11 भारतीय को बिना किसी शिकायत के नेपाल पुलिस ने लिया हिरासत में........

11 भारतीय को बिना किसी शिकायत के नेपाल पुलिस ने लिया हिरासत में........

स्वतंत्र प्रभात नेपाल-

आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले शाईन समूह कंपनी के 11 कर्मचारियों को  नेपाल पुलिस नें बिना किसी कंप्लेन के हिरासत में ले लिया है।

लेकिन जब हिरासत के बाद मामला नेपाल की अदालत में पहुंचा तो अदालत नें सारे तथ्य देखने के बाद आदेश दिया है, कि या तो इन लोगो के खिलाफ ठोस सबूत लाओं  या फिर सारे भारतीय को रिहा किया जायें।

हम आपको बता दें कि साईन ग्रुप ने गिरफ्तारी की शिकायत भारत के विदेश मंत्रालय में कर चुकी है कि हमें बिना किसी ठोस सबूत के नेपाल में गिरफ्तार कर लिया गया है ।

और साथ ही इनका आरोप भी है कि नेपाल एक टूरिस्ट प्लेस है और जिन 12 लोगो की गिरफ्तारी हुई उनमें आधे से ज्यादा लोग पहली बार नेपाल गये थे। 

वो सेमिनार अटेंड करने के बहाने नेपाल में कुछ फेमस जगह घूमने का भी प्लान बनायें थे। लेकिन उसके पहले ही उन लोगो की गिरफ्तारी हो गई ।

उनका कहना है कि अगर नेपाल में घूमने आयें लोगो को इस तरह से बिना किसी  सबूत के गिरफ्तार कर लिया जायेगा तो वे नेपाल आनें के पहले कई बार सोचेंगे जिसका खामियाजा नेपाल को टूरिस्टो की संख्या में कमीं के रूप में  चुकानी पड़ेगी।

आपको बता दें कि शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर एक व्यक्ति महेंद्र सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की है जिनकी राष्ट्रीयता नेपाल ही है और एक निजी कंपनी द्वारा आयोजित संगोष्ठी में भाग ले रहा था।लेकिन महेन्द्र सिंह के साथ अन्य भारतीयों को भी नेपाल पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

चंद्र बहादुर अधिकारी, शारदा अधिकारी और गौरी देवी नाम के तीन लोगों ने एक नेपाली राष्ट्रीय महेंद्र सिंह के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की थी, जो शाइन ग्रुप द्वारा आयोजित सेमिनार में भाग ले रहे थे। इन तीनें लोगों ने बकायदा लिख कर दिया है कि उनका बाकी भारतीयों से कोई लेना देना नहीं है।

इसकें बावजूद अभी तक भारतीयों को रिहा नहीं किया गया है । उन्हें 5 दिन का समय दिया गया है।यानि बिना किसी गलती के उन्हे नेपाल पुलिस की हिरासत में 5 दिन तक रहना पड़ेगा।

चूंकि मामला भारत के नागरिक से जुड़ा है और भारत, किसी न किसी रूप में हमेशा नेपाल की मदद करता आया है दोनो के बीच काफी अच्छें संबंध भी है इस लिए नेपाल कतई नहीं चाहेगा कि इन भारतीयें की गिरफ्तारी का असर भारत और नेपाल के आपसी संबंधों पर पड़े।

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