नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भण्डाफोड़, दो गिरफ्तार

नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भण्डाफोड़, दो गिरफ्तार


भारी मात्रा में नकली शराब व स्प्रिट बरामद


बाराबंकी।

पुलिस अधीक्षक द्वारा लोकसभा चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराये जाने के क्रम में रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी के निर्देशन में फतेहपुर क्षेत्राधिकारी द्वारा प्रभारी निरीक्षक फतेहुपर व थानाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा को आबकारी निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार की संयुक्त टीम गठित कर मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त उत्तर कुमार जायसवाल पुत्र स्व. रामचन्द्र व विपिन जायसवाल पुत्र स्व. अनूप जायसवाल निवासी मौलबी गंज थाना फतेहपुर को रविवार सुबह 5ः30 बजे उनके मकान से गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्तों के घर पर मिलावटी शराब बनाने की फैक्ट्री मिली। दोनो मिलावटी शराब बना रहे थे अभियुक्तां के कब्जे से देशी शराब के 1773 पव्वा, निर्मित शराब एक पिपिया 20 लीटर शराब बनाने की सामग्री व उपकरण, 28 लीटर स्प्रिट, कैरेमल(रंग) एक लीटर, 20 व 50 लीटर की दो खाली पिपिया, कटा हुआ ड्रम, 200 एमएल की 690 खाली शीशी, बिना रैपर की 630, विभिन्न ब्राण्ड के रैपर 10320 क्यूआर कोड 2 बण्डल, ढक्कन 6895, शीशी के ढक्कन शील करने वाली दो मशीन व दो मोबाइल फोन तथा 39 हजार रुपये टीम ने बरामद किये।

अभियुक्तों के विरुद्ध कोतवाली फतेहपुर में मु.अ.स.-118/19, 272, 420, 468 व 471 भादवि. व 60(2), 60ए आबकारी अधिनियम पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा की गयी प्रेसवार्ता में उन्होने बताया कि अभियुक्त उत्तम कुमार जायसवाल के विरुद्ध लगभग दो दर्जन मुकदमें पंजीकृत हैं तथा कोतवाली फतेहपुर का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस अधीक्षक अजय साहनी ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि अभियुक्तों से पूछतांछ के दौरान उन्होने बताया कि हम लोग काफी लम्बे समय से इस कारोबार में लिप्त हैं

और धन की लालच में अवैध रुप से स्प्रिट व कैरेमल से नकली शराब बनाकर विभिन्न रैपर व क्यूआर कोर्ड शीशीयों पर चस्पा कर बाराबंकी और आस पास के जिलो में सप्लाई करते हैं। जिसकी सप्लाई अभियुक्तों ने रीवां-सीवां, बड्डूपुर व जिला सीतापुर के ठेकों पर उसकी सप्लाई करते हैं। पुलिस टीम को प्रभारी निरीक्षक फतेहपुर शमशेर सिंह बहादुर, मोहम्मदपुर खाला थानाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक जितेन्द्र बहादुर सिंह, चौकी प्रभारी रवीन्द्र सिंह, राघवेन्द्र प्रताप सिंह व आबकारी निरीक्षक फतेहपुर शैलेन्द्र कुमार व थानों के सिपाही टीम में शामिल रहे। पुलिस टीम को उक्त सराहनीय कार्य के नवागत पुलिस अधीक्षक ने 5000 रुपये की घोषणा की तथा सीओ सिटी को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की।  


शुगर फैक्ट्री से मिलती है स्प्रिट


बाराबंकी।

प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक अजय साहनी ने बताया कि अभियुक्त जिस शराब को बनाने का काम करते हैं वह शुगर फैक्ट्री से निकली स्प्रिट होती है जिसको शुगरमिल और ड्राइवर की मिली भगत से प्राप्त कर दुकानों पर कम कीमत पर सप्लाई करते हैं जिसको 6 से 8 रुपये की लागत में तैयार किया जाता है। जबकि सरकार द्वारा बेचे जाने वाली लाइसेंसी शराब की खरीद 68 रुपये के करीब होती है। सरकारी शराब की शीशी पर लगे स्टीकर में बार कोड और नम्बर शो करता है।

जिसको चेक करके उपस्थित पत्रकारों को दिखाया भी। जबकि पकड़ी गयी नकली शराब पर लगे स्टीकर पर बार कोड पर कुछ भी नही था। उन्होने यह भी बताया कि अभियुक्तों ने जिन दुकानों पर इस शराब को बेचा जा रहा था उनको चिन्हित कर लिया गया और वह सभी आज बंद हैं और कल उनकी पूरी पड़ताल कर सीज करने की हमारी तैयारी है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि कई और दुकानों पर भी जांच कर उन पर कार्यवाही की जायेगी। 
 

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