भारत को मिली राफेल की ताकत, आपूर्ति की तारीख तय

भारत को मिली राफेल की ताकत, आपूर्ति की तारीख तय

 


कोमल नारायण त्रिपाठी
(रिसर्च स्कॉलर रक्षा अध्ययन विभाग)


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपनी फ्रांस यात्रा पर 8 अक्टूबर को रवाना होंगे । रक्षा मंत्री की यह यात्रा भारत के लिए बेहद खास है क्यों कि लंबे समय के इंतजार के बाद राफेल विमान फ्रांस द्वारा भारत को सौपें जायेगे औऱ खुद रक्षा मंत्री उन्हें रिसीव करेंगे।

इस पर यात्रा रक्षा मंत्री के साथ रक्षा सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल राफेल विमानों को रिसीव करने फ्रांस पहुंचेगा । रक्षा मंत्रालय के अनुसार सितंबर के अंतिम सप्ताह तक राफेल के सौंपने के समस्त दस्तावेज तैयार कर लिए जाएंगे । गौरतलब है कि अक्टूबर 2022 तक भारत को राफेल डील के अनुसार 36 विमान भारत को मिल जायेंगे। यह डील भारत एवं फ्रांस के मध्य 2016 में हुई थी और 2018 में राफेल विमानों की खेप भारत को सौंपी जानी थी परंतु कतिपय कारणों से ऐसा संभव नही हो सका ।

भारतीय वायुसेना ने इन विमानों को शामिल करने की योजना पहले ही बना ली है, कुल 36 में से 18 विमान अम्बाला तथा 18 विमान पश्चिम बंगाल के हाशिमरा एयरबेस पर तैनात किये जायेंगे । यह तैनाती पाकिस्तान और चीन को मद्देनजर रखते हुये काफी महत्वपूर्ण है। राफेल विमान दुनिया के महत्वपूर्ण विमानों में से एक है, राफेल एक हाइपर स्पाइस जेट है जिसपर 150 किमी. रेंज वाले एयर-टु-एयर मिसाइल लगी हुई है जो शत्रु के हवाई जहाजों को हवा में ही निशाना लगाकर ध्वस्त कर सकती है।

इस विमान की तुलना अमेरिकी विमान F-35 पांचवीं पीढ़ी से की जा सकती है । यह विमान परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है, इसकी मारक क्षमता 3700 किमी. तथा रफ्तार 1900 किमी. प्रति घण्टे है । यह 300 किमी. की रेंज से हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है साथ ही यह 24500 किमी. तक उड़ान भर सकता है यह 9.3 टन वजन लेकर हवा में 16500 किमी. तक उड़ान भर सकता है ।

इस विमान का निर्माण भारत के लिए फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट ने किया है राफेल विमान भारत आने के पूर्व ही भारतीय वायु सेना ने इसे उड़ाने के लिए 24 पायलटों को प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर देगी और इस प्रशिक्षण का अंतिम चरण राफेल विमान के भारत आने के बाद पूरा होगा ।

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