ज्ञानपुर की बड़ी खबरे

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सरपतहां में दही हांडी  प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

ज्ञानपुर। कृष्णजन्माष्टमी के दूसरे दही हांडी  मनाया जाता है। इसी क्रम में शनिवार को ज्ञानपुर विकास खंड केशवपुर सरपतहां में ग्रामीणों के द्वारा दही हांडी  प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। मालूम हो कि दही हांडी मनाने के पीछे  मान्यता यह है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्‍म भादव महीने की अष्‍टमी को अर्द्धरात्रि में हुआ था। श्रीकृष्ण की जन्म के जश्न के तौर पर अगले दिन गोकुल में दही हांडी का उत्सव मनाया गया। इसके बाद से लोग दही हांडी का जश्न मनाने लगे।

पहले इस त्योहार को सिर्फ महाराष्ट्र में सेलिब्रेट किया जाता थाए लेकिन अब इसे पूरे भारत में बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। जगह-जगह चौराहों पर दही और मक्‍खन से भरी मटकियां लटकाई जाती हैं और गोविंदा लोग पिरामिड बनाकर एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर इसे तोड़ते हैं। अब इन मटकियों में कुछ धनराशि भी रखी जाती है। केशवपुर सरपतहां गांव में दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से किशन दुबे, नीलेश दूबे, विशाल दुबे, मुकेश मिश्र, अमन शुक्ला मौजूद रहे। 

 

शहर की सड़कों पर घूमते आवारा मवेशी वाहन चालकों व राहगीरों के लिए खतरा हो रहे साबित 

गोपीगंज, भदोही। सबसे अधिक समस्या  जी टी रोड की है। आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। पशुओं के स्वच्छंद विचरण से आवागमन बाधित होने के साथ राहगीरों को आने-जाने में जानवरों का भय बना रहता है। सुबह से लेकर रात तक आवारा पशु सड़कों पर डटे रहते हैं। इन्हें सड़क से भगाने की कोशिश में ही दुर्घटनाएं घट जाती हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बाजार के अन्दर होती है जब ये आवारा पशु बाजार में घुसकर अव्यवस्था उत्पन्न करते हैं और इन्हें भगाने की कोशिश में कई लोग घायल हो जाते हैं।  खानापूर्ति कर भूले अभियान- यातायात व्यवस्था बनाने के लिए पिछले साल नगर पालिका के अधिकारी को आवारा मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के आदेश का नपा के अधिकारियों ने चार दिन ही पालन किया, जिसमें दर्जन भर मवेशियों को पकड़ा गया। इसके बाद आवारा मवेशियों को पकड़ने की मुहिम दम तोड़ गई। शहर में हर चौक-चौराहों पर आवारा मवेशियों का झुंड देखा जा सकता है। एनएच पर जगह-जगह सड़क के बीचों-बीच मवेशी एकत्र रहते हैं। ऐसे में ये कई बार सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। मवेशियों के अचानक सामने आ जाने के कारण वाहन चालक अपना नियंत्रण खो बैठते हैं और फिर दुर्घटना होते देर नहीं लगती।

दोदिन से जी टी रोड पर एक पशु वाहन की चपेट मे आने से दुर्घटना का शिकार हो गया परन्तु पालिका या एन एच आई  उसको उठा नही रही है। शहर की सड़कों पर आवारा जानवरों का कब्जा होने के पीछे बहुत हद तक पशु मालिक भी जिम्मेदार हैं। मवेशियों से हित साधने के बाद इन्हें सड़कों पर आवारा घूमने के लिए इस तरह छोड़ दिया जाता है जैसे मवेशियों से उनका कोई नाता न हो। दुर्घटना में मवेशियों की मौत के बाद वे मुआवजा के लिए जानवरों पर दावा करते हैं।

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