फर्जी आख्या लगा कर शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण

फर्जी आख्या लगा कर शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण

उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र प्रेसित कर शिकायतकर्ता ने ग्राम्य विकास अधिकारी व सिकरेट्री पर कार्यवाही की मांग की

बिलग्राम हरदोई -

कहते हैं कि जब सरकारी मुलाजिम ये ठान ले कि मुझे किस का काम करना है और किस का नहीं तो उस में कोई उच्चधिकारी दखलंदाजी भी करे तो उस अधिकारी को जर्रा बराबर फर्क नहीं पड़ता

क्योंकि शिकायत कर्ता की शिकायत घूम फिर कर उन्ही के पास आनी होतीं हैं जिसमे आफिस में बैठ कर वो कुछ भी लिख दे वही पत्थर की लकीर हो जाती है और शिकायत कर्ता महीनों से लेकर सालो तक दौडता रहता है।

ऐसा ही एक मामला तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मुरौली ग्वाल के कुलदीप अग्निहोत्री का है। जो सिर्फ परिवार रजिस्टर में परिवार के गलत अंकित नामों को सही कराने के लिए महीनों से चक्कर लगा रहा है परंतु अधिकारियों ने ठान लिया है कि उसका काम नहीं करना है तो कुछ भी हो जाये नही किया जायेगा। आपको बता दें कि पीड़ित कुलदीप तथा उसके घर के सदस्यों के नाम परिवार रजिस्टर में गलत अंकित हो गये हैं।

जिसे सही कराने के लिये उसने जरूरी सभी कागजातों को देकर सिक्रेट्री अंकिता अग्निहोत्री से नामों को सही करने के लिए कहा परंतु सिक्रेट्री ने सही नहीं किया जिसके बाद कुलदीप अग्निहोत्री ने जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीयों से शिकायत कर नामो को सही करने की गुहार लगायी। लेकिन फिर भी गलत नामों को सही नहीं किया गया।

पांच नवंबर को जिलाधिकारी को नाम सही करने के लिए फिर प्रार्थना पत्र दिया गया जिसके निस्तारण के लिए बिलग्राम सहायक विकास अधिकारी को कहा गया लेकिन सहायक विकास अधिकारी ने मनमाना रवैया अपनाते हुए बिना शिकायत कर्ता के गांव जाये ये आख्या प्रेसित की कि प्रार्थी के गांव में गये जहां पर  शिकायत कर्ता नहीं मिला जब प्रार्थी का फोन लगाया गया तो उसने फोन को रिसीव नही किया। ऐसी झूठी और मनगढ़ंत रिपोर्ट बना कर जिलाधिकारी के फरमान को चकनाचूर किया जा रहा जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।

ऐसे अधिकारियों के कारनामों के चलते शिकायत कर्ता सालो दौडते है फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाता है। अब देखना ये है कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जायेगी जिससे कि अन्य अधिकारीयों को सबक मिल सके।

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