संदिग्ध परिस्थितियों में आग से जलकर महिला की हुई मौत

संदिग्ध परिस्थितियों में आग से जलकर महिला की हुई मौत

जिला ब्यूरो चीफ प्रवीण तिवारी के साथ शिवशंकर तिवारी की रिपोर्ट

 

रामसनेहीघाट,बाराबंकी-

कोतवाली रामसनेही घाट अंतर्गत अमरगंज मजरे भवनियापुर खेवली गांव में शनिवार को एक 30 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई, घटना की सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अमरगंज गांव निवासी काशीराम की 30 वर्षीय पत्नी सुशीला शनिवार की सुबह करीब 9 बजे जीने पर चढ़ते समय सिर में चोट लगने से घायल हो गई थी जिसे मोहम्मदपुर स्थित एक निजी क्लीनिक पर उसके पति काशीराम ने ले जाकर मरहम पट्टी कराया था।

घर आने के बाद काशीराम गांव में ही मजदूरी करने चला गया था, करीब 10 बजे उसी की पत्नी सुशीला ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली जिससे थोड़ी ही देर में घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने तहकीकात के दौरान परिजनों के साथ साथ ग्रामीणों से भी जानकारी ली लेकिन घर में किसी भी तरह के विवाद की बात सामने नहीं आई। वहीं दूसरी ओर मृतका के मायके पक्ष के लोग रायबरेली जनपद के निवासी हैं जो समाचार प्रेषण तक मौके पर नहीं पहुंच सके थे।


पता चला है कि मृतका सुशीला काशीराम की दूसरी पत्नी थी, काशीराम की पहली शादी एटहुवा मजरे मालिनपुर गांव निवासी लक्ष्मी प्रसाद की पुत्री गुड्डा से हुई थी जिसकी मौत अरसा 15 वर्ष पूर्व डिलीवरी के दौरान हो गई थी।

जिसके 15 वर्षीय पुत्री अंजू है। बाद में कांशीराम ने रायबरेली जनपद के गदियानी गांव निवासी हीरालाल की पुत्री सुशीला से कोर्ट मैरिज की थी जिससे 10 वर्ष का पुत्र नवीन है।

बातचीत के दौरान काशीराम ने बताया कि सुशीला अक्सर घर में बटवारा करने की बात करती थी चूँकि काशीराम तीन भाई हैं, दो भाई एक घर में रहते हैं जबकि एक भाई और काशीराम के मां-बाप दूसरे घर में रहते हैं, जिस घर में काशीराम रहता है उसी घर में सुशीला बीच में पार्टीशन करने की जिद अक्सर करती थी, जिसको लेकर पति-पत्नी में विवाद रहता था।

काशीराम का कहना है कि हम यह कहकर मामले को टाल देते थे कि अभी हमारे पास पैसा नहीं है किस तरह से पार्टीशन कराया जाए। काशीराम का कहना है कि आज मौत से पूर्व पत्नी से किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था लेकिन आश्चर्य तो इस बात का है

कि एक घंटे पहले जीने पर चढ़ते समय चोटिल हुई पत्नी की दवा कराने के बाद आखिर क्या परिस्थितियां बनी जिसके कारण सुशीला ने मिट्टी का तेल छिड़ककर मौत को गले लगा लिया।

घटनास्थल पर उप जिलाधिकारी राजीव कुमार शुक्ल एवं पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार गौतम भी पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।

कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि काशीराम द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सूचना पंजीकृत कर ली गई है,तहरीर में कांशीराम ने पत्नी का मानसिक संतुलन खराब होना भी बताया है। मौत से पहले यदि मारपीट भी हुई होगी तो उसका पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।

कुल मिलाकर सुशीला द्वारा मिट्टी का तेल छिड़ककर अपनी जान दे दिए जाने का मामला किसी के भी समझ में नहीं आ रहा है क्योंकि परिजन जहां इस मामले में अपनी बेगुनाही बयान कर रहे हैं वहीं गांव के लोग इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं,ऐसे में घटना की वास्तविकता पुलिश की जाँच में ही आ सकेगी।

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