हमीरपुर संसदीय सीट में गठबंधन से भाजपा का सीधा मुकाबला, 29 अप्रैल को होगी वोटिंग

हमीरपुर संसदीय सीट में गठबंधन से भाजपा का सीधा मुकाबला, 29 अप्रैल को होगी वोटिंग

बुंदेलखंड का हिस्सा होने की वजह से हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी लोकसभा क्षेत्र सियासी दलों के लिए हमेशा खास रहा।

चुनाव में हर दल ने सूखा, अन्ना मवेशियों की समस्या से जूझते किसानों के साथ ही आमजन की दुखती रग पर हाथ रखकर हमदर्दी बटोरी। नेताओं के वादों के भरोसे यह क्षेत्र लहर के साथ सियासी सफर करता रहा। 16 लोकसभा चुनावों में 6 बार कांग्रेस को जीत मिली जबकि भारतीय जनसंघ व भाजपा ने 5 तो बसपा ने 2 बार सीट पर कब्जा जमाया।

एक-एक बार सपा, जनता दल और लोकदल के प्रत्याशियों ने भी यहां का प्रतिनिधित्व किया। इस बार यहां का दिलचस्प मुकाबला काफी दिलचस्प दिख रहा है। भाजपाई भी गठबंधन से लड़ाई मान रहे हैं, पर धीरे-धीरे लोधी मतदाताओं के कांग्रेस के पक्ष में गोलबंदी भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।


 वर्ष 2014 में मोदी लहर में कुल पडे़ वोटों का 46 फीसदी वोट हासिल करने वाले पुष्पेंद्र सिंह चंदेल को अपनी जीत दोहराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस बार उनका सीधा मुकाबला सपा-बसपा गठबंधन के बसपा प्रत्याशी दिलीप सिंह से है। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी अपनी बिरादरी के वोटों के सहारे चुनावों को मोड़ने की कोशिश में है। निर्दलीय रूप से चुनाव में उतरने वाले गठबंधन प्रत्याशी महोबा विधानसभा को प्रभावित कर रहे हैं।

पिछले लोकसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 4 लाख 53 हजार 884 वोट मिले थे। जो कुल पड़े वोटों का 46 प्रतिशत था। दूसरा स्थान सपा प्रत्याशी विशंभर प्रसाद निषाद का था जिन्हें 19 प्रतिशत यानी 1 लाख 87 हजार 96 हजार वोट मिले थे। तीसरा स्थान बसपा के राकेश गोस्वामी का था। गोस्वामी को 17 प्रतिशत यानी 1 लाख 76 हजार 356 वोट मिले थे। कांग्रेस के प्रीतम सिंह किसान महज 8 फीसदी यानी 78 हजार 229 वोट मिले थे।

अगर सपा-बसपा के वोट मिला दिए जाएं तो अभी भी भाजपा 10 प्रतिशत वोट ज्यादा है। इसे पाटने के लिए गठबंधन ने पूरी ताकत झोंक दी है। दूसरी तरफ पुष्पेंद्र सिंह चंदेल को पूर्व कार्यकाल की छोटी-छोटी गलतियों को सुधारने में ही वक्त जाया करना पड़ रहा है। मतदाता उनसे रूठा हुआ है। इस बार उनके अपने एजेंडे में स्थानीय मुद्दे और उनके खुद के कार्यकाल में हुए विकास कार्य गायब है।

कुल मतदाता 

17 लाख 38 हजार 107

पुरुष- 9 लाख 17 हजार 611

महिलाएं- 7 लाख 90 हजार 451

युवा मतदाता- 28 हजार 931

वर्ष 2014 का कुल मतदान 

1- पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, भाजपा- 4 लाख 53 हजार 884 (46 प्रतिशत)

2- विशंभर प्रसाद निषाद, सपा, 1 लाख 87 हजार 96 हजार (19 प्रतिशत)

3- राकेश गोस्वामी, बसपा, 1 लाख 76 हजार 356 ( 17 प्रतिशत)

4- प्रीतम सिंह किसान, कांग्रेस, 78 हजार 229 (8 प्रतिशत)

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