धर्म को ऊपर रख करें नाम का सुमिरन - रामकिंकर

धर्म को ऊपर रख करें नाम का  सुमिरन - रामकिंकर

रिपोर्ट-राकेश पाठक

हैदरगढ़ बाराबंकी


धर्म को हमेशा ऊपर रखें और कलयुग में राम नाम का सुमिरन करें तभी मानव कल्याण संभव है। उक्त बात लोधेश्वर धाम से पधारे मानस मर्मज्ञ श्री रामकिंकर मिश्र जी महाराज ने आज बाबा प्रेमदास कुटी पर आयोजित रामचरितमानस सम्मेलन के तीसरे दिन कहीं।

इस मौके पर आज यहां खूब भीड़ उमड़ी।

श्री रामकिंकर जी महाराज ने बताया कि धर्म व अर्थ शब्द को बारीकी से देखना होगा। हमेशा मानव को धर्म ऊपर रखना होगा और अर्थ को नीचे तभी उसका कल्याण होगा ।

अर्थ का अतिरेक धर्म को पीछे ले जाता है। उन्होंने बताया कि जीवन में काम जरूरी है लेकिन उतना नहीं की मोक्ष पीछे रह जाए। श्री किंकर जी ने कहा कि कामदेव वास्तव में देव हैं वह दैत्य नहीं

। कामदेव ने परहित के लिए अपने शरीर को त्यागा। उन्होंने बताया कि कलयुग में भक्ति का सरल मार्ग है श्री राम नाम का जप। इस युग में नाम जप से ही व्यक्ति का कल्याण होता है।

युवा मानस मनीषी अजय शास्त्री ने आज शिव विवाह का बड़ा ही सुंदर वर्णन किया ।उन्होंने बताया कि धर्म वास्तव में नंदी जी के प्रतीक है। भगवान भोलेनाथ बरात ले जाते समय नंदी पर पीछे मुंह करके इसलिए बैठे क्योंकि उनका मुंह अपने परिजनों की ओर रहे ।

उनका संबंध अपनों से जुड़ा रहे। उन्होंने लोगों को चेताया कि पाणिग्रहण के उपरांत ससुराल का सम्मान करें लेकिन अपने परिजनों का त्याग बिल्कुल ना करें।

मानस सम्मेलन के तीसरे दिन आज यहां पहुंचे कई संतो एवं मानस विद्वानों ने जहां महंत बाबा लालता दास जी का आशीर्वाद लिया वही महंत श्री ने आए हुए विद्वानों का स्वागत सत्कार भी किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से बाबा रामतीर्थ दास,

रामनरेश अवस्थी, सूर्य प्रताप सिंह,अवधेश कुमार, सच्चिदानंद मिश्र, रमेश शर्मा, उमाशंकर साहू ,आनंद श्रीवास्तव ,जितेंद्र कुमार मिश्रा,

रोहित, नंद कुमार मिश्र, शिव कुमार गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता राजू भैया, बाबा पुजारी दास, रामशरण मौर्य राकेश सिंह पवन चौरसिया, कैलाश तिवारी, पन्नालाल,रामकुमार यादव, सुंदर त्रिवेदी, राम कुमार शर्मा सहित सैकड़ों मानस प्रेमी उपस्थित थे।

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