केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए

केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए


स्वतंत्र प्रभात अम्बेडकरनगर अमित सिंह

केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए  त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दे रखे हैं। शासन की मंशानुरूप जिलाधिकारी  की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस की बैठक का आयोजन हुआ।

लेकिन जिले के अधिकारियों की कार्यशैली से स्पष्ट रूप से शासन की मंशा अनुरूप कार्य तो नहीं हो रहा है। ऐसा आरोप बैठक में आए किसानों का था। किसानों की पीड़ा उनकी आंखों में छलक आया और जब उनकी पीड़ा का उपहास हुआ  तो  किसानों ने हताशा और निराशा किस भाव में उस बैठक का बहिष्कार करना ही बेहतर समझा।

बैठक की क्या औचित्य है? बैठक में उपस्थित किसानों ने विभिन्न समस्याओं को उठाया लेकिन अधिकारी की उदासीन कार्यशैली से खिन्न होकर बैठक का बहिष्कार कर चले गए थे उसी में से कुछ किसानों से वार्ता का एक अंश है - मूलभूत समस्याओं का सही से निवारण ना होने की दशा में किसानों ने खेद प्रकट किया।

1- सिंचाई के लिए समुचित पानी की व्यवस्था एक अहम विषय बन कर उभरा। सरकारी टेबल द्वारा पानी का सुचारु रुप से ना संचालित किए जाने की समस्या समक्ष रखा। 

2- मथुरा सरैया कटेहरी निवासी संतराम बर्मा ने सचिव दुर्गा प्रसाद पांडे के द्वारा 1050 रुपए कि पुरानी डीएपी 1250 ₹ की बेचने शिकायत किया।

जिस पर कृषि अधिकारी को जांच के लिए कह दिया गया जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को हिदायत दिया कि किसानों को समय पर खाद बीज पानी की व्यवस्था को सुचारु रुप  से संचालित कराने की जिम्मेदारी का निर्वाह करें।

वहीं किसानों का कहना था कि नहरों में समुचित रुप से पानी नहीं आया है नहरों की साफ-सफाई अभी तक नहीं हुआ है। लेकिन अधिकारियों का कहना था कि नहरों में पानी और साफ सफाई हो चुका है। 

जिलाधिकारी इसी मुद्दे को लेकर किसानों से भी कुछ उलझकर बात करने लगे थे उनका कहना था कहां-कहां जाकर में जांच करो और इसी मुद्दे पर किसानों ने बैठक में ही नाराजगी प्रकट कर दिया। 

भाजपा किसानों की सबसे ज्यादा हितैषी होने का दावा करें रहे हैं लेकिन सरकारी कर्मचारियों की उदासीनता किसानों के बीच सरकार की छवि अच्छी नहीं बन पा रही है कारण यह है कि सरकार की अधिकांश योजनाएं और नीतियां आम किसानों तक पहुंच नहीं पाती है।

कल राज्य कृषि मंत्री का जिले में कार्यक्रम सूचना है देखना होगा इसमें कितने किसान शामिल होते हैं? और अधिकारी कितने किसानों को कार्यक्रम में जुटा पाते हैं भीड़। इसकी भी चर्चा हैं।

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Comments