प्रभु की कृपा से भवसागर  हो सकते है पार

प्रभु की कृपा से भवसागर  हो सकते है पार

सिधौली सीतापुर- सिधौली क्षेत्र के बिलरिया ग्राम में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को कथाव्यास पं सुरेश चन्द्र अवस्थी जी महराज ने कहा कि यदि प्राणी सच्ची लगन के साथ भगवान की स्तुति करता है तो वह भवसागर से पार हो सकता है। भक्ती का मार्ग बहुत कठिन है, अनेकों प्रकार की बाधायें आती है लेकिन जो इन बाधाओ से सामना करते हुए भगवान श्री हरि के चरणों की कृपा प्राप्त कर लेता है उसे मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। अतः भगवान की जब विशेष दया होती है तब मनुष्य को भक्ती का मार्ग मिलता है

जीव भवसागर से पार होकर भगवान कृपा प्राप्त करता है। श्री अवस्थी जी ने कहा कि मनुष्य के जीवन का कोई भरोसा नहीं है इस लिए हर समय भगवान का चिंतन और मनन करना चाहिए और संगीत के माध्यम से कहा कि क्या भरोसा है इस जिन्दगी का साथ देती नहीं किसी का।  मानव जीवन पाकर प्राणी को संसार में रहते हुए समय नहीं मिलता लेकिन मानव जीवन पाकर मनुष्य को अपने कर्तव्यों मार्ग को नहीं भूलना चाहिए दान ,तप जप और नियम संयम से चलना चाहिए इस प्रकार भगवान की कथाओ का  वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान कथा के आयोजक बिनोद कश्यप, पूर्व प्रधान खुशीराम, कलावती, अर्जुन अरुण ,कौशल किशोर, रामजी श्यामजी ,अभिषेक शुक्ला ,शूर्यांश शुक्ला, अतुल शुक्ला, बिष्णु द्विवेदी ,हरिओम मिश्रा, आकाश पाण्डेय उपस्थित रहे हैं.

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