चौंकीदार को पटकनी देगा किसान : राजेन्द्र आर्य

चौंकीदार को पटकनी देगा किसान : राजेन्द्र आर्य

तरावड़ी - 

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र आर्य दादूपुर ने मैं भी किसान नामक राष्ट्रव्यापी आंदोलन को लेकर भैणीकलां, भैणीखुर्द, झंझाड़ी, शामगढ़, तरावड़ी सहित नीलोखेड़ी खंड के दर्जनभर गांवों का दौरा किया।

राजेन्द्र आर्य ने गांवों का दौरा करने के दौरान किसानों को कहा कि देश के आम चुनाव में सभी पार्टियां किसान, मजदूर की अनदेखी कर रही है, किसी भी पार्टी के घोषणा पत्र में किसान, मजदूर के हित का कोई एजेंडा ही नहीं है। चुनावों में केवल और केवल चौंकीदार, चौंकीदार चोर है, नामदार, कामदार, दामदार का ही मुद्दा रह गया है। सभी दलों ने पाकिस्तान-पाकिस्तान चिल्लाकर किसान, मजदूर, गांव-देहात, गरीब-मजलूल के मुद्दों को दबा दिया है।

राजेन्द्र आर्य ने कहा कि सभी पार्टियां अपने कार्यकाल में किए गए किसान हितकारी कामों पर श्वेतपत्र जारी करें। चुनाव के इस माहौल में सभी दलों को किसान एवं खेती को बचाने की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए। मैं भी किसान, आंदोलन का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक दलों तक किसानों की मांगों को पहुंचाना एवं पार्टियों के घोषणा पत्रों में किसान व मजदूर के लिए लाभकारी योजनाओं को शामिल करवाना है। देश की कृषि प्रधान छवि को बचाए रखने के लिए सभी किसानों को एकजुट होना पड़ेगा।

सरसों का दाम 42 सौ रुपए प्रति क्विंटल होने के बावजूद मंडियों में किसान की सरसों को 32 सौ रुपए क्विंटल में लूटा जा रहा है। टयूबवैल कनैक्शन के लिए किसान बिजली कार्यालयों के धक्के खाने पर मजबूर हैं। जब तक एम.एस.पी. एक्ट बनाकर लागू नहीं किया जाता, तब तक किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल सकता। एक मुश्त संपूर्ण कर्जामाफी और स्वामीनाथन की रिपोर्ट एक साथ लागू करने पर ही किसान आत्महत्या रुक सकती है। गन्ना समेत सभी फसलों का रेट स्वामीनाथन के अनुसार बढ़ाकर फसलों पर बोनस दिया जाए। जब तक सभी मुख्य राजनीतिक पार्टियां किसान हितकारी एजेंडे को घोषणापत्रों में शामिल नहीं करती,

तब तक मैं भी किसान, आंदोलन जारी रहेगा। मूल्य और मूल्यांकन के बीच की अस्पष्टता किसान आत्महत्या का मुख्य कारण है। कांग्रेस ने जो धोखा किसानों के साथ किया, भाजपा ने उसे दोगुना करके किसानों को परोसा है। चुनावी माहौल में आचार संहिता का बहाना बनाकर अफसर किसानों को टरका रहे हैं। किसान बिजली, पानी की भारी किल्लत झेल रहा है। अफसरों पर सरकारी की पकड़ ना होने से भी किसान की परेशानियों में इजाफा हुआ है। अगर सत्ताधारी पार्टी किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हुई

तो देश के किसान चौंकीदार को पटकनी देने में देर नहीं लगाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला सचिव सोहनलाल, रामदिया शामगढ़, सतपाल सिंह, सिंहराम सैनी, प्रेम सिंह कश्यप, लालचंद सैनी, गुलाब सिंह, रामकिशन सैनी, पंडित रामपाल, रतीराम सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

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