सिलसिलेवार अपराधों की गवाही दे रहा थाना नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में घट रही घटनाएं,कैसे सुरक्षित रहेंगे लोग

सिलसिलेवार अपराधों की गवाही दे रहा थाना नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में घट रही घटनाएं,कैसे सुरक्षित रहेंगे लोग

कुशीनगर,उप्र।

योगी सरकार बढ़ रहे अपराध पर अंकुश लगाने का भले ही दावा कर ले लेकिन नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र चीख-चीख कर अपराधी व पुलिस गठजोड़ की गवाही देने लगी है।बढ़ रहे लगातार अपराध और पुलिस कार्यप्रणाली पर आम जनमानस से उठ रहे सवालों को कठघरे में खड़ा करना लाजमी है।

बता दें कि नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में बढ़ी अपराध के क्रम में 15 अक्टूबर को पकड़ियार चौराहे से बाइक चोरी,2 नवम्बर रात को लीलाधर छपरा व खजुरिया गांव के बीच सरेह में पशु ले जा रहे तस्कर व ग्रामीणों से हाथापाई हुआ था,29 मई को नव राशि पशु को ग्रामीणों ने पकडा था।सूचना के बाद भी पुलिस नही पहुची थी।हियुवा कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप से पुलिस पहुची थी।

जी अपराधों के सिलसिलेवार घटनाक्रम में तीन नवम्बर रात को बलकुडिया गांव के भाजपा नेता नित्यानंद पांडेय के दरवाजे से बाइक चोरी,11अगस्त रात को सूरजनगर बाजार के देशी शराब की दुकान का ताला तोडकर चोरी।27जुलाई को उसी चौराहे के अरविंद की दुकान से चोरी,27अप्रैल को सूरेश कुशवाहा की दुकान से चोरी,एक अप्रैल को खजुरिया प्राथमिक विधालय से चोरी,चार मार्च को गब्बू की दुकान से चोरी,27 फरवरी को सूरजनगर बाजार के सरकारी दो शराब की दुकान से चोरी,21 फरवरी को गब्बू की दुकान से चोरी,28 नवम्बर को भुजौली चौराह पर फार्यूचन की दुकान से चोरी,27 को निरकारी चौराहे से जंगला तोड़कर चोरी,14 जुलाई को पटेरा खुर्द मे दुर्जन का बाइक चोरी।

अभी जानते रहे 26 जून को सूरजनगर बाजार के किराना की दुकान से चोरी,14 जनवरी को अकबरपुर गांव के विद्यालय में चोरी,उसी दिन नौरंगिया तिराहा पर भी एक दुकान मे चोरी,22 अक्टूबर को देवगांव में पाच घरो में चोरी,29 अगस्त को खजुरिया गैरेज से बैट्री चोरी,27 जुलाई को पुरन्दर छपरा गांव मे चोरी,दस अक्टूबर को सिरसिया वीरभान गांव में एक वृद्ध के हत्या के मामले अब तक कार्रवाई नही हुई और उल्टे ही मामले का पैरवी कर रहे दमाद को ही शांतीभग मे चलान कर दिया गया।

आलम मठिया गांव में एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों मे हुई मौत के मामले में छात्रा की मां ने मनचलों से प्रेरित होकर पुलिस को तहरीर दे कार्रवाई की मांग की थी लेकिन पुलिस उलटे ही छात्रा की मां को ही जेल भेज दिया।

बलकुडिया गांव मे कस्टेबल द्वारा छेडख़ानी के मामले मे अबतक कार्रवाई नही हुई और खजुरिया गांव मे दलित व्यक्ति की रिश्वत नही देने पर दो कांस्टेबल व दरोगा द्वारा पिटाई के मामले कार्रवाई शून्य सहित तमाम अपराध ऐसे हैं।जिसमें पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर तो दिया लेकिन कार्रवाई शून्य रहा।

 यही तक नही थाना क्षेत्र में कुछ ऐसे पुलिस कर्मी तैनात हैं कि जिसकी पशु तस्करी के मामले पुलिस कप्तान से भी शिकायत हो चुका है और वे लाइन हाजिर भी हुए थे।उक्त थाने पर फिर से उनकी तैनाती है।विश्वस्त सूत्रों की माने तो क्षेत्र में पशु तस्करी, बालू तस्करी,गाजा,खैरा लकड़ी का तस्करी चरम पर है।

 

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