दलालों का गढ़ बना आरटीओ ऑफिस, अधिकारी भी खेल में शामिल

दलालों का गढ़ बना आरटीओ ऑफिस, अधिकारी भी खेल में शामिल

हमीरपुर-

लाइसेंस बनवाने के नाम पर सम्भागीय परिवहन अधिकारी नरेश कुमार वर्मा की मिलीभगत से होती है पैसे की उगाहीहमीरपुर जनपद का आरटीओ ऑफिस दलालों और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है,

भ्रष्टाचार का आलम यह है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के मिलीभगत से दलालों द्वारा वाहन पंजीकरण और लाइसेंस के नाम पर लोगों से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है, सरकारी फीस और सुविधा शुल्क के नाम पर लोगों से एक हजार रुपये से लेकर लाखों रूपये की वसूली करना तो आम बात हो गई है,

 एक ओर जहाँ दो पहिया और चार पहिया लर्निंग लाइसेंस बनवाने की फीस महज 350 रुपये है और स्थाई लाइसेंस बनवाने की फीस 1000 है, वही इसके एवज में लोगों से पाँच हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। अगर कोई सिस्टम से हटकर लाइसेंस बनवाने पहुँचता है

तो उसे नियमों का हवाला देकर महीनों तक ऑफिस का चक्कर लगाना आम बात हो गई है,थक हारकर आखिर में दलालों के माध्यम से काम कराने पर महज चंद दिनों में ही काम हो जाता है,लेकिन तब तक लोगों की जेब हल्की हो चुकी होती है,ऐसे हालात में लोगों का दलालों के माध्यम से काम कराना ही मजबूरी बन चुकी है।

 

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