलाफ हत्या की तहरीर दी गई है।

दीवा हमीदपुर गांव निवासी किसान विजय शर्मा को उनके ही नलकूप पर गोली मारी गई। जानकारी होते ही गांव वाले घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सूचना पर पिसावा कोतवाल मृदुल कुमार मौके पर पहुंचे। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा तो गांव वालों ने विरोध शुरू करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सीओ खैर संजीव दीक्षित ने पहुंचकर गांव वालों को समझाने की कोशिश की लेकिन एसएसपी को बुलाने और मृतक के परिवार को सुरक्षा व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।

बाद में एसपी देहात अतुल शर्मा ने पहुंचकर ग्रामीणों को न्याय का भरोसा दिलाया जिसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मृतक के पुत्र गोपाल दत्त शर्मा ने पन्नालाल पुत्र रघुवीर निवासी गईयनपुर थाना चंडौस और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है।


यह था मामला


हत्या में आरोपी पन्नालाल पुत्र रघुवीर ने विजय कुमार से 12 लाख रुपये अपने निजी कार्य से लिए थे। इसमें 2 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज देने की बात तय हुई थी। यह रुपया पन्नालाल वापस नहीं कर रहे थे। 14 अप्रैल 2016 को दोनों के बीच लिखित में यह हुआ कि पन्नालाल ने 12 लाख रुपये अपने निजी कार्य से लिए हैं जिसे 2 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज की दर से अदा करेगा लेकिन पन्नालाल ने वह रुपया वापस नहीं किया। इसी पर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

 

पराली जलाने पर पांच किसानों पर एफआईआर
अलीगढ़। वायु प्रदूषण को लेकर कृषि महकमा भी सजग हुआ है। जिला कृषि अधिकारी ने पांच ऐसे किसानों को चिह्नित किया है जो पराली जलाते हुए पाए गए हैं। इन पर कार्रवाई के लिए विभाग की ओर से रिपोर्ट बनाकर एसडीएम खैर को भेजी है।

दीपावली के बाद से छा रही धुंध ने हर आम ओ खास को बेहाल कर दिया है। इसका कारण किसानों द्वारा पराली व फसल अवशेषों को जलाना माना जा रहा है। लगातार मामले सामने आने पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण यानि एनजीटी ने पराली जलाने पर निम्नतम 25 हजार रुपये और अधिकतम पांच हजार रुपये जुर्माना व प्रशासन को इसकी रोकथाम के आदेश दिए हैं।

इसे लेकर जिला स्तर पर डीएम चंद्रभूषण सिंह की अगुवाई में प्रशासन, पुलिस, कृषि विभाग की संयुक्त व तहसील स्तर पर एसडीएम, सीओ और कृषि विभाग के तहसील स्तरीय अफसरों की टीम बनाकर पराली व फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।इस कड़ी में जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने खैर तहसील में निरीक्षण के दौरान दो गांव के पांच किसानों को पराली जलाते हुए देख लिया।

इनमें तहसील क्षेत्र के हजियापुर गांव के हरिपाल सिंह पुत्र खचेर सिंह, महिपाल पुत्र रघपाल सिंह, कलुआ पुत्र प्रकाश जबकि तकीपुर गांव के किसान उद्धे पुत्र विशंभर व धर्मवीर सिंह पुत्र बादाम सिंह को चिह्नित किया है। इन सभी पर कार्रवाई के लिए जिला कृषि अधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट एसडीएम खैर को भेज दी है।पहली बार होगी पराली जलाने पर कार्रवाई रूएनजीटी ने दो साल पहले भी पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

जबकि एनजीटी के आदेश पर टीमों का गठन भी हुआ था। अबकी पहली बार पराली जलाने वाले किसानों को चिह्नित किया गया है। महकमे के अफसरों का कहना है कि कार्रवाई भी पहली बार की जाएगी।
इनका कहना है...
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह के अनुसार पराली जलाते हुए पांच किसान चिह्नित किए गए हैं। इनमें तीन किसान खैर तहसील के गांव हजियापुर और दो किसान तकीपुर गांव निवासी हैं। रिपोर्ट कार्रवाई के लिए एसडीएम खैर को भेजी गई है।

 

प्रेमी के फोटो से शादी करने की जिद पर अड़ी महिला पनपा आक्रोश 
अलीगढ़। अपने प्रेमी के फोटो से शादी करने की जिद पर अड़ी महिला, लोगों ने पीटा प्रेमी की मौत के ढाई साल बाद उसकी फोटो से शादी का ऐलान करने वाली महिला के खिलाफ मोहल्ले में आक्रोश पनप गया।

गुस्साए लोगों ने विरोध के बावजूद शादी की तैयारियों में लगे उसके सहयोगियों की धुनाई कर दी। बीच बचाव में आई महिला को भी पीट दिया। सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई। बमुश्किल पुलिस ने हालात काबू किए। 

नगर के मोहल्ला टेढ़ानीम निवासी महिला कविता पत्नी स्व. दीपक वर्मा ने अपने ढाई साल पहले आत्महत्या कर चुके प्रेमी की फोटो के साथ आठ नवंबर को प्राचीन शिव मंदिर में शादी का ऐलान किया था। पति की मौत के बाद भी दोनों ने शादी की कसमें खाई थी, लेकिन उस वक्त प्रेमी सौरभ वर्मा ने आत्महत्या कर ली थी। अब प्रेमी से शादी की कसम को पूरा करने के लिए कविता ने फोटो से शादी की तैयारियां शुरू कर दी थीं।

