डॉ एस एस अली ने बताया कि गंभीर बीमारियों में यूनानी चिकित्सा पद्धति दकारगर है। सीहोर।

डॉ एस एस अली ने बताया कि गंभीर बीमारियों में यूनानी चिकित्सा पद्धति दकारगर है। सीहोर।

डॉ एस एस अली ने बताया कि गंभीर बीमारियों में यूनानी चिकित्सा पद्धति दकारगर है।


प्रवीण कुमार बड़ोदिया 


स्वतंत्र प्रभात समाचार 


सीहोर


सीहोर :-

चकल्दी में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में स्वच्छता व स्वास्थ्य एवं मौसमी बीमारियों पर कार्यशाला की गई तथा बच्चों को सलाह दी गई  स्वास्थ्य और स्वच्छता पर और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया साथ ही बच्चों को स्वच्छता के बारे मे बताया और बच्चों का शिविर में इलाज यूनानी पद्धति द्वारा किया गया

ओषधियाँ वितरित की गई जिसमें लाभार्थियों की संख्या 140  रही जिससे 80 बालक और 60 बालिका  डॉ एस एस अली यूनानी चिकित्सा अधिकारी जामली व शासकीय यूनानी गोपालपुर के स्टाप द्वारा शिविर का आयोजन किया गया। डॉ अली ने बच्चों को मौसमी बीमारियों के बारे में बताया और मौसमी बीमारियों से बचाव कैसे किया जा सकता है   मौसमी बीमारियों से मानसून की विदाई के साथ मौसमी बीमारियों ने दस्तक दे देती है। घर घर में मौसमी बीमारियां से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती ही जारही है।

अस्पतालों में बच्चे से बुजुर्ग तक इलाज के लिए लाइन में रहते है सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को पहले ही अलर्ट कर दिया था। मगर बुखार ,स्वाइन फ्लू , स्क्रब टाइफस और डेंगू के इस समय मौसम ने जो अंगड़ाई ली है उसमें कभी गर्मी और कभी ठंडक का एहसास हो रहा है। मौसम का यह बदलाव मानव के स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो रहा है। इससे बचने का एक मात्र उपाय सतर्कता और जागरूकता ही है।

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