सपा बसपा गठबंधन का चुनावी गणित

सपा बसपा गठबंधन का चुनावी गणित

रिपोर्टर - पंकज शुक्ला  अयोध्या 

सपा ,बसपा गठबंधन ऊपर से तो मजबूत दिखाई देता है।परन्तु सपा,बसपा गठबंधन को अगर हम सपा के हितों को ध्यान में रखते हुए देखे।तब यह गठबंधन मजबूत दिखाई नही देता है ।
       एक तरफ गठबंधन में मायावती के शामिल होने से सपा के दलित वोटो में बढ़ोतरी होगी।दूसरी तरफ अखिलेश के अपने ही घर के लोगो से मतभेद होने के कारण बाकी वोटो का प्रतिशत कम होगा ।
        आजम खां की नाराजगी के कारण गठबंधन को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।साथ ही मायावती के द्वारा स्वयं को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करने के कारण सपा के कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है ।
       दूसरा मनोवैज्ञानिक पहलू यह भी है कि जिस पार्टी के प्रत्याशी को टिकट नही मिलेगा तब यह और उसके कार्यकर्ताओं को चुनाव के प्रति उत्साह नही दिखाई देगा ।
           अगर अखिलेश यादवजी परिवार को लेकर ही चुनाव लड़ते तब सपा भी मजबूत होती और अखिलेशजी की छवि भी उभर कर सामने आती।वैसे भी अतीत में हम जाकर देखे तब प्रतीत होता है कि सपा,बसपा के कार्येकर्ता ओ में दूरी बनी रही है ।

स्वतंत्र विचार "संजय जैन"

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