ग्राम पंचायत भेथरा माधव में प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा विकास कार्यों में हुआ जमकर भ्रष्टाचार

ग्राम पंचायत भेथरा माधव में प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा विकास कार्यों में हुआ जमकर भ्रष्टाचार

 नरेश गुप्ता/ धीरज नाग की रिपोर्ट

ग्राम पंचायत भेथरा माधव में प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा विकास कार्यों में हुआ जमकर भ्रष्टाचार

 

महमूदाबाद , सीतापुर।


उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर की तहसील महमूदाबाद के ब्लॉक पहला की ग्राम पंचायत भेथरा माधव में आज जिले से आये हुए अधिकारियों के द्वारा ग्राम प्रधान के द्वारा ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यो की जांच हो रही थी। और वही पर ग्रामीणों का कहना है कि जब जांच में ग्राम विकास अधिकारी विशाल रावत ही आकर नही पहुंचे। और जांच में आये हुए सभी अधिकारियों ने जांच कराए जाने वाले कार्यो को ही नही जाकर देखा तो काहे की जांच।

और वही पर कुछ ग्रामीणों का कहना है कि भेथरा माधव में मरतालिया नामक एक तालाब की खुदाई में करीब लगभग 2 लाख रुपये के आस पास धन राशि कार्य कराए जाने के सम्बंध में खर्चा की गई है। और ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ इस तालाब के आस पास की घास को ही छिला गया था।

ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी ने मिलकर तालाब खुदाई के नाम पर पैसे को लूट लिए है। और भेथरा माधव गांव में ही रहने वाले एक महिला ने ग्राम प्रधान पर आवास देने में दस हजार रुपये लेने के सम्बंध में आरोप लगाया है। जिनका नाम लक्ष्मी पत्नी प्रेमकुमार निवासी भेथरा माधव बताया है। और दस हजार रुपये देने के साथ साथ यह भी बताया है कि मेरे आवास की मजदूरी का पैसा भी अभी नही मिला है ।

जब हम ग्राम प्रधान , रोजगार सेवक (पंचायत मित्र)व सेक्रेटरी से आवास की मजदूरी के पैसे के सम्बंध में बात करती हूँ। तो सभी लोग यही बताते है कि आपका पैसा आ जायेगा। और गांव के कुछ लोगों ने यह भी बताया है कि ग्राम प्रधान ने अपनी मनमानी से मनरेगा में कार्य किये जाने वाली सूची में अपने खास लोगो का नाम डाल कर पैसे निकलवा रहे थे। और जो लोग कभी मनरेगा में कार्य करने ही नही गए उनके नाम पर हजारो की गिनती में पैसा निकाला गया है।

जब शिकायतकर्ता राम नरेश पुत्र रामधीन निवासी भेथरा माधव से जांच के विषय मे बात की गई तो राम नरेश ने बताया कि हम अपने ग्राम पंचायत भेथरा माधव में ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के द्वारा ग्राम पंचायत में कराये गए कार्यो की जांच कराने के सम्बंध में जिलाधिकारी सीतापुर को शिकायत की थी। और जिलाधिकारी ने हमारे गांव की जांच करने के लिए जिले से एक टीम को गठित किया था। जो अधिकारी गांव तो आये लेकिन जांच के नाम पर लीपा पोती कर भाग गए ।

और राम नरेश का कहना है कि जब हमारे गांव से जाने के लिए अधिकारी निकले तो हम लोगो ने कहा कि साहब जांच अभी पूरी नही हुई है । और इस जांच से हम लोग संतुष्ट भी नही हुए है। तब अधिकारियों ने कहा कि अभी तो जांच ही चल रही है । और पूरी जांच तो हो जाने दो ।

बस इतना ही कहकर जांच टीम गांव से फरार हो गई । फिर गांव के कुछ लोगो ने जांच टीम का पीछा किया तो जाकर पता चला कि ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी)विशाल रावत , ग्राम प्रधान दिनेश कुमार यादव के साथ जांच में आये हुए  सभी अधिकारी गाड़ियों में बैठे बाते कर रहे थे।

जब ग्रामीणों को आते हुए प्रधान ने देखा तो जांच अधिकारियों को बताया कि मेरे गांव से कई लोग आ गए है और कुछ लोग आ भी रहे है । इस लिए साहब आप महमूदाबाद की ओर चलो और वही पर बैठकर बात की जाएगी।इतना ही कहकर जांच में आये हुए अधिकारी कुछ महमूदाबाद की ओर और कुछ अधिकारी सिधौली की ओर अपनी गाड़ियों में बैठकर भाग निकले। और वही पर राम नरेश का कहना है कि मेरे गांव की जो जांच हुई है।

वह जांच सही तरीके से नही की गई है। जिससे हम सभी ग्रामीण अधूरी जांच होने से नाराज है। और हम लोग इसकी शिकायत जिलाधिकारी को पुनः करेंगे । और वही पर जब ग्राम प्रधान डी के यादव से जांच के विषय मे बात करनी चाही तो ग्राम प्रधान ने आनाकानी बता दी।और वही पर इसके साथ साथ रमेश यादव ने भी बताया कि जब जांच में आये हुए अधिकारी जांच को अधूरी छोड़कर भाग गए थे

तो हम अपने फोन से जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी सीतापुर को फोन के माध्यम से जानकारी अवगत करानी चाही तो किसी भी अधिकारी का फोन ही नही रिसीव हुआ।और हम पुनः जिलाधिकारी को फोन कर अवगत कराएंगे। की मेरे गांव की पुनः जांच कराए ।

 

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