सुप्रीम फैसले का मुस्लिम समाज  करता है सम्मान    

सुप्रीम फैसले का मुस्लिम समाज  करता है सम्मान    
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले में दी जाने वाली 5 एकड़ जमीन मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड को नहीं लेनी चाहिए। अकील खान

लखनऊ 

राजधानी लखनऊ में पिछड़ा मुस्लिम मोमिन समाज संगठन की बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता मोहम्मद अकील खान ने कि जिसमें अपनी बातों को रखते हुए, 

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सभी जिम्मेदारों से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के सम्मान में दी जाने वाली जमीन को मुस्लिम पक्षकारों को नहीं लेनी चाहिए . 

मस्जिद बनाने के लिए दी जाने वाली पांच एकड़ जमीन को नहीं लेना चाहिए क्योंकी माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हिंदुस्तानी मुसलमान सहसम्मान मान रहा है लेकिन फैसले से पूरी तरह से मुतमइन नहीं है

मस्जिद बनाने के लिए हिंदुस्तान के अंदर लाखों की तादात में मुसलमान है मस्जिद अल्लाह का घर है  अल्लाह ताला जहां चाहेगा  वहां मस्जिद  मुसलमानों से बनवा लेगा. 

पिछड़ा मुस्लिम मोमिन समाज संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता मोहम्मद अकील खान ने कहा है कि फैसला जो भी हुआ है

उस फैसले का संगठन सम्मान करता हैं लेकिन संतुष्ट जनक फैसला नहीं है फिर भी हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब को बचाने के लिए हिंदुस्तानी मुसलमान पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानता हैं

क्योंकि अब मंदिर मस्जिद का मामला समाप्त हो गया है अब देश और प्रदेश के विकास की बात होनी चाहिए. देश के अंदर प्रदेश के अंदर किसानों की नौजवानों की महिलाओं की मजदूरों की हालत बद से बदतर है  मुसलमानों की तरक्की के लिए प्रदेश सरकार की एवं केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है

शिक्षा के लिए तालीम के लिए रोजगार के लिए गरीब मजलूम एवं बेसहारा लोगों की हिफाजत की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार तय करें

कि अब देश और प्रदेश में कोई भूखे पेट न सोए न ही पैसों के अभाव में कोई गरीब इंसान अपनी बीमारी का इलाज न करा पाए इलाज कराने का  इंतजाम होना चाहिए.

इस तरह की व्यवस्था अस्पतालों में मेडिकल कॉलेजों में होनी चाहिए बैठक में मोहम्मद रईस, आदिल खान ,हासिम उद्दीन बेग, मोहम्मद उमर ,इमरान शाह, हाशिम कुरेशी, इलियास अहमद, इकबाल अफजल, शमीम अहमद ,मोहम्मद अहमद, फरीद अहमद ,लुकमान शेख ,मोनू खान, चांद कुरेशी ,अखलाक खान ,रजी अहमद सिद्दीकी, के अलावा संगठन के बहुत से पदाधिकारी मौजूद थे. 

 

Comments