पत्रकार के हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी न हुई तो आंदोलन करने को विवश होंगे पत्रकार

 पत्रकार के हमलावरों  की जल्द गिरफ्तारी न हुई तो आंदोलन करने को विवश होंगे पत्रकार
  • एक सप्ताह गुज़र जाने के बाद भी नही हुई गुनहगारों पर कार्यवाही

वाज़िद अली कैराना 

कैराना। एक सप्ताह बाद भी पत्रकार के हमलावरों की गिरफ्तारी न होने पर पत्रकारों में रोष बढ़ता जा रहा है। अगर जल्द ही हमलावरों की गिरफ्तारी नही की गई तो पत्रकार जगत आंदोलन करने पर विवश होगा।

एक सप्ताह पूर्व नमाज़ तरावीह से लौटते समय एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार उस्मान चौहान के साथ पहले दबंगो ने गाली गलौच की थी और फिर लाठी- डंडों व तेजधारधार हथियारों से प्राणघातक हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

घायल पत्रकार के मेडिकल कराने के बाद भी पुलिस ने आरोपी दबंगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की थी, बल्कि उल्टा रातोंरात पत्रकार पर संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर दिया था। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर क़ातिलाना हमले के संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र नागर से मुलाकात की गई थी और आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग भी थी, लेकिन कैराना कोतवाल ने जिस प्रकार मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया था वह बताने योग्य भी नही है।

एसपी शामली अजय कुमार पांडेय के निर्देश पर कोतवाल कैराना ने दबंगों के खिलाफ़ मुकदमा तो दर्ज कर लिया मगर पीड़ित पत्रकार को जेल भेजने की धमकी देने से नहीं चूके थे। उन्होंने साफ कहा था कि चाहे जितने भी भाग लो तुम्हें इसी थाने से जेल जाना होगा।

कोतवाल कैराना के ज़रिये किये गए अभद्र व्यवहार के चलते कैराना के पत्रकारों ने ज्वांइट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी कैराना डॉक्टर अमितपाल शर्मा को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने के साथ ही कैराना कोतवाल की भूमिका की भी जांच की मांग की थी।

एक सप्ताह बाद भी पत्रकार पर क़ातिलाना हमले के  आरोपियों पर कार्यवाही न होने से पत्रकार जगत में रोष उतपन्न हो रहा है। अगर जल्द ही आरोपियों पर कार्यवाही नही की गई तो पत्रकार आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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