राजधानी में आधी रात शार्ट सर्किट से लगी भीषड़ में, एक ही परिवार के 05 सदस्य जिन्दा जले...

राजधानी में आधी रात  शार्ट सर्किट से लगी भीषड़ में, एक ही परिवार के 05 सदस्य जिन्दा जले...

आधी रात में शार्ट सर्किट से लगी मकान की आग , एक ही परिवार के 05 सदस्य जिन्दा जले...

गीत विहार, तकरोही में आधी रात करीब 1.30 बजे शार्ट सर्किट से लगी एक मकान की आग में एक ही परिवार के 05 सदस्यों की जिन्दा जलकर मौत आने की दर्दनाक खबर से इलाके में दहशत का वातावरण है I 

बताया जा रहा है कि गीत विहार के टी आर सिंह एवं उनके पुत्र सुमित सिंह घरेलु गैस स्टोव का व्यापार करते थे, उनके घर के निचले तल पर ही गैस स्टोव का गो-डाउन था और ऊपर की मंजिल पर निवास I 

कल आधी रात करीब 1.30 बजे शार्ट सर्किट से लगी आग में उनके परिवार के पांच सदस्यों में सुमित सिंह, सुमित की पत्नी एवं उनकी छह महीने की बच्ची के साथ उनके भांजे पुनीत एवं बहन वंदना की जिन्दा जलकर मौके पर ही मौत हो गयी I सुमित के पिता गाँव गए हुए थे, और आज सुबह ही घटना की जानकारी मिलने पर घर लौटें हैं I 

आग की सुचना फायर ब्रिगेड को दी गयी थी, स्थानीय निवासियों ने बताया कि क्षेत्रीय पुलिस तो समय पर पहुंच गयी थी, लेकिन दमकल विभाग की पहली गाड़ी ही करीब दो घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची, तब तक आग बहुत ही विकराल रूप ले चुकी थी और पहली दमकल गाड़ी का पानी भी मात्र 05 से 07 मिनट में ही खाली हो गया, क्योंकि उस गाड़ी का पाइप ही फटा था जिसके बाद अन्य दमकल गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंची, स्थानीय निवासियों के अनुसार पूर्णतया आग बुझाने में ही दमकल विभाग को करीब 02 घंटे लग गए,

लेकिन स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग की टीम पूर्ण उपकरणों जैसे इमरजेंसी लाइट, बूट्स, ऑक्सीजन मास्क आदि के साथ नहीं आयी थी, और शव निकालने में भी उनकी कार्यशैली लचर होने पर स्थानीय निवासियों ने ही घर में घुस कर शव निकाले, घर में इतना धुआं था कि आखिरी शव वंदना का निकालने में सुबह 07 बज चुके थे I आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को मकान की पिछली दीवार भी तोड़नी पड़ी और वहीँ से आग पर पूर्ण काबू पाया जा सका I अब बात उठती है कि क्या आवासीय परिसरों में इस तरह के व्यावसायिक कार्य या गोदाम बनाने पर कितने सुरक्षित है शहरवासी और जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्यवाही क्यों नहीं की जाती ?

  

स्थानीय निवासी श्री कल्पेश दिवेदी एवं अन्य स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने आग लगते ही उस मकान की विद्युत् आपूर्ति का केबल काट दिया था और रात में ही कई बार विद्युत् उपकेन्द्र, सुगामऊ के अवर अभियंता रमेश को विद्युत् आपूर्ति बहाल करने का निवेदन किया जिससे घरेलु सबमर्सिबल पम्पों की सहायता से आग बुझाई जा सकती, लेकिन विद्युत् आपूर्ति बहाल नहीं हुई I

अब देखना यह है कि भविष्य में इस तरह के हादसे दुबारा ना हो पर प्रशानिक अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं ?

विजय गुप्ता,(सामाजिक कार्यकर्ता)
 

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