समान विचार धारा वाले दल उड़ा सकते हैं नींद-गंगा शरण पाण्डेय

समान विचार धारा वाले दल उड़ा सकते हैं नींद-गंगा शरण पाण्डेय

सुलतानपुर

 

आगामी लोकसभा चुनाव मे भाजपा की समान विचार धारा वाले दल उड़ा सकते हैं नींद।

भारतीय जनता पार्टी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को जीतने के लिए जी तोड़ कोशिशों की शुरूआत कर चुकी है। विपक्ष महागठबंधन से सत्ताधारी दल की नींद उड़ाए हुए ही है तो समान विचारधारा वाले दल व संगठन बीजेपी की राह में सबसे अधिक रोड़ा अटका सकते हैं। कभी पूर्वांचल में योगी आदित्यनाथ की ताकत के रूप में पहचानी जाने वाली हिंदू युवा वाहिनी अब कई धड़ों में बंटकर बीजेपी की धड़कनें बढ़ा रही है। 

विधानसभा चुनाव में हिंदू युवा वाहिनी में पड़ी फूट के बाद हिंदू युवा वाहिनी भारत के नाम से पार्टी बनाने वाले सुनील सिंह ने राममंदिर मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए लोकसभा चुनाव में संगठन के प्रत्याशियों को उतारने का ऐलान किया है। जिला उपाध्यक्ष गंगा शरण पाण्डेय "राहुल" ने बताया कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई सुनील सिंह का कहना है कि हिंदुत्व की राह पर चल रही हिंदू युवा वाहिनी अब राममंदिर के लिए आंदोलन करेगी। बीजेपी अगर अपना वादा पूरा नहीं करेगी तो लोकसभा चुनाव में उसके प्रत्याशी हर सीट पर भाजपा को चुनौती देंगे।

 

लोकसभा 2019 बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता

 

हिंदू युवा वाहिनी भारत संगठन के लोकसभा चुनाव में उतरने के ऐलान से बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। पूर्वांचल में हिंदू युवा वाहिनी एक प्रखर हिंदूवादी संगठन का तगमा हासिल किए हुए है। संगठन के कई धड़ होने के बाद भी सभी के पास अच्छी खासी संख्या में कार्यकर्ता हैं। हियुवा भारत के अध्यक्ष सुनील सिंह अपने संगठन को विभिन्न स्तरों पर मजबूत करने के लिए जुटे हैं। उनके संगठन के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद अब बीजेपी के नेताओं की भी नजर इस संगठन पर है। चूंकि, लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कई दावेदारों को टिकट में मायूसी हाथ लगनी है, ऐसे में कुछ बगावत का झंड़ा भी बुलंद कर सकते हैं। इन बागी प्रत्याशियों के लिए हियुवा भारत सबसे बेहतर ठौर होगा। पिछले कुछ चुनावों के ट्रेंड को अगर देखे तो भाजपा के कई बागी यूपी में शिवसेना या हिंदू महासभा के सिंबल पर मैदान में उतर चुके हैं।

 

 

सुनील सिंह रहे हैं योगी आदित्यनाथ के करीबी

 

हिंदू युवा वाहिनी भारत के अध्यक्ष सुनील सिंह कभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबियों में शुमार हुआ करते थे। 2017 विधानसभा चुनाव में हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े लोगों को विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने एवं योगी की उपेक्षा के खिलाफ बीजेपी के खिलाफ सुनील सिंह ने बिगुल बजाया था। वह योगी आदित्यनाथ को बीजेपी यूपी का चेहरा बनाने का ऐलान करने की मांग को लेकर बीजेपी पर हमलावर हो गए थे। बीजेपी पर योगी आदित्यनाथ को तवज्जो नहीं दिए जाने का आरोप लगाकर वह हिंदू युवा वाहिनी के प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिए थे। हालांकि, तत्काल योगी आदित्यनाथ ने इन लोगों को फटकार लगाई थी। लेकिन नुकसान की आशंका से परेशान बीजेपी ने भी तुरंत डेमेज कंट्रोल शुरू कर दिया। प्रदेश प्रभारी ओम माथुर से लेकर कई दिग्गज नेता गोरखपुर में कई दिनों तक डेरा डाले रहे और योगी आदित्यनाथ के संपर्क में रहे। इसके बाद खुद अमित शाह और उनकी टीम पहुंची। योगी आदित्यनाथ ही इस बार भी केंद्र में थे। योगी ने आश्वस्त किया कि हिंदू युवा वाहिनी एकजुट होकर बीजेपी के प्रचार में लगेगी। हियुवा कार्यकर्ताओं की मीटिंग में भी भाजपा के आला नेता शामिल हुए। हालांकि, इस दौरान हियुवा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह, महामंत्री रामलक्ष्मण समेत आधा दर्जन से अधिक पदाधिकारियों को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। जो प्रत्याशी उतारे गए थे उनसे योगी के दूत मिलकर पीछे हटाने का प्रयास शुरू किया और काफी सफलता भी मिली ।

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