शब-ए-बारात की इबादत में कब्रिस्तान और घरों में जगमगाती रही रोशनी

 शब-ए-बारात की इबादत में कब्रिस्तान और घरों में जगमगाती रही रोशनी

 

 

पडरौना,कुशीनगर:-

प्रमोद रौनियार

शहर में  शनिवार की रात को शब-ए-बरात का त्योहार पूरे अकीदत व एहतेराम से मनाया गया।इस मौके पर कब्रिस्तान,घरों और मस्जिदों में लाइटिंग की गई।

कब्रिस्तान और मस्जिदें रोशनी से जगमग रहीं.मस्जिदों में रात भर इबादत की गई.पडरौना के रमजान बाबा मजार,रउजा,मलग बाबा मजार आदी स्थानो पर अकीदतमंदों ने खुशियां मनाई और एक दूसरे को मुबारकबाद दी.इस खुशी में मिठाई तकसीम की गई ‌। 

इस दौरान पडरौना शहर से सटे छावनी,बलोचहा,खिरिया टोला, बडहरागंज,मिश्रौली,बसहिया बनबीरपुर,सिधुआ स्थान आदि जगहों पर  मुसलमानों भाईयो ने अपने अपने क्षेत्र के कब्रिस्तानों में नमाज अदा की |

 

कब्र पर जलाई मोमबत्ती

 

शब-ए-बरात को लेकर कब्रिस्तान खूब सजाए गए थे.पडरौना शहर के छावनी,कब्रिस्तान,बडहरागंज कब्रिस्तान,बसहिया बनबीरपुर कब्रिस्तान,सिधुआ स्थान  कब्रिस्तान,मिश्रौली बाजार आदि कब्रिस्तान में मगरिब की नमाज के बाद ही चहल-पहल बढ़ गई थी.लोगों ने अपनों की कब्र पर अगरबत्ती और मोमबत्तियां जलाई और फातेहा पढ़ा. कब्रिस्तान में फातेहा पढ़ने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा.इस मौके पर मस्जिदों को भी खूब सजाया गया था.मस्जिदों में लाइटिंग देखते ही बन रही थी. एशा की नमाज के बाद शब-ए-बरात की खास नमाज शुरू हुई. रात भर लोगों ने नमाजें पढ़ीं. उलेमा बताते हैं कि यह रात निजात की रात है.अल्लाह पाक के रहमत के दरवाजे खुल जाते हैं.इस दिन रोजी मुकर्रर होती है. साथ ही गुनाह बख्शे जाते हैं.

अल्लाह पाक फरिश्तों से फरमाते हैं कि कौन शख्स है जो इस रात गुनाहों से माफी तलब कर रहा है. अल्लाह पाक इस रात इबादत में गुजारने वालों के सारे गुनाह माफ करते हैं.इसलिए लोगों ने रात भर इबादत कर गुनाहों से माफी तलब की. कुशीनगर जिले के पडरौना शहर के विभिन्न कब्रिस्तान में आठ बजे दुआ कराई गई.मरहूम के लिए अलग से दुआ हुई.सभी कब्रिस्तानों में दुआ कराई गई.

 

फोड़े पटाखे,मनाईं खुशियां

 

शब-ए-बरात खुशी का भी त्योहार है. इस दिन पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा स. के आखिरी खलीफा व इमाम हजरत महदीअ.की वेलादत की रात है. उनकी वेलादत शाबान हिजरी को सुबह सादिक के वक्त हुई थी. इमाम महदी खलीफा हजरत इमाम हसन अस्करी के बेटे हैं. इमाम की वेलादत की खुशी में जाकिर नगर की जाफरी मस्जिद में शब-ए-बरात की खास नमाजों और दुआ के बाद महफिल हुई  मुसलमानों ने सुबह नमाज से पहले रउजा स्थित मजार सबूरन पीर बाबा मजार के नदी में अरीजा डाला.इस अरीजे में इमाम महदी से मांगें मानी जाती हैं. बताते हैं कि इमाम उनकी हर मुराद पूरी करते हैं.

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