​​​​​​​कुशीनगर:केंसर से पीड़ित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पौत्र का कोई सुध लेने वाला नही ? 

​​​​​​​कुशीनगर:केंसर से पीड़ित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  पौत्र का  कोई सुध लेने वाला नही ? 

शैलेश यदुवंशी खड्डा, कुशीनगर।

जिन लोगों की कुर्बानियों व संघर्ष की बदौलत देश को आजादी मिली,उनकी और उनके परिजनों की किस कदर उपेक्षा हो रही है।स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिजनों की सुध लेने के नाम पर सरकार और उसके नुमाइंदे भले ही अक्सर दावे करें,लेकिन जमीनी हकीकत सभी जगह तल्ला सालम जैसी ही है।

विकास खंड खड्डा के दरगौली गांव के निवासी व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय पंचानन मिश्रा के पौत्र राजेश मिश्रा 1 वर्षों से जबड़े के कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं।कैंसर की बीमारी ने उनके परिवार की माली हालत इस कदर खराब कर दी है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन दाने-दाने के मोहताज हो गए हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व उनके आश्रितों के प्रति सरकार कितनी संवेदनशील है।

ताम्र पत्र से सम्मानित स्वर्गीय पंचानन मिश्रा

देश के आजादी में कई बार जेल गए स्वर्गीय पंचानन मिश्रा को 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ताम्रपत्र देकर सम्मानित कि थी।

● कैंसर के बीमारी ने बिगाड़ दी है स्वर्गीय पंचानन मिश्रा के परिजनों की आर्थिक स्थिति

अपने परिवार के एक मात्र कमाऊ सदस्य व स्वर्गीय पंचानन मिश्रा के पौत्र राजेश मिश्रा की एक वर्ष पूर्व जबड़े में कैंसर हो जाने से परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।परिवार में कोई दूसरा सदस्य कमाऊ न होने परिवार दाने-दाने के मोहताज हो गया हैं। राजेश मिश्रा के दो पुत्र उज्वल मिश्रा व उद्देश मिश्रा पैसे के अभाव में अपनी पढाई भी छोड़ दिए हैं।तो वही राजेश मिश्रा इलाज कराने के चक्कर में अपनी पैतृक जमीन व घर में रखे महिलाओं के जेवरात भी बेच चुके हैं।

राजेश मिश्रा की पत्नी निशि मिश्रा ने बताया कि उसके पति का इलाज दिल्ली में स्थित एडवांस मेडिकल हॉस्पिटल में चल रहा था।जहा प्रत्येक महीने 2 से 3 लाख महीने का खर्च आता था।घर पर जो संपति था पति के इलाज में बेचकर लगा दी है।अब उसके पति का इलाज कराने का दूसरा कोई रास्ता नहीं है तथा वह सरकार से सहयोग की आशा लगाए बैठी है।

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