किसानों ने बिजली बिलों की लगातार बढोत्तरी का विरोध कर तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया।

किसानों ने बिजली बिलों की लगातार बढोत्तरी का विरोध कर तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया।

मौदहा(हमीरपुर)

स्थानीय भारतीय किसान यूनियन के नेताओं व किसानों ने बिजली बिलों की लगातार बढोत्तरी का विरोध करते हुए आज तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन के साथ मुख्य मंत्री को सम्बोधित छह सूत्री मांगो का ज्ञापन उप जिलाधिकारी के कार्यालय में दिया गया है। किसानों ने कर्ज माफी और उन्हें वसूली के लिए दी गई नोटिसों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की गोहार लगाई है।

भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव शिवपूजन निषाद के नेतृत्व में तहसील अध्यक्ष रामपाल कुशवाहा सहित बालेंद्र कुमार, विज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, बिलगेंद्र सिंह(मण्डलीय सचिव)रामदास, जयनारायण, देवीदीन, मिठाईलाल, रामबहादुर आदि बड़ी संख्या में किसानों ने तहसील परिसर में नारे बाजी करते हुए धरना किया। धरने के बाद मुख्य मंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में मुख्य रूप से कहा गया है कि मौजूदा समय में किसान की औसत आय अधिकतम चार हजार रूपये प्रतिमाह भी नहीं पहुंच पाती। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने किसानों के नलकूपों की बिजली दरें लगातार बढाई जा रही हैं।

जिससे लघु व शीमांत किसान खेती बाड़ी का काम छांड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। प्रदेश में पिछले दो साल में बिजली के मूल्य में रिकार्ड वृद्धि की गयी है। जिससे किसानों की कमर तोड़ने का कार्य किया जा रहा है।ज्ञापन में मांग की गयी है कि सात राज्यो की तरह उत्तर प्रदेश के किसानों को सिचाई के लिए निशुल्क बिजली दी जाये। वहीं नलकूपों के कनेक्शन के लाइनों की लम्बाई 300 मीटर से घटा कर 150 मीटर की जाये। जिससे किसानो पर अधिक भार न पड़े तथा सामान्य योजना के तहत दी जाने वाली सबसीडी में वृद्धि की जाये। वहीं नये वाहन अधिनियम के 26वें संशोधन के अनुसूची 09 के स्कूली वाहन अधिनियम के बदलाव को अगले शिक्षासत्र से लागू किया जाये। नये मोटर वाहन अधिनियम गुजरात सहित कई राज्यों की सरकारों ने लागू नहीं किया। यहां भी जनता की राय लेकर उसे लागू किया जाए। राज्य विभिन्न जनपदां में लगभग 90 हजार किसानों की रिकबरी जारी की गयी है। जिससे किसानों की आत्महत्या में वृद्धि हो रही है। सभी रिकबरी वापस करने के साथ किसानों के बिल माफ किये जायें।

 

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