न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा की अदालत में दस आरोपितों ने उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया 

  न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा की अदालत में दस आरोपितों ने उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया 

भागलपुर:

1989 के भागलपुर दंगे से जुड़े एक मुकदमे में दसवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा की अदालत में दस आरोपितों ने उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया। इस दौरान पटना से पहुंचे दंगा कांड के विशेष अपर लोक अभियोजक अति उल्लाह भी मौजूद थे। बयान दर्ज कराने के दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस मुकदमे में 11 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है।

सबौर थाना क्षेत्र के धनकर गांव में हुई थी अगलगी और नारेबाजी सबौर थाना क्षेत्र के धनकर गांव में आठ दिसंबर 1989 को शेख सहामत की गुमटी वाली दुकान में आग लगा दी गई थी। वारदात में तब कोई हताहत नहीं हुआ था। लेकिन दोनों समुदायों के बीच काफी तनाव हो गया था। दोनों एक दूसरे के विरुद्ध आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे।

चौकीदार के फर्द बयान पर दोनों समुदाय के 15 लोग बनाए गए थे आरोपित सबौर थाने में घटना के बाद चौकीदार भोला पासवान के फर्द बयान पर दोनों समुदाय के 15 लोगों को आरोपित बनाया गया था। जिनमें मुहम्मद राशिद, शमशेर, हाशिम, मंसूर, मकसूद, वसी, मज्जू, जलधर रजक, दीप नारायण सिंह, दिनेश रजक, काली चरण सिंह, विंदेश्वरी सिंह, सौदागर प्रसाद सिंह, अशोक कुमार रजक, प्रसादी रजक के नाम शामिल थे। इनमें से पांच की मृत्यु ट्रायल के पूर्व और ट्रायल के दौरान हो चुकी है। दस आरोपितों पर ट्रायल चल रहा है। अगलगी और धार्मिक भावना भड़काने समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर फिर से खोले गए मुकदमों में एक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर दंगे से जुड़े दो दर्जन मुकदमों को जिनमें पुलिस ने नो क्लू दर्शाते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी उन मुकदमों को फिर से खोलने का आदेश दिया था। फिर से खोले जाने वाले दंगे के उन मुकदमों में सबौर थाना कांड संख्या 219/89 शामिल है।

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