विन्ध्य धाम में रात भर भक्ति के सागर में गोता लगाते रहे भक्तगण

 विन्ध्य धाम में रात भर भक्ति के सागर में गोता लगाते रहे भक्तगण

मिर्ज़ापुर।

विंध्याचल में माँ विन्ध्यवासिनी के पावन धाम में दीपदान महोत्सव, देव दीपावली, मां का भव्य श्रृंगार, विशाल देवी जागरण, व भंडारा का भव्य आयोजन किया गया। शुक्रवार को देर रात तक मां विंध्यवासिनी के प्रांगण में अखंड दीप मालाओं का प्रज्वलन, मां योगमाया विंध्यवासिनी जो महालक्ष्मी स्वरूप में विद्यमान है,

उनको भक्तों द्वारा एक सच्ची भावांजलि दिया गया। इस उपलक्ष्य में रात भर गीत, संगीत, नृत्य, तथा झांकी से मां के भक्त इस भक्ति सागर में गोते लगाते रहे। एक बार तो माहौल एकदम से शांत हो गया जब वाद्य वादकों ने अपने वाद्ययंत्रों से अपना सुरताल का राग छेड़ा। मंदिर प्रांगण में लगा कि "स्वर" स्वयं मां के धाम में हाजिरी लगाने आया हो, तो वहीं एक से बढ़कर एक धुरंधर गायक व गायिका भी अपनी स्वर और अपने गीत से मां की गुणगान करते रहे। इसी कड़ी में कमलेश शुक्ला वाराणसी से

1- आदिशक्ति विन्ध्याचली राऊर धाम, 2- प्यारा सजा है दरबार, पूजा केशरवानी प्रयागराज से 1- सत्यम शिवम सुंदरम, 2- मैया तेरे हवाले, जूली सिंह प्रयागराज से 1- एक राधा एक मीरा, 2- शिव नाम से जगत में उजाला, अरुणमनी लक्खा जबलपुर से 1- तेरे दरबार में ख़ुशी मिलती है, 2- प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी, जैसे मधुर गीतों को सुनाया। राधा श्रीवास्तव, अमित रंजन श्रीवास्तव, और अन्य कलाकारों ने भी अपने गीत गाए। ढोलक पर रोहित, बैंजो पर चमन, कैसियो पर बंटू, तबला पर जगदंबा, आदि कलाकारों ने अपने वाद्य यंत्रों से सभी को मस्त कर दिया।

शुभ महोत्सव के मुख्य आयोजक श्री मां विंध्यवासिनी के प्रधान पुजारी (श्रृंगारिया) पंडित शेखर शरन उपाध्याय रहे। कार्यक्रम के संयोजक राजन पाठक, रघुवर उपाध्याय (श्रृंगारिया), राघवेंद्र उपाध्याय रहे। कार्यक्रम अध्यक्ष सुशील सिंह और प्रभु सिंह रहे।

इस अवसर पे मुख्य अतिथि के रूप में विजय बहादुर पाठक (सदस्य विधान परिषद/प्रदेश महामंत्री भाजपा) उपस्तिथ रहे। विशिष्ट अतिथिगण में पण्डित रत्नाकर मिश्र नगर विधायक मिर्ज़ापुर, मनोज जायसवल नगर पालिका अध्यक्ष मिर्ज़ापुर, पंकज द्विवेदी अध्यक्ष श्री विन्ध्य पंडा समाज विंध्याचल, उमाशंकर तामड़ायत गुरुजी कोलकाता, अनिल कुमार आई0पी0एस0, आई0जी0 बिहार, रामजी कनौडिया कोलकाता, संजीव कुमार कनौजिया, राजेन्द्र दुबे वणिज्यकार प्रयागराज, मनोज वर्मा कोलकाता, कमलनयन पांडेय, नवदीप खेतान, आशीष अग्रवाल कोलकाता, अनिल सावरिया धनबाद, राजकुमार माहेश्वरी कानपुर, मनोज उपाध्याय धनबाद, विवेक पांडेय वाराणसी,  प्रमोद हैदराबाद, सुनील कुमार मिश्रा डिप्टी कमिश्नर, आदि लोग प्रमुख रूप से इस भक्ति की रसधार में खूब सराबोर होते रहे।

कार्यक्रम के संचालक जय चौरसिया ने अपने स्वर से पूरे मंदिर प्रांगण में कभी भक्तिरस तो कभी वीररस से श्रोताओं में जोश व उमंग भरने में सफल रहे।

 

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