परिजन भी इससे नाराज थे, मोहल्ले में विरोध बढ़ रहा था। समझाने के बाद भी कविता नहीं मानी तो सोमवार को लोगों का गुस्सा भड़क गया। कविता की शादी की तैयारियों में जुटे गुलजार नवी अंसारी को मोहल्लेवासियों ने धुन दिया। इधर एक महिला ने बीच बचाव में आई कविता को भी पीट दिया। सूचना पर आई पुलिस ने मामला शांत कराया। पुलिस का कहना है कि मामले में अभी किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।

महिला के ससुराली और मायका पक्ष दोनों ही इससे रजामंद नहीं हैं। उधर प्राचीन मंदिर कमेटी ने भी शादी की अनुमति से इनकार कर दिया है। एसडीएम ने मांगी रिपोर्ट रूप्रेमी के फोटो से शादी पर विरोध देखते हुए महिला ने एसडीएम अतरौली से मुलाकात की। एक पत्र देकर आठ नवंबर को प्रस्तावित शादी के दौरान सुरक्षा मुहैया कराने को गुहार लगाई है। इस पर एसडीएम ने पुलिस से पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

साथ ही सुरक्षा इंतजाम कड़े करने के लिए भी पुलिस से कहा है। अतरौली एसडीएम पंकज कुमार ने बताया कि मामले की मुझे मीडिया से जानकारी हुई है। पुलिस से पूरे मामले पर आख्या मांगी है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश पुलिस को दिए हैं।

 

भारत हिंदू सेना का कविता को मिला समर्थन
अतरौली। कविता को हिन्दूवादी संगठन अखंड भारत हिंदू सेना का समर्थन मिल गया है। अध्यक्ष दीपक आजाद शर्मा ने कहा कि कविता वर्मा अपने प्रेमी की फोटो से शादी करके अपने असली प्रेम का इजहार करना चाहती है। इसलिए पुलिस प्रशासन इस शादी में बाधक बन रहे लोगों को रोकें।

एचडीएफसी बैंक के निकट रागनी कॉस्टमैटिक के नाम से दुकान पर पहुंचे अंखड भारत सेना के अध्यक्ष दीपक आजाद शर्मा ने कहा कि कविता वर्मा ने अपनी भावनाओं को किया है। इस मौके पर संगठन के जिला सुरक्षा प्रमुख चिंटू चैधरी आदि मौजूद रहे।

 

प्रदेश की पहली दो मंजिला गौशाला होगी ओपीडी समेत तमाम सुविधाओं से लैस 
अलीगढ़। नगला मसानी स्थित पंचायती गौशाला प्रदेश की पहली दो मंजिला गौशाला है।यहां गोवंश की सुविधा के लिए विशेष ख्याल रखा जाता है।वर्तमान में 700 के करीब गोवंश हैं।रविवार शाम को कैंटर में पकड़े गए 22 गोवंश गौशाला भेजे गए। 2 दिन के भीतर इस गौशाला में 42 के करीब गोवंश आ चुके हैं।पुलिस भी गौशाला के लिए चारे की व्यवस्था करा चुकी है। गौशाला में लगातार गोवंश की संख्या बढ़ने से दो मंजिला निर्माण कराना पड़ा।

सरकारी गौशालाओं में तमाम साधन होने के बाद भी गोवंश की दुर्दशा हो रही है।यहां गौशाला में ओपीडी है।गायों और बछड़ों के इलाज के लिए चिकित्सक प्रतिदिन गौशाला में बैठते हैं।गौ भक्त और संयोजिका कृष्णा गुप्ता और लक्ष्मी नारायण लच्छो का कहना है कि उनकी पूरी कोशिश होती है कि गौशाला में गोवंश को कोई दिक्कत ना हो।नगला मसानी पंचायती गौशाला में पहली बार 5100 दीपों से महाआरती होगी।

 

महिला बंदियों के लिए 30 बंदी क्षमता की नई बैरक बनकर तैयार
अलीगढ़। जिला कारागार में पहली बार महिला बैरक में क्षमता वृद्धि की गई है।महिला बंदियों के लिए 30 बंदी क्षमता की नई बैरक बनकर तैयार हो गई है।इससे महिला बंदियों को कुछ राहत मिलेगी। कारागार प्रशासन का प्रयास है कि एक और बैरक का निर्माण कराया जाए।बता दें,जिला कारागार में इस समय तकरीबन 100 से ज्यादा महिला बंदी हैं, और सभी महिला बंदियों को एक ही बैरक में रखा जाता है।

30 महिला बंदी की क्षमता वाली बैरक में 100 से अधिक महिलाओं को रखने पर महिला बंदियों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ता था।फिलहाल, एक नई बैरक बनने के बाद महिला बंदियों को कुछ राहत तो जरूर मिलेगी।इस बैरक में जल्द ही महिला बंदियों को शिफ्ट करने की तैयारी में जेल प्रशासन जुटा है।कारागार अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि महिला बंदियों के लिए 30 बन्दी क्षमता की एक और बैरक बनवाई जाए।इससे 30-30 बंदी क्षमता की तीन बैरक में महिलाओं को रखने में आसानी रहेगी और बंदियों को भी दिक्कत नहीं होगी।
 

 

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