पुलिस ने मृतिका के पिता को गिरफ्तार कर भेजा जेल

पुलिस ने मृतिका के पिता को गिरफ्तार कर भेजा जेल

रिपोर्ट-शिवशंकर तिवारी

रामसनेहीघाट-बाराबंकी
स्थानीय थाना अंतर्गत सुखीपुर गांव में गत 12 अक्टूबर की रात हुई शिक्षिका की मौत के मामले में पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार करके मंगलवार को जेल भेज दिया।


विदित हो कि गत 12 अक्टूबर की रात सुखी पुर निवासी विजय कुमार की 21 वर्षीय पुत्री का शव उसी के घर से बरामद हुआ था। जिसकी रिपोर्ट मृतका के भाई संचित ने थाने पर दर्ज कराई थी।

पुलिस के मुताबिक शिल्पी के पिता विजय कुमार शराबी किस्म के व्यक्ति थे तीन-चार माह पूर्व उन्होंने अपनी जमीन गांव के ही श्यामलाल के हाथों 6 लाख रुपए की बेची थी जिसमें से उन्होंने एक लाख रुपए अपने दोनों पुत्रों संचित व प्रिंसू को देकर शेष 5 लाख रुपए

शिल्पी के बैंक खाते में जमा करा दिए थे शिल्पी ने उसमें से एक लाख रुपए मऊ निवासी मोनू जायसवाल को तथा 182000 रुपए सिद्धार्थ नगर निवासी अपने पुरुष मित्र अमित पाठक को दे दिए थे।

पैसों की बर्बादी होते देख विजय शिल्पी से पैसा वापस अपने खाते में जमा कराने की बात कह रहा था जिसको लेकर आए दिन घर में झगड़ा होता रहता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 12 अक्टूबर की सुबह शिल्पी का बड़ा भाई संचित अपनी पत्नी को लेकर ससुराल जा रहा था तब संचित की पत्नी ने शिल्पी से सोने की चैन मांगी जिस पर शिल्पी ने चैन देने से इनकार करते हुए बताया कि उसने सोने की चैन मोनू को दे दी है

इसी बात को लेकर घर में फिर काफी झगड़ा हुआ और संचित अपनी पत्नी को लेकर ससुराल चला गया। दूसरे दिन शिल्पी का शव घर में बरामद हुआ जिसका पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने पर उसके शरीर पर 13 जगहों पर चोट के निशान पाए गए

तथा उसकी मृत्यु दम घुटने के कारण चिकित्सकों द्वारा बताए जाने पर पुलिस ने सारा ध्यान परिजनों पर ही केंद्रित कर दिया। जिसके बाद पता चला की शिल्पी के पिता के चेहरे पर भी कई जगह खरोच के निशान मिले कई दिनों तक लंबी पूछताछ और सुराग के बाद विजय को पुलिस ने मंगलवार की सुबह

उसके घर से पकड़ लिया। पूछताछ में विजय ने स्वीकार किया कि पैसों की बर्बादी और शिल्पी द्वारा की जा रही हरकतों से तंग आकर उसने शिल्पी का मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी पुलिस ने विजय को गिरफ्तार करके जेल रवाना कर दिया।

Comments