चिलचिलाती धूप में पानी का अकाल पशु पक्षियों व मवेशियों का हाल हुआ बेहाल

चिलचिलाती धूप में पानी का अकाल पशु पक्षियों व मवेशियों का हाल हुआ बेहाल

 

मोहन लाल गंज :-

जहां एक ओर सरकार पीने का पानी की समस्या को दूर करने के लिए बड़े बड़े आदेश व निर्देश जारी कर रही है

वही दूसरी ओर मोहन लाल गंज तहसील क्षेत्र के सिसेंडी नगराम  निगोहां गोशाईगंज इलाको में तालाब पोखरों व माइनरों में पानी के अभाव के चलते पशु पक्षियों समेत मवेशियों का हाल बेहाल है

वही दूसरी ओर नहर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की उदासीनता के चलते गांवो में गयी माइनरे जल अभाव के कारण  सुखी पड़ी है करीब 20 वर्ष  पहले जो माइनर कभी सुखी नही पड़ी रहती थी  आज वो खुद प्यासी है और जिम्मेदार सिर्फ कागजो पर उनमे पानी दे रहे है 

इन सब बातों से विरक्त गांवो में सरकार व पंचायत द्वारा बने आदर्श जलाशयों की हालत भी बद से भी बदतर हो चुकी है और अधिक गहराई होने के चलते कई गांवो के जलाशय सूखे पड़े है जिसे पशु पक्षियों व मवेशियों जिससे उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी मयस्सर नही हो पा रहा है

जबकि इन बातों की शिकायत ग्रामीणों ने सरकारी दफ्तरों में पहुच उच्चाधिकारियों से भी कई बार कर की है लेकिन उन्हें महज आश्वासन के शिवा और कुछ न मिल सका इतना ही नही मुख्यमंत्री पोर्टल तक मे कई बार ग्रामीण इस समस्या की शिकायत दूर करने की गुहार लगा चुके है

और तहसील समाधान दिवसों में भी शिकायत दर्ज कराई मगर नतीजा सिफर पानी के गिरते वाटर लेबल के चलते अब तक कई नलकूप बन्द हो चुके है और जो शेष बचे है वो पानी कम दे रहे है और अब धीरे धीरे नौबत यहां तक पहुच चुकी है कि वो भी पानी छोड़ने लगे है

लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियो को इस बात से कोई फर्क नही पड़ता और उनकी उदासीनता कम होने का नाम ही नही ले रही है कई ग्रामीणों के मुताबिक साहब को तो पगार मिल ही रही है और एयर कंडीशन आफिस व गाड़ी भी परेशान तो जनता है जो हाथों में शिकायती पत्र पकड़े साहबो के ऑफिस के चक्कर काटने को मजबूर है इतना ही नही साहब से मुलाकात हो जाये

तो बड़ी बात खैर आखिर साहब साहब है उनकी मर्जी वही इन सब बातों से अलग सुखी पड़ी माइनरों व तालाब पोखरों को गांवो में पहुच कर व देखकर जमीनी हकीक़त की तह तक पहुचा जा सकता है और जब इस विषय मे वीडियो साहब से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नही लग पाया

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