संग सुधारो,  रंग खुद सुधरेगा. व्यासपीठाधीस 

संग सुधारो,  रंग खुद सुधरेगा. व्यासपीठाधीस 

नरेश गुप्ता /आनंद तिवारी की रिपोर्ट

संग सुधारो,  रंग खुद सुधरेगा. व्यासपीठाधीस 

नैमिष मिश्रिख

नैमिषारण्य तीर्थ अंतर्गत व्यास आश्रम में व्यास पीठाधीश अनिल कुमार शास्त्री के तत्वावधान में आयोजित 88000 श्रीमद भागवत पारायण महायज्ञ के चौथे दिवस पर व्यास पीठाधीश ने भागवत भक्तों को बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण ,

मनन और अनुपालन मानव मात्र की मुक्ति का सर्वोत्तम माध्यम है व्यास जी कहते है कि रामचरित मानस में बताया गया है कि राम को जन्म देने वाली माता कौशल्या थी मगर राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने वाली माता कैकेयी थी , गोस्वामी जी ने बताया कि भागवत पुराण में वर्णन आता है कि जब-जब धर्म की हानि होगी अधर्म का बोलबाला होगा तब तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेंगे , उन्होंने कहा कि मानव को कई जन्मों के पुण्य प्रताप से भागवत श्रवण का मौका मिलता है , भगवान श्री कृष्ण का सानिध्य पाने के लिए सभी ऋषियों ने गोपियों का रूप धारण किया था , भगवान ने गोपियों की इच्छा पर हीं शरद पूर्णिमा की रात्रि को यमुना के तट पर रासलीला की थी ,

प्रेम व विश्वास में बहुत बड़ी ताकत होती है , इसी भावना से प्रेरित होकर भगवन श्री कृष्ण ने गिरीराज पर्वत को भी अपनी अंगुली पर उठा दिया था , आज के कथा सत्र में राजा बलि और वामन भगवान की कथा के पावन प्रसंग , श्री राम जन्म की कथा के भावपूर्ण वर्णन में सभी भक्त सराबोर दिखे , इस के साथ ही आज धार्मिकजनों के प्रवचन , आयुर्वेद पर विचार और धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमो के मंचन का भी श्रद्धालुओं ने लाभ प्राप्त किया , आज के कथा सत्र की पूर्णता पर शाम की आरती में प्रधान भागवत यजमान राजिंदर कुमार गुप्ता ,

हेमा विशाल सुखानी , हरेश भाई मेहता आदि ने आचार्यों द्वारा वैदिक मन्त्रोच्चार के मध्य श्रीमद् भागवत महाग्रन्थ व व्यास पीठ का पूजन किया इस अवसर पर व्यास पीठाधीश प्रतिनिधि रंजीत दीक्षित , राम किशोर दीक्षित , आयोजन समिति से संजीव अग्रवाल , राकेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे ।

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